सत्तारूढ ने कहा विकासाभिमुख, वहीं विपक्ष ने घोषणाओं का पिटारा बताया

अमरावती/दि.7 – राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्य का बजट प्रस्तुत करते हुए किसान के कल्याण के लिए घोषणा कर सितंबर 2025 तक पात्र किसानों के लिए 2 लाख रुपए तक अहिल्यादेवी होलकर योजना के तहत कर्ज माफ करने की घोषणा की. साथ ही नियमित रूप से कर्ज चुकानेवाले किसानों को 50-50 हजार रुपयों का अनुदान देने की भी घोषणा की. इसके अलावा विदर्भ के नागपुर, अकोला, अमरावती के विविध प्रकल्पों के लिए करोडों रुपए का प्रावधान करने की घोषणा की हैं. राज्य के इस बजट को लेकर अमरावती जिले के सात्तारूढ दल से जुडने नेताओं ने इसे विकासाभिमुख बजट करार दिया. वहीं विपक्ष ने घोषणाओं का पिटारा होने की बात कहीं हैं.
* यह बजट विकास का ठोस खाका नहीं हैं
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्बारा प्रस्तुत बजट विकास का ठोस खाका नहीं हैं. बल्कि केवल आंकडो का एक बडा गुब्बारा है, ऐसा आरोप सांसद अमर काले ने किया. उन्होंने कहा कि यह बजट जनता के मुंह पर पत्ते फेरने जैसा है और सारकार ने घोषणाओं का बाजार लगाकर आम लोगों को गुमराह करने का काम किया हैं. उन्होंंने कहा कि राज्य पर कर्ज का भारी बोझ बढता जा रहा हैं. लेकिन सरकार केवल विकास की बाते कर रही हैं. कर्ज की किश्तों के रूप में हर साल हजारों करोड रुपए चुकाने पड रहे हैं. ऐसे में बजट में दिखाए गए बडे बडे आंकडे वास्तविक स्थिति को छुपाने का प्रयास है. सांसद काले ने आगे कहा कि राज्य में बढती बेरोजगारी से युवा परेशान हैं. लेकिन सरकार ने केवल 75 हजार नौकरियों की घोषणा कर आश्वासन की खैरात बांटी हैं. लाडली बहन योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपए देने का चुनाव के समय जोरशोर से प्रचार किया गया. लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हो पाया है. उन्होंने यह भी कि किसानों के लिए घोषित सहायता भी कई शर्तो में उलझी हुई हैं. इसलिए यह बजट किसानों, युवाओं और आम जनता की उम्मीदों पर पानी फेरनेवाला हैं.
– अमर काले, सांसद, वर्धा

