कमर्शियल सिलेंडर बंद, होटल व रेस्टॉरेंट व्यवसाय ठप

कई होटलों पर लटके ताले, व्यवसाय के साथ ही हजारों कामगारों का रोजगार खतरे में

अमरावती /दि.11 – ईरान व इजराईल के बीच चल रहे युद्धजन्य हालात तथा खाडी देशों में तनावपूर्ण स्थिति के चलते इस समय देश में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति का मामला गडबडा गया है. साथ ही आयओसीएल, एचपीसीएल व बीपीसीएल इन तीनों कंपनियों द्वारा 19 किलो वाले व्यवसायिक सिलेंडर की आपूर्ति को बंद कर दिया गया है. ऐसे में खाद्य पदार्थों की दरे बढने, मेन्यू में बदलाव होने तथा सीधे-सीधे होटल व्यवसाय ठप पडकर हजारों कामगारों का रोजगार चले जाने का खतरा भी पैदा हो गया है.
खाडी देशों में पैदा हुए युद्धजन्य हालात तथा इंधन की संभावित किल्लत को ध्यान में रखते हुए आयओसीएल द्वारा 9 मार्च को तथा एचपीसीएल व बीपीसीएल द्वारा विगत 2 दिनों से कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को बंद कर दिया गया है. जिसके चलते अब होटल, रेस्टॉरेंट व अन्य निजी व्यवसायों के लिए 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे, बल्कि इन सिलेंडरों की आपूर्ति केवल अस्पतालो तथा शैक्षणिक संस्थानों यानि होस्टलों के लिए ही मर्यादित कर दी गई है. साथ ही साथ जिला प्रशासन को इस बात पर नजर रखने का आदेश दिया गया है. उधर दूसरी ओर केंद्र सरकार ने गत रोज हुई कैबिनेट बैठक में सप्लाई को 20 फीसद बढाने का आदेश दिया है, साथ ही जमाखोरी को नियंत्रित करने हेतु जीवनावश्यक अधिनियम को भी लागू किया गया है.
बता दें कि, अमरावती शहर सहित जिले में रोजाना 200 से 300 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की खपत होती है. शहर सहित जिले में नाश्ते की हजारों गाडियों सहित सभी होटलों व रेस्टॉरेंट में कमर्शियल गैस सिलेंडरों का ही प्रयोग होता है. ऐसे में यदि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत हुई तो खाद्य पदार्थों की कई दुकाने बंद हो सकती है. जिससे दुकान संचालकों सहित हजारों कामगारों के रोजगार पर भी असर पडेगा. वहीं दूसरी ओर अब होली के पर्व पश्चात शादी-ब्याह का सीजन शुरु होने जा रहा है. शहर सहित जिले में आगामी सीजन के दौरान 200 से 300 विवाह समारोह होनेवाले है. ऐसे में यदि कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत होती है, तो इसका सीधा असर मंगल कार्यालयों एवं कैटरिंग वालों पर भी पडेगा.

* शादी-ब्याह के सीजन में कैटरिंग वालों को होगी दिक्कत
उल्लेखनीय है कि, होली का पर्व बितने के साथ ही अब शादी-ब्याह का सीजन शुरु हो गया है और आगामी डेढ-दो माह के दौरान अमरावती शहर सहित जिले में लगभग 200 से 300 विवाह समारोह आयोजित होने जा रहे है. जिनमें भोजन बनाने व परोसने का जिम्मा अलग-अलग कैटरिंग व्यवसायियों द्वारा उठाया जाता है, जो रसोई तैयार करने के लिए व्यावसायिक सिलेंडरों का ही प्रयोग करते है. परंतु व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति बंद कर दिए जाने के चलते इन व्यवसायों पर भी काफी बडा संकट आन पडा है और अब सभी कैटरिंग व्यवसायियों को पुराने जमाने की तरह लकडी की भट्टी पर खाद्य पदार्थ तैयार करने पडेंगे. जिसके चलते मेन्यू में भी बदलाव करना होगा. साथ ही साथ जलाऊ लकडी की दरें भी काफी अधिक रहने के चलते कैटरिंग व्यवसायियों की भी दरे अधिक रहेंगी.

* वितरकों पर ‘वॉच’, सीधे दर्ज होगा अपराध
सभी गैस वितरकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि, वे अपने कार्यक्षेत्र में रोजाना होनेवाले सिलेंडर वितरण पर खुद ध्यान रखे. यदि कोई भी डिलेवरी बॉय या वितरक घरेलू गैस सिलेंडर को व्यावसायिक काम के लिए प्रयोक करता अथवा ज्यादा दाम पर विक्री करता पाया गया, तो ऐसे मामलों में सीधे फौजदारी अपराध दर्ज करते हुए संबंधित वितरक के लाईसेंस को रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी. जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा 15 फ्लाईंग स्क्वॉड भी गठित किए गए है.

