रिहायशी इलाकों में खुला कुडेदान जीवन के अधिकारों का उल्लंघन
हाईकोर्ट ने कहा

नई दिल्ली/दि.21 – दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि, किसी रिहायशी इलाके में खुला कुडेदान और सार्वजनिक मूत्रालय होना वहां रहने वाले लोगों के लिए जीवन के अधिकार का उल्लंघन है. जस्टीस अमित बंसल की पीठ ने नगर निगम (एमसीडी) को निर्देश दिया है कि, याचिकाकर्ता के घर के बाहर लगे खुले कुडेदान और सार्वजनिक मूत्रालय को चार सप्ताह के भीतर हटाया जाये.
कोर्ट ने कहा कि, स्वस्थ जीवन का अभिन्न पहलू स्वच्छ वातावरण है. स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के अभाव में व्यक्ति का गरिमा के साथ जीने का अधिकार प्रभावित होता है. याचिकाकर्ता के घर के ठीक बगल में सार्वजनिक मूत्रालय और खुला कुडेदान होना अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन के अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन है. यह आदेश अधिवक्ता रचित गुप्ता द्वारा दायर याचिका पर दिया गया. उन्होंने बताया कि, उनके घर के बाहर खुला कुडेदान और सार्वजनिक मूत्रालय बना दिया गया था.