* घोषणाओं की बारिश और झोली खाली
महाराष्ट्र के पूर्व राज्यमंत्री (वित्त व नियोजन) डॉ. सुनील देशमुख ने राज्य सरकार के हालिया बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे घोषणाओं की बारिश और जनता के लिए खाली झोली बताया है.उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं और मध्यमवर्ग की वास्तविक समस्याओं की अनदेखी की गई है.
डॉ. देशमुख ने कहा कि चुनाव से पहले किसानों की पूरी कर्जमाफी का वादा किया गया था, लेकिन अब 30 सितंबर 2025 तक के केवल दो लाख रुपये तक के बकाया कर्ज की माफी की घोषणा की गई है, जो किसानों के साथ सीधा विश्वासघात है.उन्होंने कहा कि लाडकी बहिन योजना के तहत 2100 रुपये देने के वादे का भी बजट में कोई उल्लेख नहीं किया गया, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र का अपेक्षित विकास दर 9.4 प्रतिशत था, लेकिन पिछले वर्ष यह घटकर लगभग 4 प्रतिशत रह गया है.ऐसे में अधूरी कर्जमाफी से पहले से संकट में घिरे किसानों की स्थिति और कठिन हो जाएगी.साथ ही कर्जमाफी योजना की विस्तृत शर्तें अभी घोषित नहीं होने से यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने किसान इससे बाहर रह जाएंगे. डॉ. देशमुख ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा कुछ वर्ष पहले घोषित नागपुर से विदर्भ के छोटे शहरों तक मेट्रो विस्तार योजना में अमरावती का भी समावेश बताया गया था, लेकिन इस बजट में इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया. उन्होंने शिक्षा क्षेत्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों सरकारी प्राथमिक स्कूल कम छात्रसंख्या के कारण बंद किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नवी मुंबई हवाई अड्डे के पास छह देशों के विश्वविद्यालयों को मिलाकर एज्यु-सिटी बनाने की घोषणा की जा रही है.उन्होंने कहा कि ग्रामीण शिक्षा की स्थिति इतनी कमजोर है कि सर्वेक्षणों में सातवीं कक्षा के छात्र चौथी कक्षा का गणित भी हल नहीं कर पा रहे हैं. डॉ. देशमुख ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने मुंबई महानगर की तर्ज पर पुणे, नागपुर, नाशिक और छत्रपति संभाजीनगर को ग्रोथ हब बनाने की घोषणा की है, लेकिन अमरावती जैसे विभागीय मुख्यालय को इसमें शामिल नहीं किया गया, जो अमरावती के साथ स्पष्ट भेदभाव है. उन्होंने कहा कि राज्य में 5860 करोड़ रुपये की नागरी जलापूर्ति और सांडपानी पुनर्वापर परियोजना की घोषणा की गई है, लेकिन अमरावती की 1997 से लंबित भुयारी गटर योजना के लिए इस बजट में एक रुपया भी नहीं दिया गया, जबकि इस परियोजना को पूरा कराने के लिए उन्हें उच्च न्यायालय में जनहित याचिका तक दायर करनी पड़ी. डॉ. देशमुख ने अंत में कहा कि मुंबई, नवी मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों के लिए हजारों करोड़ रुपये के मेट्रो और फ्लायओवर प्रकल्प दिए जा रहे हैं, लेकिन विदर्भ के अन्य शहरों की अनदेखी की जा रही है.उन्होंने दावा किया कि 7.9 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि और 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का सपना केवल कागजों तक सीमित है, जबकि महंगाई, बेरोजगारी और किसान संकट जैसे मुद्दों पर बजट में कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया. उन्होंने इस बजट को जनविरोधी और फर्जी विकास का बजट बताते हुए कहा कि यह इतिहास में जनता को भ्रमित करने वाले बजट के रूप में दर्ज होगा.
– डॉ. सुनील देशमुख,
पूर्व मंत्री, अमरावती

* केवल आंकडो का बजट
राज्य का वर्ष 2026 का बजट वास्तविकता से दूर केवल आंकडो से भरा और सपनो का भ्रम प्रतीत होता हैं. विकसित महाराष्ट्र के नाम पर आम जनता की समस्याओं पर मरहम लगाने की बजाय उनकी पीडा को और भी बढा दिया गया हैं. किसान कर्ज माफी के नाम पर एक बार फिर शर्तों का जाल बिछाकर अन्नदाता को ठगा गया हैं. विदर्भ और मराठवाडा जैसे पिछडे क्षेत्रों को नजर अंदाज कर केवल मुंबई की चमक-दमक पर हजारों करोड रुपए खर्च करने की योजना राज्य को भारी राजस्व घाटे की खाई में ढकेलनेवाली है. सरकारी विभागों में खाली पदों की भर्ती पर सरकार खामोश है. लेकिन 50 हजार रोजगार देने का वादा करते हुए फिर से युवाओंं को भ्रमित किया जा रहा हैं. महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दो को दरकिनार कर केवल लाडली बहन योजना जैसी योजनाओं की घोषणा के जरिए महिलाओं को गुमराह किया जा रहा हैं. विकास की ठोस उपाययोजना की बजाय स्मारकों की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही हैं. कुल मिलाकर यह बजट आम जनता की उम्मीदो पर खरा उतरने की बजाय धुल झोकनेवाला साबित हो रहा हैं.
– बबलू शेखावत,
शहराध्यक्ष कांग्रेस

