कर्ज माफी को लेकर असमंजस की स्थिति, मानदंडो का इंतजार
2 लाख तक राहत, पुरानी शर्ते या नई? किसानों में संभ्रम

अमरावती/दि.10 – राज्य सरकार द्वारा घोषित पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमाफी योजना के तहत दो लाख रुपये तक के बकाया कृषि ऋण को माफ करने की घोषणा की गई है. हालांकि, योजना के स्पष्ट मानदंड अब तक सामने नहीं आने से किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
सरकार ने घोषणा की है कि जिन किसानों पर 30 सितंबर 2025 तक दो लाख रुपये तक का बकाया ऋण है, उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाएगा. लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कर्जमाफी में केवल मूलधन शामिल होगा या ब्याज भी, जिससे किसानों और बैंक प्रशासन दोनों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है. योजना की घोषणा के बाद कई किसान अपने-अपने बैंकों में जाकर जानकारी ले रहे हैं. हालांकि बैंक अधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक दिशा-निर्देश और पात्रता मानदंड जारी नहीं होते, तब तक लाभार्थी किसानों की सूची तैयार करना संभव नहीं है.
किसान विशेष रूप से इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि योजना में डिफॉल्टर किसानों के लिए कट-ऑफ तारीख क्या होगी और किन मानदंडों के आधार पर कर्जमाफी का लाभ दिया जाएगा. इस संबंध में सहकारिता विभाग की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है.
* पहले भी लागू हो चुकी हैं कर्जमाफी योजनाएं
राज्य में इससे पहले भी किसानों के लिए कर्जमाफी योजनाएं लागू की जा चुकी हैं.
– छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना (2017)
– कर्ज माफी सीमा: 1.5 लाख रुपये
– पात्र किसान: 1,97,773
– लाभ प्राप्त करने वाले किसान: 1,78,325
– कुल लाभ: 844.28 करोड़ रुपये
– महात्मा ज्योतिराव फुले किसान कर्जमाफी योजना (2020)
– कर्ज माफी सीमा: 2 लाख रुपये
– पात्र किसान: 1,33,974
– लाभ प्राप्त करने वाले किसान: 1,19,193
– कुल लाभ: 857.27 करोड़ रुपये
नई कर्जमाफी योजना की घोषणा के बाद अब दो लाख रुपये से अधिक कर्ज वाले किसान भी मानदंडों को लेकर सवाल उठा रहे हैं. किसानों का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे, ताकि उन्हें यह पता चल सके कि वे इस योजना के पात्र हैं या नहीं.





