नागपुर में 42 हजार करोड़ रुपये के निवेश की परियोजना का शुभारंभ
सीएम फडणवीस ने किया महत्वाकांक्षी प्रकल्प का भूमिपूजन, 35 हजार रोजगार सृजन की उम्मीद

नागपुर /दि.7- महाराष्ट्र में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को नागपुर-अमरावती राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लिंगा क्षेत्र में ‘एक्सएसआईओ एडवांस इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक पार्क’ परियोजना का भूमिपूजन किया.
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था वर्तमान में लगभग 664 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है. यदि महाराष्ट्र एक स्वतंत्र देश होता तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में उसका स्थान 30वें नंबर पर होता. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमेशन और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों के कारण उत्पादन प्रक्रिया में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिल रहा है. फडणवीस ने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग क्षेत्र के सहयोग से आने वाले समय में महाराष्ट्र देश की पहली ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा. इस परियोजना के माध्यम से राज्य में लगभग 42 हजार करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आने की संभावना है, जिससे करीब 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई है.
इस समय परियोजना से जुड़ी कंपनी के प्रबंध निदेशक आशीष अग्रवाल ने बताया कि यह निवेश विश्व की अग्रणी वैकल्पिक निवेश प्रबंधन कंपनी इश्ररलज्ञीीेंपश खपल. के सहयोग से किया जा रहा है. इस पहल के अंतर्गत महाराष्ट्र में 15 विश्वस्तरीय औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क स्थापित करने की योजना बनाई गई है. परियोजना के तहत राज्यभर में कुल 35 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिनमें से 10 हजार से अधिक रोजगार केवल नागपुर क्षेत्र में उपलब्ध हो सकते हैं. नागपुर में स्थापित किए जाने वाले चार औद्योगिक पार्कों में लगभग 60 लाख वर्ग फुट निर्माण क्षमता विकसित की जाएगी, जबकि राज्यभर के सभी प्रस्तावित प्रकल्पों की कुल क्षमता करीब 1 करोड़ वर्ग फुट होगी. नागपुर में बनने वाला एक्सएसआईओ एडवांस इंडस्ट्रियल पार्क लगभग 10 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा. इस पार्क में प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग, भारी इंजीनियरिंग और बड़े पैमाने पर वेयरहाउसिंग तथा स्टोरेज सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना के माध्यम से न केवल नागपुर और विदर्भ क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.





