अंबादेवी मंदिर-एकविरादेवी मंदिर परिसर के विकास को दी जाए गति
जिलाधिकारी आशीष येरेकर के निर्देश

* रूक्मिणी विदर्भपीठ का प्रारूप प्रस्तुत
अमरावती/दि.5 – शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों अंबादेवी और एकविरादेवी संस्थान के समग्र विकास के लिए एकीकृत विकास योजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से अमल किया जाए, ऐसे निर्देश जिलाधिकारी आशिष येरेकर ने दिए.
जिलाधिकारी कार्यालय में श्री रूख्मिणी विदर्भपीठ, कौंडण्यपूर तथा अंबादेवी-एकविरादेवी संस्थान के विकास प्रारूप पर प्रस्तुतीकरण किया गया. इस अवसर पर मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे. जिलाधिकारी ने कहा कि दोनों मंदिर शहर के मध्य एवं घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में यहां मूलभूत सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है. मंदिरों के आसपास की संकरी सड़कों का चौड़ीकरण तथा श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की समुचित व्यवस्था प्राथमिकता से की जानी चाहिए. नवरात्रि उत्सव के दौरान भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं विकसित करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि विकास योजना को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाए. साथ ही यदि निर्माण क्षेत्र बढ़ाने की संभावना हो तो महिला बचत समूहों को विभिन्न उत्पाद निर्माण हेतु भवन उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले.
कौंडण्यपूर को तीर्थ एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन से निधि प्राप्त हुई है, जिससे सुरक्षा दीवार का कार्य पूर्ण हो चुका है. संस्थान द्वारा कौशल विकास एवं अन्य उपक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है. शेष निर्माण कार्य एवं सुविधाओं के लिए आवश्यक निधि हेतु शासन स्तर पर पाठपुरावा किया जाएगा. जिलाधिकारी ने भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए संस्थान से पहल करने का भी आह्वान किया.





