मांगलिक कार्यो पर लगेगा ब्रेक

शादियों के साथ अन्य शुभ कार्य होलिका दहन तक करना वर्जित

नागपुर / दि. 20 – 24 फरवरी से होलाष्टक का आगमन हो रहा है. ज्योतिषियों का कहना है कि मांगलिक कार्य तथा शादियों के साथ अन्य शुभ कार्य होलिका दहन तक करना वर्जित माना जाता है. शादियों के सीजन पर फिर एक बार ब्रेक लगनेवाला है. फरवरी महीने में 12 शादियों के मुहूर्त ज्योतिष गणना के अनुसार बताए गए हैं. अभी तक 10 मुहर्त के अंतर्गत शादियों की धूम रहनेवाली है. बाद में होलाष्टक लगने के बाद मांगलिक कार्यो पर विराम लग जाएगा. 2 मार्च को होलिका दहन होगा. आठ दिनों तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे. इसी प्रकार इस माह की शुरूआत में 2 फरवरी से शुक्र गृह के उदय होते ही मांगलिक कार्य आरंभ हुए थे. पूरे महीने में अनेक शादियां संपन्न हुई है और गृह प्रवेश, वास्तु पूजन, उदघाटन ,इंगेजमेंट समारोह, जनेउ संस्कार, अनेक प्रकार के मांगलिक कार्य संपन्न हुए. लेकिन अब मांगलिक कार्यो पर फिर से विराम लगनेवाला है. 18 से 21 फरवरी तक अनेक आयोजन होनेवाले है.
होलाष्टक के बाद शुरू होगा मलमास
24 फरवरी से 2 मार्च तक होलाष्टक रहेगा. 2 मार्च को होलिका दहन होगा और 3 को रंग उत्सव मनाया जायेगा. इसके बाद 14 अप्रैल तक मीन संक्राति यानी मलमास काल रहनेवाला है. मीन संक्राति के लगने के पहले और रंग पंचमी के बाद मार्च महीने में मात्र तीन मुहूर्त है. तीन मुहर्त में मांगलिक कार्य किए जा सकते है. 20 अप्रैल के बाद फिर से मांगलिक कार्य शुरू होंगे और करीब एक महीने तक मांगलिक कार्य संपन्न नहीं हो पाएंगे. 14 मार्च से लेकर 14 अप्रैल तक मांगलिक कार्य को ब्रेक लगा रहेगा. 20 मार्च से चैत्र नवरात्र रहनेवाले है जिनका समापन 26 मार्च को होगा. 26 मार्च को रामनवमी उत्सव मनाया जायेगा और 2 अप्रैल को हनुमान जयंती उत्सव होगा. ज्योतिष गणना के अनुसार हनुमान जयंती के बाद भी मांगलिक कार्यो के शुरूआत के संकेत पंचांग नहीं बता रहे हैं. इसलिए 20 अप्रैल से ही शादियों के सीजन शुरू होंगे. 20 अप्रैल से 16 जुलाई तक मांगलिक कार्य लगातार जारी रहेंगे.

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