जिले में करीब 200 पेट्रोल पंप, रोजाना 11 से 12 लाख लीटर इंधन की खपत

फिलहाल पेट्रोल व डीजल के दामों में कोई वृद्धि नहीं, इंधन आपूर्ति भी अबाध रुप से जारी

* अगले 10 से 15 दिनों के लिए डिपो में भरपूर स्टॉक उपलब्ध, सरकार के फैसले पर सभी की निगाहें
अमरावती /दि.7- इस समय इजराईल-ईरान के बीच चल रहे युद्ध और अमरीका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के चलते पूरी दुनिया में ईरान सहित अन्य खाडी देशों से होनेवाली कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है और पूरी दुनिया पर इंधन दरवृद्धि का खतरा भी मंडरा रहा है. जिसके चलते आए दिन इंधन दर वृद्धि को लेकर कई तरह की खबरे भी फैलने लगती है और लोगबाग अपने वाहनों के इंधन टैंक फुल कराने हेतु पेट्रोल पंपों पर पहुंच जाते है. ऐसे में स्थिति को स्पष्ट करने हेतु अमरावती जिला पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन द्वारा बार-बार बताया जा रहा है कि, इस समय सभी पेट्रोलियम कंपनियों के सप्लाई डिपो में आगामी 10 से 15 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है और डिपो से पेट्रोल पंपों तक पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति भी सामान्य व सुचारु ढंग के साथ चल रही है. साथ ही पेट्रोल व डीजल के दामों में वृद्धि को लेकर भी फिलहाल केंद्र सरकार व पेट्रोलियम मंत्रालय से कोई निर्देश नहीं मिले है. जिसके चलते शहर सहित जिले में पेट्रोल 105.11 रुपए तथा डीजल 91.65 रुपए प्रति लीटर की दर पर बिक रहा है.
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए अमरावती पेट्रोल पंप डीलर्स एसो. के अध्यक्ष भारत मोरे व सचिव सौरभ जगताप ने बताया कि, अमरावती शहर सहित जिले में 200 के आसपास पेट्रोल पंप है. जिनमें हिंदुस्थान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम व इंडियन ऑईल के लगभग 180 तथा नायरा व रिलायंस कंपनी के करीब 20 पेट्रोल पंपों का समावेश है. इन सभी 200 पेट्रोल पंपों से अमरावती जिले में रोजाना 11 से 12 लाख लीटर पेट्रोल व डीजल की विक्री होती है. जिसके लिए भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्थान पेट्रोलियम व इंडियन ऑईल के पेट्रोल पंपों पर अमरावती शहर से 110 किमी दूर गायगांव (जि. अकोला) स्थित डिपो से पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति होती है. गायगांव स्थित डिपो पर अमरावती संभाग सहित मराठवाडा के नांदेड जिले में पेट्रोल व डीजल की सप्लाई होती है. वहीं नायरा कंपनी का डिपो वर्धा तथा रिलायंस कंपनी का डिपो मुंबई में है, जहां से इंधन की आपूर्ति की जाती है.
भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्थान पेट्रोलियम व इंडियन ऑईल जैसी पेट्रोलियम कंपनियों के उच्च अधिकारियों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि, इस समय गायगांव डिपो में पेट्रोल व डीजल का भरपूर स्टॉक उपलब्ध है. जिसे आगामी 10 से 15 दिनों के लिए काफी हद तक पर्याप्त भी कहा जा सकता है. जिसके चलते फिलहाल चिंता व दिक्कत वाली कोई बात नहीं है. लेकिन इस दौरान आगे के लिए मंत्रिमंडल द्वारा कीमतों को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, उस पर काफी कुछ निर्भर करेगा. साथ ही पेट्रोल पंप संचालकों एवं पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों ने पेट्रोल व डीजल की दर वृद्धि को लेकर फैल रही बेसिर-पैर वाली खबरे व अफवाहों पर ध्यान नहीं देने का आवाहन भी किया.                                                                                                                                                  * पाकिस्तान में एक झटके के साथ 55 रुपए लीटर से महंगा हुआ पेट्रोल
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, खाडी देशों में उपजे युद्धसदृष्य हालात के चलते दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है. जिसकी वजह से उन देशों में पेट्रोल व डीजल की किल्लत भी पैदा होनी शुरु हो गई. यही वजह है कि, पहले ही भीषण महंगाई और आर्थिक बदहाली का शिकार रहनेवाले पडोसी मुल्क पाकिस्तान में आज पेट्रोल के दामों में एक झटके के साथ प्रति लीटर 55 रुपए का इजाफा हो गया. साथ ही साथ भारत में भी एलपीजी सिलेंडरों के दामों में वृद्धि हुई है. जिसके चलते अब भारत में जल्द ही पेट्रोल व डीजल के दामों में इजाफा होने की संभावना भी जताई जा रही है. जिसके चलते अच्छा-खासा हडकंप भी मचा हुआ है. हालांकि सरकार द्वारा बार-बार आश्वस्त किया जा रहा है कि, देश में पेट्रोलियम पदार्थों का भरपूर स्टॉक उपलब्ध है. जिसके चलते आम नागरिकों ने कोई भी चिंता नहीं करनी चाहिए.
यहां पर ध्यान देनेवाली बात यह भी है कि, करीब 30 लाख की जनसंख्या वाले अमरावती जिले में ही रोजाना 11 से 12 लाख लीटर पेट्रोल व डीजल की खपत होती है तथा भौगोलिक रुप से आकार में काफी बडे रहनेवाले भारत देश में 570 जिले है. जिसके चलते देश में रोजाना होनेवाली इंधन की खपत का सहज अनुमान लगाया जा सकता है. यही वजह है कि, देश में पेट्रोल और डीजल की रोजाना होनेवाली भारी-भरकम खपत और जरुरत को देखते हुए बार-बार यह आशंका जताई जा रही है कि, यदि खाडी देशों में युद्ध का दायरा और अधिक बढ गया तथा यदि युद्ध ज्यादा लंबे समय तक खींच गया, तो इसका सीधा असर भारत में होनेवाली कच्चे तेल की आपूर्ति पर पडेगा. जिसकी वजह से देश में पेट्रोल व डीजल की किल्लत भी पैदा हो सकती है.

Back to top button