बच्चू कडू के आंदोलन से मेलघाट में प्रशासनिक हलचल
कर्जमुक्ति की संघर्ष यात्रा

* पदयात्रा में पांचवें दिन नैना कडू और पुत्र देव का भी सहभाग
अमरावती /दि.5 – मेलघाट की समस्याओं को लेकर पूर्व मंत्री बच्चू कडू द्वारा शुरु की गई संघर्ष यात्रा के पांचवें दिन में प्रवेश करने के साथ परिणाम दिखाई पड रहे है. प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. इस बीच आज कडू की पत्नी प्रा. नयना कडू और पुत्र देवा कडू भी करिब 250 किमी पैदल संघर्ष यात्रा में साथ हो लिये. जिससे संघर्ष यात्रा में सहभागी प्रहारी कार्यकर्ताओं, मेलघाटवासियों का जोश बढ गया.
बच्चू कडू की आज की यात्रा जारिदा से भंडोरा, बुटीदा, पलशा, दहेंद्री, कोमटी, कुटीदा, चुर्नी, ढाणा होते हुए चुर्नी पहुंची. कडू ने बाघ प्रकल्प से अलिप्त गांवों में नियमित बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और रोजगार की ओर तत्परता से ध्यान देने की मांग कर रखी है. इस संदर्भ में जिलाधीश से भी फोन पर बात हो चुकी है. परसों 7 मार्च को उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिये जाने की जानकारी बच्चू कडू ने दी.
पदयात्रा में जगत शनवारे, नरेंद्र टाले, गजेंद्र अलोकार, रामोद मोरले, संजू साओम, गणेश बेठेकर, गणेश राठोड, राजू धाने, रघुवीर सतवासे, प्रवीण बेलकर, सचिन आठोले, गोपाल चतुर, शिवम सतवान, विकास आठवले, राजू अखंडे, रमेश धीकार, गोलू आबेडकर, मुन्ना बेठेकर, कालू बेठेकर, राजू मावस्कर, निशा सेमलकी, विमल धाने, प्रितम साकोम सहित हजारों आंदोलक सहभागी है. बच्चू कडू की संघर्ष यात्रा से प्रशासन गतिविधि करता नजर आ रहा है.
हतरु में कुओं को गहरा करने की मंजूरी दी गई है. हतरु और कारंजखेड में नया बिजली कनेक्शन हाथोंहाथ दिया जा रहा है. उसी प्रकार एकताई गांव में अपने घर के लिए इटें तैयार कर रहे ग्रामीण की ईटें अधिकारी द्वारा तोड दिये जाने के प्रकरण में कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया गया है. राहू ग्राम के छोटे चतुर नामक शख्स ने वन मजदूर के रुप में काम किया था. उनका प्रलंबित मानधन देने की बात अधिकारियों ने स्पष्ट कर दी.