* समाज हित को किया नजरअंदाज
महाराष्ट्र राज्य का बजट मुख्यमंत्री तथा वित्तमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्बारा शुक्रवार को विधानसभा में प्रस्तुत किया गया है. इस बजट का अवलोकन करने पर इसे सामाजिक समरसता वर्ष का बजट बताया गया हैं. लेकिन वास्तव में इस बजट में गरीब, मजदूर और खेतिहर मजदूरों के जीवनस्तर और रहनसहन को सुधारने के लिए कोई ठोस उपाययोजना दिखाई नहीं दे रही है. लंबी दूरी की सडकों का निर्माण और उद्योगों के प्रकल्प शुरू करना विकास की दिशा जरूर हो सकती हैे. लेकिन इसका प्रत्यक्ष लाभ समाज के अत्यंत गरीब वर्ग तक नहीं पहुंचता. एक तरफ राज्य की 26 हजार स्कूलों को बंद करने की बात कहीं जा रही हैं. वहीं दूसरी ओर बजट में देवधर्म से जुडे प्रकल्पों के लिए करोडों रुपए का प्रावधान किया गया हैं. प्रगतिशील महाराष्ट्र के लिए यह उचित और न्यायसंगत नहीं हैं.
– किशोर बोरकर, कांग्रेस प्रदेश महासचिव

* विकसित महाराष्ट्र 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तुत 2026-27 का बजट विकसित महाराष्ट्र 2047 के लक्ष्य की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, ऐसी प्रतिक्रिया अमरावती के महापौर श्रीचंद तेजवानी ने व्यक्त की. महापौर तेजवानी ने कहा कि बजट में पायाभूत सुविधाएं, उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जिससे राज्य के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि संत गाडगेबाबा की 150वीं जयंती के अवसर पर तीर्थक्षेत्र सर्किट विकास, ग्राम समृद्धि अभियान तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सहायता से संत गाडगेबाबा उन्नत ग्राम योजना लागू करने का निर्णय ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा. महापौर तेजवानी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट महाराष्ट्र के संतुलित और समग्र विकास के लिए दिशादर्शक साबित होगा.
– श्रीचंद तेजवानी, महापौर

* अमरावती के विकास को मिला बजट में स्थान
महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट का स्वागत करते हुए अमरावती महानगरपालिका के उपमहापौर सचिन भेंडे ने कहा कि इस बजट में अमरावती शहर के कई महत्वपूर्ण प्रकल्पों को स्थान दिया गया है, जिससे शहर के विकास को गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि अमरावती के मध्यवर्ती और अत्यंत महत्वपूर्ण रेल्वे ब्रिज के लिए बजट में प्रावधान किया गया है. साथ ही श्रद्धास्थान हनुमान गढ़ी परिसर के विकास को भी न्याय दिया गया है. इसके अलावा डॉ. पंजाबराव देशमुख प्रशासकीय भवन को भी बजट में स्थान मिलने से प्रशासनिक सुविधाएं और मजबूत होंगी. उपमहापौर भेंडे ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की कर्जमुक्ति का बड़ा निर्णय लेते हुए किसानों को राहत देने का प्रयास किया है. वहीं लाडकी बहिन योजना को भी यथावत जारी रखा गया है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा. उन्होंने कहा कि इस बजट से किसान, खेतमजदूर, मेहनतकश वर्ग, महिलाएं और बहनें सभी को लाभ मिलेगा. इसलिए आज का दिन राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण और सोन्याचा दिवस साबित हुआ है. इस अवसर पर उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महायुति सरकार का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बजट के लिए हार्दिक बधाई और अभिनंदन दिया.
– सचिन भेंडे, उपमहापौर

* निशानो को दिया वचन निभाएं
संकट में आए किसानों को सांत्वना देते हुए देवाभाउ ने कहा था कि संपूर्ण किसानों की कर्जमाफी होगी. अब देवाभाउ ने किसानों को दिया वह वचन पूरे तरह निभाया हैं. किसानों को राहत देने के लिए यह कर्जमाफी काफी महत्वपूर्ण हैं. किसानों के कृषिपंप के विद्युत बिल माफ किए गए है. ग्रामीण क्षेत्र के घरकुल, लाडली बहनों के पैसे, जलयुक्त शिवार के काम आदि बातों को राज्य के वित्तीय बजट के माध्यम से राहत दी गई हैं.
– डॉ. अनिल बोंडे, सांसद

