मैं ठेकेदार नहीं, मैं सिर्फ कर्मचारी- मुनज्जर अली

मामला एमआईएम के स्वीकृत पार्षद को अयोग्यता की नोटिस देेने का

अमरावती/ दि. 2 – एमआईएम के स्वीकृत पार्षद मुनज्जर अली ने दावा किया है कि मनपा ने उन्हें रिकार्ड में ठेकेदार दर्शार्ते हुए उन्हें अयोग्यता का नोटिस थमा दिया है. जबकि सच्चाई तो यह है कि मैं इटकॉन कंपनी का मालिक नही बल्कि इस कंपनी में ब्रांच मैनेजर था, मनपा आयुक्त को पहले पूरे मामले में जांच कर लेनी चाहिए थी और उसके बाद ही नोटिस जारी करनी चाहिए थी.
मुनज्जर अली ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी कंपनी मनपा को मैनपावर सप्लाई करने का काम करती थी. यह कंपनी नोएडा की है और में इस कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत था. अपनी नौकरी से मैने इस्तीफा भी दे दिया था. लेकिन मनपा से मुझे ही मालिक बताकर मुझे अयोग्यता का नोटिस थमा दिया है.
मुनज्जर अली ने कहा कि 10 अगस्त 2021 से नोएडा की इटकॉन कंपनी ने मनपा को मैन पॉवर उपलब्ध करवाने का काम शुरू किया था. जब मनपा से इटकॉन कंपनी का करार हुआ था तब बतौर कर्मचारी मैने मनपा के एग्रीमेंट पर दस्तखत किए थे. अदालत में भी बतौर कंपनी के कर्मचारी मेरे ही दस्तखत हैं. लेकिन ये दस्तखत कंपनी का मैनेजर होने के नाते मैंने किए थे न कि मालिक होने के नाते ऐसे में मनपा आयुक्त को मुझे नोटिस भेजने के पहले इस बात की पुख्ता जांच कर लेनी चाहिए थी.
2 महीने पहले ही इस्तीफा दिया: मुनज्जर अली ने बताया कि वह इस कंपनी के मैनेजर पद से दो महीने पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं. मनपा की तरफ से पेमेंट भी कंपनी के खाते में जा रहा था. इसके बावजूद मनपा ने मुझे मालिक घोषित कर मुझे नोटिस भेजा है, जो मेरी समझ के बाहर है. उल्लेखनीय है कि शुक्रवार 27 फरवरी को अयोग्यता के संबंध में स्वीकृत पार्षद अली को मनपा प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर दी गई है. बताया जा रहा है कि मुनज्जर अली का नाम महानगरपालिका के रिकार्ड में ठेकेदार के रूप में दर्ज है. इस मामले में महानगरपालिका आयुक्त सौम्या शर्मा ने जांच करवाई थी. जहां प्राथमिक जांनकारी में ठोस सबूत सामने आने पर 27 फरवरी को मुनज्जर अली को तुरंत नोटिस जारी कर अपना स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिए है.
मेरे खिलाफ षडयंत्र
मुनज्जर अली ने कहा कि संभवत: मुझसे जलनेवाले लोगों ने मुझे इटकॉन कंपनी का मालिक बताकर मनपा आयुक्त से शिकायत की होगी. इसके लिए मेरे दस्तखत किए कागजों को झूठा आदर बनाया गया होगा. हालांकि सच्चाई तो यह है कि मैं इस कंपनी में बतौर मैेनेजर कार्यरत था और मुुझे इसका वेतन भी मिलता था.

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