सीपी ओला की अचानक विजिट से महकमों में हलचल

जब स्वयं पुलिस आयुक्त लेते हैं साइबर अपराध की फरियाद

* आयुक्तालय के विभिन्न कैबिन का सहज मुआयना
अमरावती/दि.9 – एक अधिकारी के एक्शन में आ जाने से क्या परिवर्तन होता है, यह अमरावती के लोगों ने अनेक अवसरों पर अनुभव किया है. भूतकाल में भी ऐसे अफसरान यहां आये हैं, जो सुपर एक्टीव रहने के साथ अपने विभाग में तत्परता ले आये थे. पुलिस ऐसा ही क्षेत्र है, जहां अधिकारी के एक्टीव होने से अपराधों की जांच पडताल न केवल तेजी से होती है, अपितु अपराधियों में डर का वातावरण बना रहता है. अवैध धंधों पर लगातार एक्शन होती है. इसी कडी में पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने आज दोपहर 12 बजे एकाएक अपने कक्ष से बाहर आकर आयुक्तालय के विभिन्न कैबिन और विभागों के कामकाज का अवलोकन किया, तो कुछ देर के लिए मातहत अधिकारी व कर्मी सकपका गये थे.
हुआ यह कि, सीपी ओला ने आज कार्यालय पहुंचने के बाद रुटीन कामकाज किया. जरुरी निर्देश अधीनस्थों को दिये. फिर सहसा उन्होंने कक्ष से बाहर निकलकर विभिन्न कैबिन, सामान्य प्रशासन, लाईसेंस, जनशिकायतें, साइबर सेल, 112 नियंत्रण कक्ष का एक के बाद एक अवलोकन प्रारंभ किया. वहां शिकायत देने आये लोगों के साथ अधिकारियों के व्यवहार को देखा, उसी प्रकार दैनंदिन कामकाज में आने वाली दिक्कतों को भी जाना.
* सीपी ओला ने खुद ली फरियाद
साइबर शाखा में पहुंचे पुलिस आयुक्त राकेश ओला को वहां शिकायत देने आये लोग मिले. सीपी ने स्वयं उनकी शिकायत जानी. फिर उसे रीतसर दर्ज करने और एक्शन लेने के निर्देश दिये. सीपी ओला के इस रुप से शिकायतकर्ता लोगों को बडा अचंभा भी हुआ और अच्छा भी लगा कि, सीधे पुलिस आयुक्त उनकी फरियाद सुन रहे हैं. उल्लेखनीय है कि, साइबर अपराधों की संख्या लगातार बढ रही है. आये दिन सामान्य लोग साइबर अपराधियों के शिकार हो रहे हैं. अमरावती पुलिस ने साइबर क्राइम में कई प्रकरणों का तत्परता से पता लगाकर लोगों की लाखों की जमापूंजी रिकवर की है.
* अधिकारी हक्के-बक्के
पुलिस आयुक्त ओला द्वारा दोपहर अचानक विभिन्न कक्ष-कार्यालयों में जाकर अवलोकन किये जाने से अफसरान कुछ क्षणों के लिए अवाक रह गये थे. वहीं पुलिस आयुक्त ने सहजता से काम करने के निर्देश दिये. बल्कि उन्होंने अधीनस्थों से जानना चाहा कि, उनके दैनंदिन कामकाज में कोई व्यवहारिक समस्या आती है क्या? किसी साधन सुविधा की कमी तो नहीं?

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