अमरावती में 666 अतिक्रमण धारकों को बड़ी राहत
जिलाधिकारी आशीष येरेकर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक में फैसला

अमरावती/दि.2 – सभी के लिए आवास नीति के तहत अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र के 666 अतिक्रमण धारकों को बड़ी राहत मिली है. नजूल शासकीय जमीन पर आवासीय उद्देश्य से किए गए अतिक्रमणों को नियमानुसार नियमित करने का महत्वपूर्ण निर्णय जिला स्तरीय समिति की बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशीष येरेकर ने की.
महसूल विभाग के अधीन आने वाले महानगरपालिका क्षेत्र की 15 झुग्गी बस्तियों के 666 प्रकरणों को समिति ने शर्तों के अधीन मंजूरी दी. इस निर्णय के बाद संबंधित लाभार्थियों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान बनाने का रास्ता साफ हो गया है.
बैठक में अमरावती महानगरपालिका आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक के मार्गदर्शन में उपायुक्त नरेंद्र वानखड़े ने सचिव के रूप में कार्यवाही संचालित की. इस दौरान उपजिलाधिकारी विवेक जाधव, डॉ. विकास खंडारे, सहायक संचालक नगर रचना सागर वानखड़े, उपअधीक्षक भूमि अभिलेख गजानन डोईफोडे, शहर अभियंता रवींद्र पवार, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता बोरसे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे. समिति के समक्ष वडरपुरा भाग 1 व 2, फ्रेजरपुरा, कुंभारवाड़ा, मोतीनगर (कंपासपुरा), माताफैल, माताखिडकी, इंदिरानगर, मसानगंज भाग 2, रमाबाई आंबेडकर नगर, राजमाता क्र. 2, अण्णाभाऊ साठे नगर क्र. 2, गांधी आश्रम, झाडीफैल और आनंद नगर सहित 15 झुग्गी बस्तियों के प्रकरण प्रस्तुत किए गए थे. प्रथम चरण में प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र अधिकांश लाभार्थियों के मकान कच्चे होने के कारण उन्हें नए पक्के घर बनाने की पात्रता दी गई है. संबंधित विभागों की अनापत्ति और अभिमत के अधीन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है. वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 लागू है. जिलाधिकारी आशिष येरेकर ने पात्र एवं जरूरतमंद नागरिकों से योजना का लाभ लेने की अपील की है. इस निर्णय से शहर के झुग्गीवासियों को कानूनी संरक्षण मिलने के साथ ही पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में बड़ी उम्मीद जगी हैं.





