झेडपी और पंचायत समितियों में स्वीकृत सदस्य
देहातों के कार्यकर्ताओं के लिए अच्छी खबर

* विधानसभा में पारित हुआ बदलाव का विधेयक
अमरावती/दि.18 – राजनीतिक दलों के ग्रामीण के कार्यकर्ता हेतु अच्छा समाचार है कि, जिला परिषद और पंचायत समितियों में भी नगर परिषद और महापालिका समान मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी. इस संबंध में जरुरी विधेयक मंगलवार को राज्य विधानसभा में पारित किया गया. सर्वसम्मति से पारित विधेयक के कारण अब मिनी मंत्रालय में स्वीकृत सदस्य रहेंगे. अमरावती के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की पहल और कोशिशों से मिनी मंत्रालयों में भी स्वीकृत सदस्य बनाए जा सकेंगे. जानकारों का कहना है कि, लगभग 33 वर्ष पुरानी व्यवस्था दोबारा लायी जा रही है.
विधेयक के पारित होने की घोषणा ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने की. इस बारे में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सीएम फडणवीस को पत्र लिखकर झेडपी और पंचायत समितियों में स्वीकृत सदस्य की व्यवस्था की मांग की थी. गत फरवरी में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस मांग को मान्यता दी गई.
* जिला परिषद के 10 प्रतिशत
विधेयक के अनुसार जिला परिषद में सदस्य संख्या के 10 प्रतिशत मनोनीत सदस्य रखे जा सकेंगे. पंचायत समिति में यह मर्यादा 20 प्रतिशत अथवा कम से कम एक मनोनीत सदस्य रहेेगा. यह सदस्य संबंधित स्वायत्त संस्था में चुने गये सदस्यों के आंकडों के आधार पर तय होंगे. चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी रखने जिला स्तर पर जिलाधिकारी और पंचायत समिति स्तर पर बीडीओ प्रशासकीय देखरेख करेंगे. विविध क्षेत्र के तज्ञों को मिनी मंत्रालय अथवा पंस की रीतिनीति तय करने में सहभागी होने का स्वीकृत सदस्य के माध्यम से अवसर मिलेगा.
अमरावती के पालकमंत्री ने सर्वप्रथम जिला परिषद में भी स्वीकृत सदस्य व्यवस्था शुरु करने की मांग और संकेत दिये थे. जानकार बताते है कि, 1992 से पहले यह व्यवस्था लागू थी. कालांतर में इसे हटा दिया गया था. मनोनीत सदस्यों के रुप में पार्टीयां अपने समर्थक कार्यकर्ता को सदन में भेज सकती है. जिन्हें उम्मीदवारी या अन्य कोई पद नहीं दिया गया. दलों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी रहने की संभावना बतायी जा रही है. हाल ही में हुए पालिका और महापालिका चुनाव के बाद भी दलों ने अपनी सदस्य संख्या के आधार पर कार्यकर्ता मनोनीत किये.