* अवैध प्रयोग को रोखने हेतु जांच
कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति बंद हो जाने के चलते अब घरेलू एलपीजी गैस का बडे पैमाने पर व्यावसायिक कामों में अवैध तरीके से प्रयोग होने का खतरा है. जिसे रोकने हेतु राज्य सरकार ने ‘मिशन मोड’ पर कार्रवाई शुरु की है. जिसके तहत जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक व आपूर्ति अधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में गैस एजेंसियों की जांच-पडताल करने का अधिकार सरकार द्वारा दिया गया है.
* सरकार द्वारा जारी किए गए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के चलते गैस सिलेंडरों की जमाखोरी व कालाबाजारी को रोकने हेतु आपूर्ति विभाग द्वारा उडनदस्ते गठित किए गए है. जिनके द्वारा ‘मिशन मोड’ पर कार्रवाई की जा रही है. साथ ही सभी गैस वितरकों के यहां से होनेवाले गैस वितरण के काम पर कडी नजर भी रखी जा रही है.
– आशीष येरेकर
जिलाधीश, अमरावती.

 

* कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद होना सभी के लिए तकलिफदेह फैसला है. अब सभी होटल व रेस्टॉरेंट व्यवसायियों को लकडी व कोयले की भट्टी शुरु करते हुए अपना काम चलाना होगा. जिसका सीधा असर मेन्यू पर पडेगा और हमें व्यंजनों की श्रृंखला को कम करना होगा. हालांकि इसकी वजह से दर वृद्धि की कोई संभावना नहीं है. इस फैसले का सभी के व्यवसायों पर असर पडेगा.
– रविंद्रसिंह उर्फ बिट्टू सलूजा
अध्यक्ष, रेस्टॉरेंट व लॉजिंग एसो.
अध्यक्ष, खाद्यपेय विक्रेता मंडल.

* जिले में व्यावसायिक सिलेंडरों की दैनिक मांग
आयओसीएल – 26
एचपीसीएल – 60
बीपीसीएल – 213
कुल – 233

* जिले में होटल, बार व रेस्टॉरेंट की संख्या
बार – 435
होटल – 800
रेस्टॉरेंट – 2000

* घरेलू गैस सिलेंडर पर्याप्त स्टॉक किंतु भंडारण न करें
– डीएसओ निनाद लांडे ने लोगों से की अपील
खाडी देशों में चल रहे इरान-अमेरिका युद्ध की वजह से एलपीजी गैस सप्लाई प्रभावित होने की खबरदारी बरतते हुए अमरावती में प्रशासन ने व्यावसायिक सिलेंडर का सप्लाय रोक दिया है. डीएसओ निनाद लांडे ने इसकी पुष्टि करते हुए अमरावती मंडल से चर्चा में बताया कि, केंद्र के आदेश पर यह रोक लगाई गई है. फिर भी अस्पताल संबंधी कैंटीन के लिए सप्लाई जारी रहेगी.

* घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं
अमरावती गैस डीलर्स एसो. के सचिव अखिलेश यादव ने भी स्पष्ट किया कि, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है. केवल कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रोकी गई है. यह भी बताया गया कि, अमरावती जिले की बात करें, तो भरपूर मात्रा में एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक मौजूद है. एलपीजी और कमर्शियल दोनों ही सिलेंडर के रेट सरकार ने पहले ही बढा दिये थे. कमर्शियल सिलेंडर के रेट 115 रुपए बढाने के बावजूद आज युद्ध के हालात गंभीर होते देख केंद्र के आदेश पर उसकी सप्लाई रोकने कहा गया है. इसका व्यापक असर देखने मिल सकता है.

