दुबई से सकुशल लौटी चंद्रेश अहरवार फैमिली

घबराने की बात नहीं, वहां सब ठीक

* रोज अब 250 उडानें सुरक्षा में हो रही संचालित
* भारत सरकार का प्रयास और प्रभाव सराहनीय
अमरावती/दि.10 – दुबई के मरीना क्षेत्र में रहकर ट्रेडिंग कारोबार करनेवाले अमरावती के सुपुत्र चंद्रेश भागीरथ अहरवार परिवार सहित सकुशल लौट आए हैं. उन्होंने अमरावती मंडल से खास चर्चा में बताया कि वहां हालात अभी सामान्य नहीं है. किंतु सभी ठीक कहा जा सकता है. सुरक्षा सिस्टम के कारण अब एयर इंडिया की उडानें दो गुनी कर दी गई है. बडी संख्या में भारतीय युध्द प्रवण दुबई से सकुशल अपने वतन लौट रहे हैं. उन्होंने बताया कि निश्चित ही भारत सरकार के प्रयास और प्रभावों से यह संभव हो पाया है. चंद्रेश अहेरवार अपनी पत्नी नेहा और पुत्र क्रिशिव के संग वहां रहकर गत 4-5 वर्षो से कारोबार कर रहे थे. अमेरिका- इरान युध्द के बाद ईरान द्बारा यूएई पर किए गये मिसाइल व ड्रोन हमले के कारण उनके अमरावती निवासी पिता तथा प्रसिध्द साहू हिंदी पुस्तकालय के ग्रंथपाल भागीरथ अहेरवार द्बारा चिंता व्यक्त करने पश्चात चंद्रेश परिवार सहित स्वदेश लौटे.
* पहले दिन से ही हमला
चंद्रेश अहरवार ने अमरावती मंडल को बताया कि ईरान पर अमेरिका के हमले शुरू होते ही ईरान ने अमेरिका बेस वाले चार देशों को पहले दिन से निशाना बनाना शुरू किया. यूएई, सउदी अरब, कतार, बहरीन, कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन दागे. जिससे दुबई में भी कई स्थानों पर हमले हुए. फलस्वरूप समस्त दुनिया में हलचल मची.् चंद्रेश अहेरवार ने बताया कि दुबई ऐसा शहर है. जहां 90 प्रतिशत लोग बाहर से आकर बसे हैं.
* 40 प्रतिशत भारतीय
चंद्रेश ने बताया कि दुबई में रहनेवाले लोगों में 40% भारतीय होने से खाडी युध्द शुरू होते ही उन्हें और अन्य भारतीयों को स्वदेश लौट आने के कॉल परिजनों से आने लगे. किंतु आरंभिक दिनों में मिसाइल तथा ड्रोन अटैक को देखते हुए उडानें रोक दी गई थी. जिससे अफरा-तफरी जैसा माहौल भारत के लोगों ने अपनी कल्पना में महसूस किया. जबकि वहां ऐसा कुछ न था.
* मिसाइल रोधी सिस्टम
दुबई में मिसाइल रोधी सिस्टम फाड और पैट्रीअट कार्यरत रहने से वहां मिसाइल अथवा ड्रोन अटैक की स्थिति में आकाश में ही उसे नष्ट कर देने का काम लोगों ने प्रत्यक्ष देखा. उसी प्रकार शासन की ओर से अटैक होने की स्थिति में कुछ मिनट पहले ही सूचना दे दी जाती है. जिससे लोग सुरक्षित जगह पर शिफ्ट हो जाते हैं. हालांकि मरीना क्षेत्र में रहनेवाले चंद्रेश और नेहा अहरवार के साथ ऐसी कोई नौबत नहीं आई. तथापि चंद्रेश ने बताया कि, अटैक शुरु होने के दो-तीन दिनों बाद ही हालात लगभग सामान्य जैसे हो गए. फाड और पैट्रीअट एक्टीव होने से कोई भी ईरानी मिसाइल या ड्रोन दुबई का कुछ नहीं बिगाड सके. लोगों में भी शासन-प्रशासन ने अपने उपायों से भरोसा पैदा कर दिया कि, सभी सुरक्षित है.
* एयर इंडिया की उडाने हुई दोगुनी
भारतीयों में दुबई पर हो रहे हमलों के कारण चिंता का वातावरण रहा. भारत से लगातार अपने करीबियों को फोन कॉल होने से परिजनों के आग्रह पर लोगों ने स्वदेश लौटने का मन बनाया, तो युद्ध काल में भी दो-तीन दिनों में उडाने सामान्य होने लगी. एयर इंडिया की 4-5 उडाने दुबई से होती थी. उसकी संख्या 10-12 तक पहुंच जाने की जानकारी देते हुए चंद्रेश अहरवार बताते हैं कि, उनकी दो उडाने रद्द हुई, मगर एयर इंडिया की उडान से वे बडे सहजता से मुंबई और सोमवार सबेरे मुंबई से अमरावती उडान से यहां सकुशल, सहपरिवार आ गए. उन्हें सकुशल देख माता-पिता भागीरथ अहरवार और श्रीमती अहरवार तथा अन्य परिजन की खुशी का ठिकाना न रहा. चंद्रेश अहरवार ने बताया कि, अब महीना-दो महीना अमरावती में ही रहेंगे. अब तो वर्क फ्रॉम होम भी संभव है.

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