जिले के डेढ़ लाख से अधिक किसान कर्जमाफी के दायरे में!
1500 करोड़ रुपये फसल ऋण बकाया; क्या किसानों को मिलेगा राहत?

अमरावती /दि.19 – जिले में फसल ऋण का भुगतान न होने के कारण करीब 37 हजार किसान जिला बैंकों के डिफॉल्टर बन गए हैं. इन खातों की जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जा रही है. इसी बीच राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण और सहकारी बैंकों के लगभग 80 हजार बकायेदार किसानों का डेटा भरने की प्रक्रिया शुरू है. जिले में कुल मिलाकर लगभग 1500 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया होने की जानकारी प्रशासन ने दी है. सरकार ने प्रस्तावित कर्जमाफी प्रक्रिया को गति दी है. बैंक पात्र किसानों की जानकारी पोर्टल पर भर रहे हैं. इससे पिछले कई वर्षों से मदद की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है.
राज्य में वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक माहौल को देखते हुए किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि डिफॉल्टर खातों की सूची, कर्ज राशि और आधार लिंकिंग की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करें. जिन किसानों के बैंक खाते आधार से जुड़े हैं, उन्हें योजना का लाभ मिलने की संभावना अधिक है.
* मशीनरी के सामने अड़चनें
पोर्टल पर जानकारी भरने का काम शुरू हो चुका है, लेकिन कई तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं. कई किसानों की जमीन रिकॉर्ड और आधार नाम में अंतर है. ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या के कारण बैंकों को डेटा अपलोड करने में देर हो रही है.
* उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट के बाद निर्णय
राज्य सरकार ने 2024 की खरीफ फसल से किसान कर्जमाफी योजना लागू करने की घोषणा की थी. इस संबंध में प्रवीणसिंह परदेसी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट अप्रैल 2025 के पहले सप्ताह में आने की संभावना है. उसके बाद कर्जमाफी की स्थिति स्पष्ट होगी.
* 30 जून अंतिम तारीख
सरकार 30 जून 2025 तक बकायेदार किसानों पर विचार कर रही है. नियमित कर्ज चुकाने वालों के लिए प्रोत्साहन अनुदान मिलने की भी संभावना जताई जा रही है. वर्ष 2020-21 कालावधि के कुछ मामलों को भी शामिल किए जाने की तैयारी की जा रही है. ध्यान देनेवाली बात यह भी है कि, पोर्टल पर जानकारी में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित किसान प्रक्रिया से बाहर हो सकते हैं. जिन किसानों ने अभी तक आधार कार्ड जमा नहीं किया है, उनसे सहकार विभाग के कर्मचारी संपर्क कर रहे हैं.