* ग्रामीण क्षेत्रों में दुबारा जलने लगे लकडी के चुल्हे
– सिलेंडरों के दामों में हुई वृद्धि का असर
विगत कुछ वर्षों के दौरान केंद्र सहित राज्य सरकार ने गांव-गांव तक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति करने की व्यवस्था उपलब्ध कराई थी. जिसके चलते धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी से बननेवाले और लकडी से जलनेवाले चुल्हों का चलन खत्म हो गया था. जिसके लिए सरकार एवं प्रशासन द्वारा धुआं मुक्त गांव योजना चलाई जा रही थी. परंतु एलपीजी सिलेंडरों की लगातार बढती कीमतों तथा कम होते-होते खत्म कर दी गई सबसीडी के चलते ग्रामिणों का गैस वाले चुल्हों से काफी हद तक मोह भंग भी हुआ और अब जैसे ही खाडी देशों में पैदा हुए युद्धजन्य हालात के चलते सिलेंडरों के दामों में भारी-भरकम उछाल आया, तो ग्रामीण क्षेत्रों के कई लोगों ने एक बार फिर जंगल जाकर लकडिया चुनने व बीनने का काम करना शुरु कर दिया, ताकि उसी लकडी के जरिए चुल्हा जलाकर दो वक्त का भोजन बनाया जा सके.
उल्लेखनीय है कि, विगत कुछ वर्षों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडरों का प्रयोग काफी अधिक बढ गया था और कई लोगों के घरों में नहाने के लिए भी गैस वाले चुल्हे पर पानी गर्म किया जाता था. परंतु हाल ही में घोषित बजट में सरकार द्वारा सिलेंडर के दामों में की गई वृद्धि के चलते अब ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाले किसानों व खेतीहर मजदूरों का आर्थिक बजट विद्युत बिलों व गैस सिलेंडर के दामों की वजह से गडबडाता नजर आ रहा है. जिसके चलते ऐसे परिवारों के लोगबाग अब भोजन पकाने संबंधी अपनी दैनिक जरुरतों को पूरा करने के साथ ही बारिश के आगामी मौसम को भी ध्यान में रखते हुए जंगल जाकर जलाऊ इंधन के तौर पर लकडियां जमा कर रहे है, ताकि बारिश के मौसम दौरान भोजन पकाने को लेकर किसी भी तरह की कोई समस्या या दिक्कत न हो.

* कंपनियों द्वारा अब 30 दिनों का लॉक सिस्टीम
विशेष उल्लेखनीय है कि, घरेलू गैस सिलेंडरों के दामों में हुई वृद्धि के साथ ही इस समय गैस सिलेंडरों की संभावित किल्लत का खतरा भी बना हुआ है. इसके चलते लोगबाग गैस सिलेंडरों की बुकिंग को लेकर काफी जल्दबाजी करते है. ऐसे में पैनीक बुकिंग को टालने हेतु सभी पेट्रोलियम कंपनियों ने लॉक सिस्टीम को लागू कर दिया है. इससे पहले पिछली बुकिंग को 25 दिन हो जाने के बाद ही अगले सिलेंडर की बुकिंग हुआ करती थी. वहीं अब इस अवधि को बढाकर 30 दिन कर दिया गया है. हालांकि कई जगहों से यह शिकायत भी सामने आ रही है कि, गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो पा रही.

* जिले में एडीएसओ व तहसीलों में तहसीलदार हैं फ्लाईंग स्क्वॉड के मुखिया
जिला प्रशासन द्वारा गैर सिलेंडरों की जमाखोरी व कालाबाजारी को रोकने के साथ ही आपूर्ति को अबाधित व सुचारु रखने हेतु जिला स्तर पर एक तथा तहसील स्तरों पर 14 विशेष उडनदस्तों का गठन किया गया है. जिसमें जिलास्तरिय पथक में मुखिया के तौर पर एडीएसओ प्रज्वल पाथरे को जिम्मा सौंपा गया है. जिनकी सहायता के लिए संबंधित तहसीलों के निरीक्षण अधिकारी व आपूर्ति निरीक्षक रहेंगे. वहीं तहसीलस्तरिय पथक में तहसीलदार अध्यक्ष रहेंगे. जिनकी सहायता के लिए आयओ व एफएसआयओ की नियुक्ति की गई है.

* जिले में इंधन आपूर्ति सुचारु, अफवाहों पर ध्यान न दें
जिले में कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति के बंद होते ही एलपीजी की किल्लत रहने को लेकर कई तरह की खबरे फैलनी शुरु हो गई. जिसकी वजह से लोगों में भी काफी हद तक भय व दहशत का माहौल व्याप्त हो गया. इस बात को ध्यान में रखते हुए जिलाधीश आशीष येरेकर ने ऐसी तमाम खबरों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि, जिले में गैस सहित पेट्रोल व डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अगले कुछ माह तक इंधन की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारु रहेगी. ऐसे में इंधन को लेकर किसी भी तरह की कोई किल्लत नहीं होनेवाली है. जिसके चलते नागरिकों ने इसे लेकर फैल रही अफवाहों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देना चाहिए.

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