अमरावती में रोके गए कई बालविवाह
देश के पहले 20 जिलो में अमरावती का समावेश

अमरावती /दि.19 – देश को बालविवाह के मकडजाल से बाहर निकालने हेतु चलाए जा रहे बालविवाह मुक्त भारत अभियान में अमरावती जिले ने जबरदस्त कार्य प्रदर्शन किया है. केंद्र सरकार के मार्फत चलाए जा रहे ऑनलाइन शपथ अभियान में अमरावती जिले के 38 हजार 696 नागरिकों ने उत्स्फूर्त रुप से सहभाग दर्ज कराते हुए इस कुप्रथा के खिलाफ पहल की है. इस जनसहभाग के चलते अमरावती जिले ने महाराष्ट्र राज्य में 7 वां स्थान हासिल किया है. साथ ही देश के टॉप-20 जिलो में भी अमरावती शहर का नाम गूंज रहा है. ऐसे में कहा जा सकता है कि, प्रशासन के योग्य नियोजन एवं आम नागरिकों की जागरुकता के चलते जिले ने बालविवाह के खिलाफ ऐतिहासिक काम किया है.
बता दें कि, केंद्र सरकार ने 20 नवंबर से इस देशव्यापी अभियान की शुरुआत की थी और सन 2030 तक देश को पूरी तरह से बालविवाह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है. इस बडे उद्देश्य की ओर बढते समय पहले चरण के तहत सन 2026 तक देश में बालविवाह के प्रमाण को 10 फीसद कम करने का लक्ष्य रखा गया है. इस काम में अमरावती जिला अब पूरे देश के लिए मार्गदर्शक साबित हो रहा है. इस अभियान के लिए सरकार ने एक विशेष वेबसाइट भी शुरु की है. जिस पर सर्वसामान्य नागरिकों सहित शालेय विद्यार्थियों एवं सरकारी कर्मचारियों जैसे समाज के विविध घटकों से वास्ता रखनेवाले लोगों द्वारा ऑनलाइन शपथ ली जा रही है. अमरावती जिले में 38 हजार 696 नागरिकों ने बालविवाह के खिलाफ प्रतिज्ञा लेते हुए समाज परिवर्तन की दिशा में मजबूत कदम उठाया है.
इस अभियान का उद्देश्य केवल शपथ लेना नहीं, बल्कि बालविवाह के खिलाफ समाज में जागरुकता निर्माण करना है. प्रत्येक नागरिक ने अपने परिवार, रिश्तेदारी व आस-पडौस में कहीं पर भी बालविवाह नहीं होने देने की जिम्मेदारी स्वीकार की है. यदि कहीं पर भी ऐसा कुछ होता दिखाई देता है, तो तुरंत ही हेल्पलाइन क्रमांक 1098 अथवा नजदिकी प्रशासकीय कार्यालय से संपर्क करते हुए जानकारी देने के साथ ही बालविवाह को रोकने की शपथ नागरिकों द्वारा ली गई है. अमरावती जिले द्वारा हासिल यह सफलता केवल आंकडों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बालविवाह की कुप्रथा को समूल नष्ट करने हेतु किए जा रहे संघर्ष का प्रतीक भी है. जिसके चलते अमरावती जिले के इस प्रदर्शन का हर स्तर पर अभिनंदन किया जा रहा है.