* नंबर एक बजट
वैराग्यमूर्ति संत गाडगे बाबा के 150 जन्मशताब्दि वर्ष निमित्त जन्मस्थल, कर्मभूमि और निर्वाणभूमि सर्कित विकसीत किया जाएगा. डॉ. पंजाबराव देशमुख के नाम भव्य विभागीय शैक्षणिक संकूल विकसित करने की भी घोषणा की गई. हवाई अड्डे का विस्तार, हनुमान गढी के लिए 121 करोड रुपए की निधि, राजकमल उडानपुल के लिए निधि आदि अनिक बाते अमरावती को इस बजट में मिली है. इतना ही नहीं बल्कि किसानों का 2 लाख रूपए का कर्ज माफ किया गया है.मुलभूत सुविधा, उद्योग, खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्व के क्षेत्र को बजट में दी गई प्राथमिकता राज्य के सर्वांगिण विकास को नई गति देनेवाली साबित होगी. यह बजट सर्वोच्च और नंबर एक बजट हैं.
– रवि राणा, विधायक

* बजट ने वास्तविकता का बोध खो दिया हैं
वर्षों से किसान कृषि संबंधि गंभीर संकट से जूझ रहे हैं. अच्छी बारिश के बावजूद कृषि व सलग्न क्षेत्रों की विकास दर 9.1 प्रतिशत से घटकर 3.4 प्रतिशत हो गई हैं. यानी 5 प्रतिशत गिरावट आई हैं. बेमौसम बारिश, फसलों को नुकसान और बाजार में अस्थिरता के कारण किसान परेशान हैं. ऐसे में केवल घोषणाएं करना पर्याप्त नहीं हैं. बल्कि किसानों को तत्काल प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता और गारंटीशुदा कीमतों की मजबूत व्यवस्था उपलब्ध करना आवश्यक हैं. महाराष्ट्र का 2026 काबजट मात्र आंकडों का एक धूंधलापण और सपनों का भ्रम है, जो वास्तविकता से बिल्कुल परे है. यह बजट केवल घोषणाओं की बौछार है. जिसका कोई क्रियान्वयन नहीं हैं.
– बबलू देशमुख, अध्यक्ष
अमरावती जिला कांग्रेस कमेटी, ग्रामीण

* अजीतदादा का सपनों का बजट
राज्य के बजट में ग्रामीण किसानों, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और अवसंरचना पर विशेष जोर देने का प्रयास किया गया है. प्रगति और सामाजिक प्रतिबद्धता को बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है. पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर कर्ज माफी योजना, नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के लिए प्रावधान किए गए है.
– संतोष महात्मे, जिला अध्यक्ष, एनसीपी.

* समाज के सभी वर्गों को न्याय
इस बजट में किसानों को विशेष राहत दी गई है. पात्र किसानों के लिए 30 सितंबर, 2025 तक बकाया कर्ज माफ किए जाएंगे, 2 लाख रुपये तक का ऋण माफ किया जाएगा और नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन सहायता दी जाएगी. किसानों को दिन में बिजली मिलेगी और साढ़े सात एचपी तक के पंपों के बिजली बिल माफ किए जाएंगे. मत्स्य उद्योग के लिए 1,240 करोड़ रुपये का कोष घोषित किया गया है, लड़की बहन योजना जारी रहेगी, 25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जाएगा और शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं. इस बजट में अच्छी योजनाओं की घोषणा की गई.
– मिलिंद बांबल, पार्षद व अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा अमरावती शहर जिला

