जिले की बाल संस्थाओं में स्वतंत्र जांच समिति नियुक्त करें
यारो फाउंडेशन ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.20 –अमरावती जिले की बालसंस्थाओं में संभावित बाल शोषण रोकने के लिए तत्कार स्वतंत्र जांच व सरप्राइज ऑडिट करने की मांग यारो फाउंडेशन ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में की है. ज्ञापन में कहा गया कि, अमरावती जिले की निवासी शाला, दुर्गम क्षेत्र की शाला तथा विविध बालसंस्थाओं में रहनेवाले बच्चे समाज के सबसे असुरक्षित घटक है. ऐसी संस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन व संबंधित संस्था पर होती है. विश्व में हो रही गंभीर घटनाओं ने, खासकर जेफ्री एपस्टीन प्रकरण ने यह साबित कर दिया है कि, बाल शोषण, यौन अत्याचार और मानसिक प्रताडना कई बार प्रतिष्ठित संस्थाओं की आड में होती है. यह समस्या किसी एक देश तक सीमित न होकर भारत में भी ऐसी घटनाएं होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता. अमरावती जिले के विविध बाल संस्थाओ में कई बार बाल अत्याचार, यौन शोषण, मानसिक प्रतापडना और शोषण की घटनाएं सामने आती है. हालांकि, डर, दबाव और प्रभावी देखरेख यंत्रणा के अभाव के कारण यह प्रकरण दबाए जाते है. यह बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य है. इस संबंध में यारो फाउंडेशन के पदाधिकारी अध्यक्ष अश्विन पवार, सचिव श्रीजीत पाटिल, उपाध्यक्ष परवेज अली और कोषाध्यक्ष उज्जवल पांडे ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर इस संबंध में चर्चा की और अपनी मांगे रखी.





