मनपा की अनियमितता का मामला उठा विधान परिषद में
सुनील खराटे के प्रयासों से विधायक जगन्नाथ अभ्यंकर ने उपस्थित किया

अमरावती/दि.2 – अमरावती महानगरपालिका में कथित अनियमितताओं का मामला अब सीधे विधान परिषद में गूंजा है. बजट सत्र के दौरान विधान परिषद सदस्य जगन्नाथ अभ्यंकर ने औचित्य का प्रश्न उठाते हुए पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
इस मामले में मूल शिकायतकर्ता सुनील खराटे ने अमरावती मनपा में विभिन्न कथित अनियमितताओं को लेकर शासन स्तर पर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी और लगातार उसका अनुसरण किया. उस समय प्रशासक के रूप में कार्यरत प्रवीण आष्टीकर के कार्यकाल में कुछ विवादित निर्णय लिए जाने से करोड़ों रुपये के निधि दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने इसे नगर विकास विभाग को भेजकर जांच की मांग की थी. इसके बाद शासन ने जांच के आदेश जारी किए. विभागीय आयुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई.
बताया जाता है कि समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया, हालांकि अंतिम रिपोर्ट में अपेक्षित कठोर रुख नहीं अपनाए जाने का आरोप भी सामने आया है. इस पर एमएलसी अभ्यंकर ने सदन में प्रशासन की पारदर्शिता पर सवाल उठाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के पैसों से जुड़े किसी भी प्रकार के गैरव्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को इस गंभीर विषय पर तत्काल स्पष्ट रुख अपनाते हुए ठोस निर्णय लेना चाहिए.
* प्रमुख मांगें
– सात सदस्यीय समिति की मूल रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाए.
– महालेखापाल से तत्काल विशेष लेखा परीक्षण कराया जाए.
– दोषियों के खिलाफ समयबद्ध और कठोर कार्रवाई की जाए.
* आईएएस दर्जे के आयुक्त के लिए भी हुआ था प्रयास
अमरावती महानगरपालिका को आईएएस दर्जे का आयुक्त मिले, इसके लिए सुनील खराटे ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर लगातार प्रयास किया था. इसके बाद सरकार ने पहले कलंत्रे और बाद में सौम्या शर्मा चांंडक को आयुक्त पद पर नियुक्त किया. इसके पश्चात उन्होंने मनपा की कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया और उसका लगातार अनुसरण कर रहे है.





