1 लाख रुपए की रिश्वत लेते धरे गए दो नगर रचनाकार
लेआऊट पर पहला सिक्का मारने हेतु मांगी थी रिश्वत

* शिकायत मिलते ही एसीबी के दल ने बिछाया जाल
* दोनों घूसखोरों को रिश्वत लेते रंगेहाथ धर दबोचा
* जिलाधीश कार्यालय के पीछे सहायक संचालक नगर रचना विभाग में हुई कार्रवाई
अमरावती/दि.10 – स्थानीय जिलाधीश कार्यालय के पीछे स्थित राज्य नगर रचना व मूल्य निर्धारण विभाग के सहायक संचालक शाखा कार्यालय में आज दोपहर बाद उस समय हंगामे व हडकंप वाली स्थिति बन गई, जब इस कार्यालय में कार्यरत दो नगर रचनाकारों को भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग के दल ने एक व्यक्ति से 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ धर दबोचा. जिसके बाद एसीबी के दल ने इस पूरे कार्यालय में ‘झाडा-झडती’ करते हुए सघन तलाशी भी ली और पकडे गए दोनों रिश्वतखोरों को एसीबी कार्यालय में ले जाकर उनसे कडी पूछताछ भी की. पकडे गए दोनों रिश्वतखोरों के नाम नगर रचनाकार तुषार अमित नंद एवं सहायक नगर रचनाकार गौरव अरुण भगत बताए गए है. जिन्होंने शिकायतकर्ता व्यक्ति से उसके लेआऊट के नक्शे पर पहला सिक्का मारने की ऐवज में उससे 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी. जिसकी शिकायत उस व्यक्ति ने भ्रष्टाचार प्रतिबंधक विभाग से की थी. जिसके आधार पर मामले की पडताल करते हुए एसीबी के पुलिस उपअधीक्षक सुनील किनगे के नेतृत्व में एसीबी के दल ने आज दोपहर बाद जिलाधीश कार्यालय के पीछे स्थित राज्य सरकार के नगर रचना व मूल्य निर्धारण विभाग में अपना जाल बिछाया तथा सहायक संचालक कार्यालय में कार्यरत दोनों नगर रचनाकारों को शिकायतकर्ता व्यक्ति से 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ धर दबोचा. यह कार्रवाई एसीबी के पुलिस निरीक्षक फड, पीएसआई सतीश किटुकले व पुलिस कर्मी युवराज राठोड, वैभव जायले के पथक द्वारा की गई.