अमरावती में ‘लोकल’ पुलिस के आशीर्वाद व मिलीभगत से फल-फूल रही ड्रग्ज तस्करी

विधायक संजय खोडके ने विधान मंडल के बजट सत्र में उठाया मुद्दा

* शहर के पुलिस थानों के कामकाज पर लगाए सवालिया निशान
* ड्रग्ज तस्करी को रोकने कडे कदम उठाए जाने की जताई जरुरत
अमरावती/दि.10 – अमरावती शहर में मैफेड्रोन यानि एमडी ड्रग्ज की तस्करी और विक्री जमकर हो रही है और इन दिनों अमरावती शहर एक तरह से एमडी ड्रग्ज की तस्करी व विक्री का सबसे बडा हब बना हुआ है. यह बात हर किसी को अच्छी तरह से पता है. लेकिन अमरावती शहर के पुलिस थानों के अधिकारियों को शायद इसकी जानकारी नहीं है. संभवत: इसी वजह के चलते ड्रग्ज तस्करी व विक्री के खिलाफ लोकल पुलिस थानो द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही. जिसके चलते या तो राजस्व गुप्तचर संचालनालय तथा नार्कोटिक्स विभाग या फिर शहर पुलिस की क्राईम ब्रांच द्वारा ड्रग्ज तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. इसका एक मतलब यह भी निकाला जा सकता है कि, लोकल पुलिस थानो के आशीर्वाद और मिलीभगत से अमरावती शहर के कुछ खास इलाको में एमडी ड्रग्ज की तस्करी व विक्री का व्यवसाय लगातार फल-फूल रहा है, इस आशय का प्रतिपादन विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने आज राज्य विधान मंडल के बजट सत्र दौरान विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश करते हुए किया.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य संजय खोडके ने आज राज्य विधान मंडल के जारी बजट अधिवेशन के दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि, विगत दिनों अमरावती शहर पुलिस की क्राईम ब्रांच ने नागपुरी गेट थाना क्षेत्र के लालखडी से सुकली वनारसी रोड पर जबरदस्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को 2 किलो 80 ग्राम एमडी ड्रग्ज की खेप के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. पकडी गई ड्रग्ज की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 3 करोड 1 लाख 10 हजार रुपए बताई गई है. वहीं इससे पहले विगत फरवरी माह के पहले सप्ताह के दौरान राजस्व गुप्तचर संचालनालय तथा नार्कोटिक्स विभाग द्वारा संयुक्त रुप से की गई कार्रवाई में भी अमरावती के नवसारी परिसर से 4 किलो 900 ग्राम एमडी ड्रग्ज बरामद की गई थी. जिसकी कीमत 7.45 करोड रुपयों से लेकर 10 करोड रुपए के आसपास आंकी गई थी. ऐसे में सबसे बडा सवाल यह है कि, जब अमरावती शहर में बाहर से करोडों रुपयों की एमडी ड्रग्ज लाकर बेची जा रही है, तो फिर संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिस अधिकारी और डीबी स्क्वॉड क्या कर रहे है.
बता दें कि, विगत फरवरी माह के दौरान राजस्व गुप्तचर संचालनालय व नार्कोटिक्स विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए अमरावती के नवसारी क्षेत्र से 4 किलो 900 ग्राम एमडी ड्रग्ज की खेप बरामद किए जाने के बाद विधायक संजय खोडके ने इस मामले को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए विधान परिषद में उठाते हुए बताया कि, अमरावती शहर वर्ष 2021 से एमडी ड्रग्ज की तस्करी व विक्री का मुख्य केंद्र बना हुआ है. जहां पर गुजरात के अहमदाबाद से एक आंतरराष्ट्रीय गिरोह के जरिए एमडी ड्रग्ज की खेप को अमरावती लाया जा रहा है. इस रैकेट में अमरावती शहर के कुछ होटल मालिकों व कुख्यात गुटखा माफियाओं का भी सहभाग रहने की संभावना है और ड्रग्ज विक्री का नेटवर्क शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास व युवाओं तक पहुंच गया है. लेकिन इसके बावजूद भी स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा समाज के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय रहनेवाले इस मामले की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा.
विधान परिषद में विधायक संजय खोडके द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए उपस्थित किए गए इस मुद्दे पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री (शहर) योगेश कदम ने कहा कि, इस समय महाराष्ट्र के लगभग सभी बडे शहर ड्रग्ज तस्करी की समस्या से जूझ रहे है और इस समस्या पर काबू पाने हेतु राज्य सरकार की ओर से तमाम आवश्यक कदम उठाए जा रहे है. जिन पर खुद मुख्यमंत्री व गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा व्यक्तिगत तौर पर ध्यान दिया जा रहा है. इसके साथ ही ड्रग्ज तस्करों के साथ लोकल पुलिस की मिलीभगत रहने के आरोप को खारिज करते हुए गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने बताया कि, मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत कोई भी एजेंसी अथवा पुलिस द्वारा इंटेलिजन्स इनपुट के आधार पर अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर भी कार्रवाई की जाती है. इसका यह मतलब कतई नहीं निकाला जा सकता कि, लोकल पुलिस की ड्रग्ज तस्करों के साथ किसी भी तरह की कोई मिलीभगत है. साथ ही राज्यमंत्री योगेश कदम ने यह भी बताया कि, अमरावती शहर में ड्रग्ज तस्करी को लेकर हुई दोनों कार्रवाईयों में नागपुरी गेट थाना पुलिस की भी सक्रिय सहभागिता रही. इसके अलावा अमरावती शहर पुलिस के सभी पुलिस थानो द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्र अंतर्गत ड्रग्ज तस्करी एवं विक्री के अवैध व्यापार में लिप्त तत्वों पर कडी नजर रखी जा रही है.

Back to top button