ई-रिक्शा पंजीयन प्रक्रिया के नियमों में बदलाव

पंजीयन प्रक्रिया होगी पारदर्शक

अमरावती /दि.21 – ई-रिक्शा पंजीयन प्रक्रिया में आवश्यक कागजात व पात्रता निकष के संदर्भ में परिवहन विभाग ने कडी भूमिका ली है. जिसमें बैच, वैध वाहन का लाईसेंस व पुलिस चरित्र के प्रमाणपत्र की पूर्तता किये जाने के बाद ही पंजीयन किया जाएगा. जिसमें अब तक सहज मिलने वाले ई-रिक्शा लेने के लिए नियमों की पूर्तता करना अनिवार्य कर दिया गया है. पहले इस सहूलियत का गलत तरीके से फायदा लिया जाता था. जिसको लेकर नियमों में बदलाव किया गया है.

* पंजीयन प्रक्रिया में बदलाव क्यों?
मोटर वाहन कानून 1988 अंतर्गत नियमानुसार सार्वजनिक सेवा वाहन चलाने के लिए वाहन मालक, चालक के पास वैध लाईसेंस तथा बैच रहना आवश्यक है. इसलिए पंजीयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है.

* चरित्र का प्रमाणपत्र आवश्यक
आरटीओ के नये नियमों के अनुसार ई-रिक्शा मालक, चालक को पुलिस से चरित्र का प्रमाणपत्र लेना आवश्यक होगा. जिससे ई-रिक्शा चालकों की पंजीयन प्रक्रिया पर नियंत्रण रखा जाएगा.

* 2260 ई-रिक्शा का पंजीयन
जिले में ई-रिक्शा का चलन चाहे उतना नहीं बढा है. ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ जगहों पर ई-रिक्शा चलन की शुरुआत हुई है. लगभग 2260 ई-रिक्शा का पंजीयन किया गया है. आगामी कुछ दिनों में ई-रिक्शा की संख्या बढेगी.

* अनेक गंभीर मामले आये सामने
केंद्र सरकार की नीति के अनुसार ई-रिक्शा को लाईसेंस की शर्त में छूट दिये जाने पर अनेक गंभीर मामले सामने आये है. एक व्यक्ति के नाम से एक से अधिक ई-रिक्शा पायी गई. वहीं कुछ लोगों पर अपराध दर्ज होने के बाद भी उनकी ई-रिक्शा का पंजीयन दिखाई दिया.

* शर्तों की पूर्तता करने पर किया जाएगा पंजीयन
शासनस्तर पर ई-रिक्शा पंजीयन के नये नियमानुसार सभी शर्तों की पूर्तता करने के बाद ही ई-रिक्शा का पंजीयन किया जाएगा.
– उर्मिला पवार,
आरटीओ, अमरावती.

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