* एक व्यापक, संतुलित विकास की परिकल्पना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा प्रस्तुत बजट केवल वित्तीय प्रावधानों का खाका नहीं है, बल्कि राज्य के व्यापक और संतुलित विकास की दृष्टि को दर्शाने वाला दस्तावेज है. बजट में राज्य के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक आयामों को ध्यान में रखते हुए विकास प्रक्रिया को एक व्यापक दिशा देने का स्पष्ट प्रयास दिखता है. जिले में संत गाडगेबाबा तीर्थ सर्किट विकसित करने का निर्णय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.अमरावती हवाई अड्डे का विस्तार, डॉ. पंजाबराव देशमुख शैक्षणिक परिसर की स्थापना का निर्णय, साथ ही किसानों, महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रस्तावित विभिन्न योजनाएं राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक स्थिरता को मजबूत कर रही है.
– सुमति ढोके, नगरसेविका

* महाराष्ट्र का विकास बजट
2047 तक महाराष्ट्र को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला विकसित देश बनाने के सपने के साथ, राज्य के दूरदर्शी नेतृत्व वाले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस बार बजट पेश किया है. यह बजट न केवल एक सपना प्रस्तुत करता है, बल्कि इस सपने को साकार करने का एक खाका भी पेश करता है, जो इस बजट की विशेषता है. किसानों के लिए कर्ज माफी, नियमित कर्जदाताओं के लिए प्रोत्साहन राशि, लाडली बहन योजना का जारी रहना, किसानों और कृषि श्रमिकों के लिए वित्तीय सशक्तिकरण योजना, एकल महिला योजना, स्वयं सहायता समूह उत्पाद बिक्री प्रणाली जैसी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है. सूक्ष्म उद्योगों पर विशेष जोर दिया गया है. विदर्भ में नागपुर रक्षा केंद्र, गढ़चिरोली इस्पात केंद्र और अमरावती वस्त्र केंद्र बनेगा. यह बजट महाराष्ट्र के विकास का बजट है, रोजगार सृजन का बजट है, किसानों, कृषि श्रमिकों, महिलाओं, श्रमिकों और लघु उद्यमियों का बजट है, एक दूरदर्शी बजट है.
– किरण पातुरकर, पूर्व भाजपा शहराध्यक्ष

* महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के लिए उपयुक्त
आज महाराष्ट्र राज्य के कर्तव्यनिष्ठ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य का बजट प्रस्तुत किया. यह बजट महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बेरोजगारों के लिए अत्यंत उपयोगी है. इससे महाराष्ट्र को भविष्य में निश्चित रूप से लाभ होगा और उसे समृद्धि प्राप्त करने में मदद मिलेगी. इसके लिए मैं मुख्यमंत्री देवेंद्रजी फडणवीस का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ. बधाई हो!
– नाना अमले, समूह नेता, वाईएसपी

* यह बजट महाराष्ट्र के विकास की नींव रखनेवाला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा प्रस्तुत बजट महाराष्ट्र के विकास की नींव रखने वाला बजट है. राज्य के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए ह.अमरावती के सभी शैक्षणिक कार्यालयों को एक ही स्थान पर लाने के उद्देश्य से डॉ. पंजाबराव देशमुख शैक्षणिक परिसर का निर्माण अमरावती के छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. तेरह जिलों में उमेद मॉल स्थापित करने का निर्णय भी महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
– बादल कुलकर्णी, महासचिव- भाजपा अमरावती

* राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिली
यह बजट राज्य के समग्र विकास के लिए उत्प्रेरक है, जनता की अपेक्षाओं को पूरा करता है और महाराष्ट्र को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाता है. यह बजट बुनियादी ढांचे, कृषि, उद्योग, शिक्षा, रोजगार सृजन और शहरी विकास सहित सभी क्षेत्रों को मजबूत करने के दूरदर्शी प्रयासों को दर्शाता है. विशेष रूप से शहरों के विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय स्वशासन निकायों को सशक्त बनाने के लिए लिए गए निर्णय स्वागत योग्य ह.मुझे विश्वास है कि यह बजट राज्य में विकास कार्यों को नई गति प्रदान करेगा और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगा. मुझे पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व और राज्य सरकार की विकासोन्मुखी भूमिका के कारण महाराष्ट्र अधिक सक्षम, समृद्ध और उन्नत बनेगा.
– ऋषिकेश देशमुख, नगरसेवक

