नाबालिग के साथ अश्लील हरकत का आरोपी बरी

अमरावती /दि.26 – भातकुली पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत बुधागड गांव में घटित नाबालिग के साथ दुराचार तथा घर में घुसकर जान से मार देने की धमकी देने के मामले में नामजद आरोपी प्रकाश पंजाब माताडे को स्थानीय तृतीय जिला व सत्र न्यायाधीश गोसावी की अदालत ने सबूतों के अभाव में बाईज्जत बरी कर दिया.
इस्तगासे के मुताबिक 21 जुलाई 2018 को बुधागड गांव निवासी 8 वर्षीय बच्ची सुबह 10 बजे स्कूल से घर वापिस लौटने के बाद पडोस में खेल रही थी, तब प्रकाश माताडे उसे 10 रुपए की नोट देने का लालच देकर अपनी गोद में उठाते हुए अपने घर में ले गया. जहां पर उसने उक्त नाबालिग बच्ची के साथ अश्लील हरकते करते हुए लैंगिक अत्याचार भी किया. जिसके बाद उक्त बच्ची मौका पाकर वहां से भाग निकली और जब दोपहर बाद उसकी मां घर पर लौटी, तो उसने अपनी मां को पूरी बात बताई. बच्ची के साथ घटित वाकया समझ में आने पर जब पीडिता की मां ने आरोपी से इस बारे में पूछताछ की, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद शाम के समय पीडिता की मां ने अपने पति को पूरी बात बताई. जिसके बाद पीडिता के पिता ने भी आरोपी से पूछताछ की, तो आरोपी ने दराती निकालकर पीडिता के माता-पिता को जान से मारने की धमकी दी. जिसके उपरांत पीडिता के माता-पिता ने भातकुली पुलिस थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई. जिसके आधार पर भातकुली पुलिस ने भादंवि की धारा 376, 363, 354, 511, 323 व 506 तथा पोक्सो एक्ट की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया तथा मामले की जांच पूरी कर अदालत के समक्ष चार्जशीट पेश की. जहां पर हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा 18 गवाह प्रस्तुत किए गए. जिनकी गवाही को बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए एड. सुरेश आचार्य, एड. श्वेता आचार्य एवं प्रमुख फौजदारी विधिज्ञ एड. नरेंद्र दुबे ने गलत साबित किया. इसके चलते न्या. गोसावी की अदालत ने आरोपी प्रकाश माताडे को बलात्कार, बलात्कार के प्रयास, जान से मारने की धमकी देने, जान से मारने का प्रयास करने एवं पोक्सो एक्ट की धारा 7 के तहत दर्ज आरोपों से बाईज्जत बरी किया. वहीं भादंवि की धारा 363 के तहत एक साल के कारावास व एक हजार रुपए के जुर्माने तथा भादंवि की धारा 354 के तहत 5 वर्ष के कारावास व 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई. कारावास की दोनों सजाए एक साथ चलेंगी.

 

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