अमरावती शहर के विकास से जुड़े प्रस्तावों को दी जाए मंजूरी
विधान परिषद में विधायक संजय खोडके ने उठाए कई मुद्दे

* मनपा की नई इमारत, अंबादेवी के विकास व भूमिगत गटर योजना का मुद्दा उठाया
* सिलसिलेवार ढंग से मुद्दे उठाकर सरकार से मांगी विकास निधि
मुंबई/दि.28 – महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र में वर्ष 2025-26 की अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने अमरावती शहर और जिले के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से उठाया. उन्होंने नगर विकास, गृह, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, कृषि तथा नियोजन विभाग से संबंधित जनसुविधाओं के प्रस्तावों को तत्काल मंजूरी देने की मांग की. चर्चा के दौरान विधायक खोडके ने कहा कि अमरावती महानगरपालिका की नई प्रशासनिक भवन परियोजना तथा अंबादेवी विकास आराखड़ा का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है. शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए इन दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी प्रदान की जानी चाहिए.
* पुलिस व्यवस्था मजबूत करने की मांग
गृह विभाग से संबंधित मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अमरावती शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है और बढ़ती आबादी को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बनती जा रही है. उन्होंने अमरावती पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में तीन नए पुलिस थानों की स्थापना, शहरभर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, जर्जर पुलिस थानों की नई इमारतें बनाने तथा पुलिस आवास कॉलोनियों के निर्माण के लिए प्रस्तावों को मंजूरी देकर निधि उपलब्ध कराने की मांग की.
* 28 वर्षों से लंबित भूमिगत गटर योजना को मंजूरी देने की मांग
विधायक खोडके ने बताया कि अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र की भुयारी गटर योजना पिछले 28 वर्षों से अधूरी पड़ी है. शहर के विस्तार को देखते हुए इस योजना का संशोधित प्रारूप लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का तैयार किया गया है. शहर की स्वच्छता और भविष्य की आधारभूत सुविधाओं के लिए इस महत्वाकांक्षी योजना को तत्काल मंजूरी देने की आवश्यकता है. उन्होंने नगरोत्थान योजना में मनपा पर पड़ने वाले 30 प्रतिशत आर्थिक हिस्से को घटाकर 10 प्रतिशत करने की भी मांग की, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में होने के बावजूद महानगरपालिका विकास कार्यों को गति दे सके.
* मेडिकल कॉलेज की जमीन पर पुनर्विचार की मांग
वैद्यकीय शिक्षा विभाग से जुड़े विषयों पर बोलते हुए विधायक खोडके ने अमरावती शासकीय मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित जमीन पर पुनर्विचार करने की मांग की. उनका कहना था कि वर्तमान प्रस्तावित स्थान शहर से 13 से 20 किलोमीटर दूर होने के कारण मरीजों को भारी परेशानी होगी. नागपुर हाईवे के पास या जिला स्त्री अस्पताल एवं सुपर स्पेशालिटी अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने से कम खर्च में बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकती है.
* सुपर स्पेशालिटी अस्पताल के विस्तार पर जोर
विधायक खोडके ने कहा कि अमरावती का सुपर स्पेशालिटी अस्पताल पूरे विभाग के पांच जिलों के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है. यहां स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्रस्तावित तीसरे चरण (फेज-3) को मंजूरी देकर आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाए.
* इंजीनियरिंग कॉलेज में कौशल विकास परियोजना
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विधायक खोडके ने बताया कि अमरावती शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय में टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है. लगभग 200 करोड़ रुपये की इस परियोजना में राज्य शासन का 35 करोड़ रुपये का हिस्सा जल्द मंजूर कर मार्च 2026 के बजट में निधि उपलब्ध कराने की मांग की गई.
* जिला नियोजन निधि बढ़ाने की मांग
विधायक खोडके ने कहा कि अमरावती जिले की बढ़ती आबादी और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जिला नियोजन समिति का वार्षिक आराखड़ा 527 करोड़ से बढ़ाकर 1 हजार करोड़ रुपये किया जाना चाहिए, ताकि आदिवासी और सामान्य क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास हो सके.
* कृषि क्षेत्र के लिए अलग एआई नीति की मांग
कृषि विषय पर चर्चा करते हुए विधायक खोडके ने अमरावती विभाग के लिए स्वतंत्र कृषि आधारित एआई नीति लागू करने की मांग की. जिले में संत्रा, तूर, कपास और सोयाबीन जैसी फसलों पर मौसम परिवर्तन और रोगों का प्रभाव पड़ता है. ऐसे में किसानों को समय पर मार्गदर्शन और उत्पादन का वैज्ञानिक प्रबंधन आवश्यक है. साथ ही अमरावती में संत्रा अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की भी मांग उन्होंने सदन में रखी. विधायक संजय खोडके द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को अमरावती शहर और जिले के दीर्घकालीन विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण माना जा रहा है.