* व्यापक विकासोन्मुख बजट
किसानों के कर्ज माफी के लिए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी कर्ज माफी योजना की घोषणा की गई है. नागपुर में एक नई चित्रनगरी शुरू की जाएगी. साथ ही, महाराष्ट्र में चार नई योजनाओं की घोषणा की गई है: महाराष्ट्र प्राकृतिक कृषि मिशन, मत्स्य संपदा योजना, ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना और महाराष्ट्र बलिराज शेतबंधन नरस्ते योजना. इतना ही नहीं, युवाओं के लिए 75 हजार पदों पर भर्तियां की जाएंगी. अब तक एक लाख बीस हजार पद भरे जा चुके ह.एक व्यापक विकासोन्मुख बजट पेश किया गया है. 2047 की ओर बढ़ने के लिए पारदर्शी सुशासन आवश्यक है.
– कुणाल टिकले, भाजपा शहर उपाध्यक्ष

* विकास को गति देने वाला बजट
महाराष्ट्र का बजट 2026, दिवंगत अजीत पवार की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कार्यगति का एक शानदार संगम है. सरकार ने कैंसर की दवाओं को सस्ता करके संवेदनशीलता दिखाई है, वहीं बुनियादी ढांचे पर जोर देना राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा. सरकार ने कर्ज माफी की घोषणा करके आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को बड़ी राहत दी है. महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 राज्य के विकास के लिए उत्प्रेरक है और इसमें सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है. किसानों, महिलाओं, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के लिए इस बजट में किए गए प्रावधान स्वागत योग्य हैं.
– सुनील खराटे, भाजपा, अमरावती

* सकारात्मक कदम
विधायक केवलराम काले ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार श्रृजन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए बजट में प्राथमिकता दी हैं. यह महाराष्ट्र राज्य की प्रगति के लिए सकारात्मक कदम हैं. इन योजनाओं का लाभ आम जनता को मिलेगा. समाज के अंतिम घटक को ध्यान में रखकर बजट में प्रावधान किया गया हैं. मेलघाट के विकास के लिए ठोस प्रावधान और पर्याप्त निधि उपलब्ध करवाई गई हैं.
– केवलराम काले, विधायक

* यह बजट महिला और युवाओं को सक्षम बनानेवाला
राज्य सरकार द्बारा घोषित बजट अभिनंदनीय है. यह बजट आदिवासी, महिला और युवाओं को सक्षम बनाएंगा. बजट में ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है. मुफ्त बिजली योजना, सौर कृषि पंप जैसी पहल किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक है. बुनियादी सुविधाओं का विकास, सिंचाई परियोजना और मूलभुत ढांचे के लिए आर्थिक प्रावधान किया गया हैं.
– प्रवीण तायडे, विधायक

* जनता के हाथ में झुनझुना
मोर्शी विधानसभा क्षेत्र की चार लाख जनता के लिए राज्य के मुख्यमंत्री व वित्तमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने झुनझुना थमाया है. पगडंडी मार्ग के डामरिकरण के लिए निधि नहीं दी गई हैं. नए बांध और सिंचाई प्रकल्प, दलीत व आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए फुटी कैडी नहीं दी गई. 28 गांव का पुनर्वसन लटका हुआ हैं. राजुरा बाजार ग्रामीण अस्पताल व बेनोडा ट्रामा केअर रद्द किया गया है.
– देवेंद्र भुयार, पूर्व विधायक

* 2047 के बुलंद महाराष्ट्र का आगाज
समाजसेवी लप्पीसेठ जाजोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट प्रस्तुत कर इतिहास रचा हैं. 2047 के बुलंद महाराष्ट्र का आगाज किया गया हैं. समाज के हर घटक को न्याय देने का प्रयास किया गया हैं. किसान कर्जमाफी कर सरकार ने अपना वादा पूरा किया. राजकमल चौक का रेलवे उडानपुल, हनुमान गढी सौंदर्यीकरण , डॉ. पंजाबराव देशमुख प्रशासकीय भवन को निधी दी गई. रामटेक में फिल्म सिटी बनने से विदर्भ के कलाकारों को सक्षक्त मंच मिलेगा.






