गांधीगिरी खत्म, अब हाथों में त्रिशूल लेकर संघर्ष

पूर्व मंत्री बच्चू कडू के सरकार को अल्टीमेटम का समय समाप्त

* मंत्री उदय सामंत व प्रकाश आबिटकर पहुंचे बच्चू को समझाने
* मेलघाट संघर्ष यात्रा के नौवें दिन बेहद संतप्त दिखे बच्चू कडू
* हजारों समर्थकों के साथ आज सुबह पहुंचे चिखलदरा
* आईटीआई मैदान पर प्रहारियों ने लगाया डेरा
अमरावती/चिखलदरा/दि.9 – विगत 1 मार्च से मेलघाट क्षेत्र के आदिवासियों एवं किसानों की विभिन्न मांगों के साथ ही सरकार को किसान कर्जमाफी का स्मरण कराने हेतु मेलघाट संघर्ष यात्रा पर निकले प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता व मुखिया बच्चू कडू आज अपनी यात्रा के नौवें दिन चिखलदरा पहुंचे और उन्होंने अपने हजारों समर्थकों के साथ चिखलदरा स्थित आईटीआई के मैदान पर डेरा डाला. जहां पर उनके द्वारा आदिवासियों व किसानों की एक सभा को भी संबोधित करना प्रस्तावित था. इस समय पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए एक बार फिर दोहराया कि, अब शांतिपूर्ण आंदोलन का चरण समाप्त हो चुका है और अब वे गांधीगिरी खत्म कर अपने हाथों में त्रिशूल लेते हुए सरकार के साथ संघर्ष करेंगे. ऐसे में यदि सरकार ने इस आंदोलन के जरिए उठाई जा रही मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आगे की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल होगा. वहीं पूर्व मंत्री बच्चू कडू द्वारा पहले ही दी गई चेतावनी को ध्यान में रखते हुए आज राज्य सरकार ने राज्य के उद्योग मंत्री डॉ. उदय सामंत तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर को पूर्व मंत्री बच्चू कडू से बात करने व समझाने के लिए चिखलदरा भेजा. जिन्होंने दोपहर बाद पूर्व मंत्री बच्चू कडू से चिखलदरा के आईटीआई मैदान पर आयोजित सभा में बातचीत करते हुए उन्हें राज्य सरकार की ओर से उनकी सभी मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया. समाचार लिखे जाने तक दोनों मंत्रियों की पूर्व मंत्री बच्चू कडू के साथ बातचीत चल रही थी.
बता दें कि, विगत 1 मार्च से मेलघाट संघर्ष यात्रा पर निकले पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार को सोमवार 9 मार्च की दोपहर 4 बजे तक का समय दिया जाएगा और उस समय तक संघर्ष यात्रा के तहत सभी आंदोलनकारियों द्वारा गांधीगिरी वाले मार्ग पर चलते हुए शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन किया जाएगा और यदि इस समय तक संघर्ष यात्रा में उठाई गई मांगे पूरी नहीं होती है, तो फिर इसके बाद आंदोलनकारी त्रिशूल लेकर आगे बढ़ेंगे. साथ ही जरूरत पड़ने पर किसी भी स्तर तक संघर्ष करेंगे. पूर्व मंत्री बच्चू कडू द्वारा दी गई इसी चेतावनी को बेहद गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों डॉ. उदय सामंत व प्रकाश आबिटकर को आज बच्चू कडू से बातर करणे व उन्हें समझाने के लिए चिखलदरा भेजा गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक मंत्री डॉ. उदय सामंत व प्रकाश आबिटकर के साथ बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने बताया कि जिले स्तर के अधिकांश मुद्दों का समाधान हो चुका है, लेकिन शासन स्तर के कई महत्वपूर्ण प्रश्न अभी भी लंबित हैं. इसको लेकर उन्होंने जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संभवत: पालकमंत्री बावनकुले किसी और काम में व्यस्त हैं और उन्हें यहां के आदिवासी तथा आंदोलनकारियों की समस्याओं की चिंता नहीं है. इसके साथ ही पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने यह आरोप लगाया कि प्रशासन आंदोलन को दबाने के लिए कार्यकर्ताओं पर मामले दर्ज करने की भूमिका अपना रहा है. उन्होंने कहा कि पूरे आंदोलन के दौरान उन्होंने कहीं भी राजनीतिक बयानबाजी नहीं की, लेकिन अब उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.
इसके अलावा इस समय राज्य सरकार की रेत नीति का मुद्दा उठाते हुए कडू ने कहा कि मध्यप्रदेश से आने वाली रेत पर शून्य रॉयल्टी लगती है, जबकि महाराष्ट्र में उस पर रॉयल्टी देनी पड़ती है, जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान हो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी मतदाताओं ने 1 लाख 40 हजार मतों से अपने प्रतिनिधि को चुनकर विधानसभा में भेजा है, इसलिए उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है. अंत में कडू ने चेतावनी देते हुए कहा, अब तक हमने गांधीगिरी का रास्ता अपनाया, लेकिन अगर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आगे त्रिशूल लेकर संघर्ष करना पड़ेगा.

* बच्चू के जरिए मेलघाट के आदिवासियों को दिख रही उम्मीद की किरण
– संघर्ष यात्रा में मेलघाट के किसानों व आदिवासियों के साथ दिव्यांगों का भी समावेश
दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के चिखलदरा तहसील संवाददाता मनोज शर्मा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक आदिवासी बहुल मेलघाट क्षेत्र के आदिवासियों व किसानों की समस्याएं विगत कई वर्षों से जस की तस प्रलंबित पडी है. जिन्हें हल करने की ओर लंबे समय से कोई ध्यान नहीं दिया गया. ऐसे में जब प्रहार जनशक्ति पार्टी के मुखिया व पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने इस क्षेत्र के आदिवासियों व किसानों की लंबे समय से प्रलंबित समस्याओं व दिक्कतों को लेकर मेलघाट संघर्ष यात्रा निकाली, तो क्षेत्र के आदिवासियों व ग्रामिणों को पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने उम्मीद की रोशनी दिखाई थी. यही वजह है कि, बच्चू कडू द्वारा निकाली गई मेलघाट संघर्ष यात्रा में मेलघाट क्षेत्र के हजारों आदिवासियों व किसानों के साथ-साथ दिव्यांगों का भी समावेश है और मेलघाट की वादियों में ‘बच्चू कडू तुम आगे बढो’ के नारे गुंजायमान है. साथ ही पूर्व मंत्री बच्चू कडू द्वारा मेलघाट क्षेत्र निकाली गई 250 किमी की दूरी तय करनेवाली संघर्ष यात्रा को मेलघाट के सभी गांवों में जबरदस्त प्रतिसाद भी मिला.
* पुलिस एवं प्रशासन हाई अलर्ट पर
चिखलदरा से दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के तहसील संवाददाता मनोज शर्मा ने यह जानकारी भी दी कि, पूर्व मंत्री बच्चू कडू द्वारा निकाली गई मेलघाट संघर्ष यात्रा के मद्देनजर पुलिस एवं तहसील प्रशासन पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है. जिसके तहत जहां एक ओर जगह-जगह पर पुलिस का तगडा बंदोबस्त लगा हुआ दिखाई दे रहा था. वहीं तहसील कार्यालय सहित सभी सरकारी महकमों के अधिकारी व कर्मचारी भी अपनी-अपनी ड्यूटी पर पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दे रहे थे.

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