डॉ. दिव्या अग्रवाल को देश में पहला स्थान

डीएनबी क्रीटीकल केयर मेडीसीन में ऐतिहासिक सफलता

चांदुर रेलवे/ दि.9- राधेश्याम आइल इंडस्ट्रीज के संचालक गजानन मोतीलाल अग्रवाल की पुत्र वधू डॉ. दिव्या बलराम अग्रवाल ने डीएनबी क्रीटीकल केयर मेडीसीन जैसी कठिन परीक्षा में समस्त भारतवर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. उनकी गौरवपूर्ण उपलब्धि पर समस्त चांदुर शहर हर्षित और गौरवान्वित महसूस कर रहा है. विभिन्न क्षेत्र से डॉ. दिव्या और अग्रवाल परिवार को बधाई और शुभकामनाएं मिल रही है.
चिकित्सा जगत की कठिन परीक्षा
डीएनबी क्रीटीकल केयर मेडीसीन चिकित्सा जगत की अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक और कठिन एक्जाम मानी जाती है. अनेक प्रतिभाशाली डॉक्टर इस एक्जाम के लिए प्रयास करते हैं. ऐसे में डॉ. दिव्या ने देश में अव्वल स्थान हासिल कर अपने परिवार, गुरूजनों और समाज का नाम गौरवान्वित किया है. उनकी शैक्षणिक यात्रा प्रारंभ से ही उज्वल रही है.
निरंतर मेरिट और मेधावी
डॉ. दिव्या ने स्कूली शिक्षा रांची के लोरेटो कान्व्हेंट स्कूल से आयसीएसई बोर्ड से समस्त झारखंड में कक्षा 10 वीं में दूसरा स्थान लाया था. उन्होंने श्यामली जवाहर विद्या मंदिर से कक्षा 12 वीं भी मेरिट में उत्तीर्ण की थी. मैसूर के जीएसएस मेडिकल कॉलेज से 2017 में एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की. उन्हें पैथालॉजी और बायो कैमिस्ट्री में दो गोल्ड मेडल भी प्राप्त हुए. देश में कोरोना महामारी के कठिन दौर में उन्होंने गहन चिकित्सा विभाग आयसीयू में कार्य करते हुए गंभीर रूप से दाखिल मरीजों की सेवा की. डॉक्टर्स पर उस समय भारी जिम्मेदारी थी. डॉ. दिव्या अग्रवाल ने भी समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ मरीजों की देखभाल की.
उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए महात्मा गांधी संस्थान सेवाग्राम में प्रवेश लिया और वर्ष 2021 में एमडी एनेस्थेशिया की डिग्री 72% अंक के साथ प्राप्त की. एनेस्थीसीओलॉजी चिकित्सा जगत की महत्वपूर्ण शाखा है. सर्जरी और गंभीर मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका इन विशेषज्ञों की होती है. डॉ. दिव्या ने उत्कृष्ट दक्षता प्राप्त की.
19 फरवरी 2022 को उनका विवाह चांदुर रेलवे के डॉ. बलराम गजानन अग्रवाल के संग हुआ. डॉ. बलराम वर्तमान में नैशनल कैंसर संस्थान नागपुर से डीएनबी मेडिकल ऑन्कोलॉजी की पढाई कर रहे हैं. डॉ. दिव्या ने पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल से डीएनबी क्रीटीकल केयर मेडीसीन का प्रशिक्षण पूर्ण किया. राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में उन्होंने संपूर्ण देश में नेशनल टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है. उनके निरंतर परिश्रम, दृढ संकल्प और चिकित्सा सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक यह उपलब्धि है. चांदुर रेलवे का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ है. यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी है.

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