स्वच्छता व शिक्षा में सुधार के साथ ही भूगर्भीय जलस्तर बढाना है प्राथमिकता
राकांपा के स्वीकृत पार्षद भोजराज काले ने बताई अपनी अलग सोच

* दैनिक अमरावती मंडल के साथ विशेष साक्षात्कार में कई मुद्दों पर डाला प्रकाश
अमरावती/दि.28 – अमरावती शहर को साफ-सुथरा व हराभरा बनाने हेतु स्वच्छ भारत मिशन अभियान पर प्रभावी अमल करने के साथ ही मनपा शालाओं में शिक्षा के स्तर को सुधारने तथा शहर में तेजी से घट रहे भूगर्भीय जलस्तर को उंचा उठाने हेतु किए जानेवाले उपायों पर अमल करने की ओर आगामी पांच वर्षों के दौरान पहली प्राथमिकता के साथ ध्यान दिया जाएगा, ताकि आनेवाले समय में इसके सार्थक नतीजे दिखाई दें, इस आशय का प्रतिपादन मनपा के स्वीकृत पार्षद भोजराज काले द्वारा किया गया.
राकांपा के कोटे से मनपा में स्वीकृत पार्षद रहनेवाले भोजराज काले ने स्वीकृत सदस्य के तौर पर अपने चयन हेतु राकांपा के विधायकद्वय संजय खोडके व सुलभा खोडके सहित मनपा के गुटनेता अविनाश मार्डीकर के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि, पार्टी ने जिस विश्वास के साथ उन पर स्वीकृत सदस्य के रुप में जिम्मेदारी सौंपी है, वे उस विश्वास और जिम्मेदारी की कसौटी पर पूरी तरह से खरा उतराने का प्रयास करेंगे. स्वीकृत सदस्य के तौर पर अपने निर्वाचन पश्चात दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के साथ विशेष रुप से बातचीत करते हुए भोजराज काले ने कहा कि, वे खुद टेक्नीकल क्षेत्र से आते है. जिसके चलते हर बात का तकनीकी पक्ष जरुर देखते है. इस बात का निश्चित रुप से आगे चलकर अमरावती महानगर पालिका को फायदा होगा.
मनपा के स्वीकृत सदस्य भोजराज काले ने कहा कि, स्वच्छ भारत मिशन के तहत विभिन्न मानकों के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा भरपूर निधि प्रदान की जाती है. जिसके तहत व्यक्तिगत शौचालयों तथा सार्वजनिक स्वच्छता गृहों व शौचालयों के निर्माण सहित देखभाल व दुरुस्ती के लिए पैसा मिलता है. साथ ही साथ मलजल व्यवस्थापन व घनकचरा व्यवस्थापन के लिए भी निधि आवंटित होती है. जिसका उपयोग करते हुए हम अपने शहर को पूरी तरह से साफ-सुथरा बना सकते है. यदि आज से इस विषय पर काम करना शुरु किया जाए, तो आनेवाले कुछ सालों के भीतर इसके बेहतर नतीजे निश्चित रुप से दिखाई देंगे.
इस बातचीत के दौरान स्वीकृत पार्षद भोजराज काले ने गुजरात के सूरत शहर सहित कोंकण क्षेत्र के वेंगोला शहर का उदाहरण देते हुए कहा कि, सूरत में इसी आधार पर किए गए कामों के सार्थक परिणाम 8 साल बाद दिखाई दिए है और बेहतर नतीजे के तौर पर सूरत शहर का पूरी तरह से कायकल्प हो गया. इसी तरह वेंगोला शहर में भी कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने के साथ-साथ कचरे में निकलने वाले प्लास्टीक का उपयोग रास्तों का निर्माण करने में किया जा रहा है, यह अपनी तरह का अनूठा प्रयोग है. इन दोनों शहरों के पूरी तरह से साफ-सुथरा हो जाने के बाद अब संबंधित क्षेत्रों के निकायों की आय और बचत में भी वृद्धि हो रही है. ठीक इसी तर्ज पर अब ऐतिहासिक, पौराणिक व धार्मिक महत्व रखनेवाले अमरावती शहर को भी साफ-सुथरा व सुंदर शहर बनाने का काम किया जाएगा.
इसके अलावा जनसहभागीता के जरिए मनपा शालाओं में शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार पर बल देते हुए स्वीकृत पार्षद भोजराज काले ने बताया कि, मनपा शालाओं में कक्षा पहली से ही कौशल्य विकास पर ध्यान दिए जाने की जरुरत है. साथ ही साथ मनपा की शालाओं में आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जुडी सभी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने पर ध्यान देना भी जरुरी है. इसके अलावा स्वीकृत पार्षद भोजराज काले का यह भी कहना रहा कि, अमरावती शहर में विगत कुछ वर्षों के दौरान भूगर्भीय जलस्तर बडी तेजी के साथ घटा है. जिसे बढाने की ओर संभवत: अब तक कभी किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया. स्वीकृत पार्षद भोजराज काले के मुताबिक किसी भी नए लेआऊट के साकार होते समय वृक्षारोपण करना और किसी भी नई इमारत को मंजूर करते समय रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पर अमल करना अनिवार्य रहने के बावजूद मनपा द्वारा इन दोनों बातों की जबरदस्त अनदेखी की गई है. जबकि भविष्य को ध्यान में रखते हुए वृक्षारोपण एवं रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अपने-आप में बेहद जरुरी है, ताकि प्रदूषण के स्तर को घटाते हुए पर्यावरण संरक्षण करने के साथ-साथ भूगर्भीय जलस्तर को भी बढाया जा सके. ऐसे में जिन लोगों द्वारा अबतक इसकी अनदेखी की गई है, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के साथ-साथ अब से इस विषय पर सक्ती किए जाने की भी सक्त जरुरत है.