जी एच रायसोनी विश्वविद्यालय के संस्कृतिक और क्रीड़ा महोत्सव में छात्रों ने बिखेरे प्रतिभा के सप्तरंग
सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ विविध मैदानी स्पर्धा हुई

अमरावती / दि. 5 – युवाओं में प्रतिभा और कौशल की कमी नहीं है. आवश्यकता है तो केवल उन्हें मंच प्रदान करने की. यह बात जी एच रायसोनी यूनिवर्सिटी अमरावती के युवा सांस्कृतिक और क्रीड़ा महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों ने साबित किया. सप्ताह भर चले इस सांस्कृतिक महोत्सव में विद्यार्थी ने अपनी अभिनय कला और खेल कौशल की अनूठी छाप छोड़ी. जहां उन्होंने सांस्कृतिक स्पर्धाओं में नाट्य और गायन कौशल का परिचय कराया,वही दूसरी ओर उन्होंने विविध मैदानी और इनडोर खेलों में अपनी नेतृत्व कला क्षमता तथा कुशाग्र बुद्धिमत्ता को प्रदर्शित किया.
दो चरणों में आयोजित इस महोत्सव के पहले चरण में क्रीड़ा और दूसरे चरण में सांस्कृतिक स्पर्धाओं का आयोजन किया गया. सांस्कृतिक स्पर्धा के उद्घाटन समारोह में प्रमुख अतिथि के रूप में द कॉलेज ऑफ एनीमेशन बायोइंजीनियरिंग एंड रिसर्च सेंटर, अमरावती के संस्थापक निदेशक विजय राऊत और विशेष अतिथि के रूप में विदर्भ इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड ह्यूमैनिटीज, अमरावती के निदेशक डॉ. सतीश मालोदे उपस्थित रहे. समारोह में विद्यार्थियों ने नृत्य, नाटक ही संगीत गायन तथा फैशन शो के माध्यम से अतिथियों के साथ ही अन्य दर्शकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया.
इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि विजय राऊत ने विद्यार्थियों से ऐसी प्रतिस्पर्धाओं में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिए जाने की बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा की ऐसी प्रतिस्पर्धाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. जबकि विशेष अतिथि डॉ. मालोदे ने कहा की विद्यार्थी जीवन का यही समय उनकी बहिर्मुखी प्रतिभा को निखारता है. इस दौरान पर मंच पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनायक देशपांडे, कुलसचिव डॉ. स्नेहिल जायसवाल, विद्यार्थी कल्याण विभाग के अधिष्ठाता डॉ. प्रशांत अवचट एवं महोत्सव के समन्वयक डॉ. शैलेश ठाकरे और डॉ. सचिन पडोले भी उपस्थित रहे. समापन समारोह में संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. समापन समारोह में विजेताओं को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया.





