प्लाज़्मा फेरेसिस से 40 वर्षीय मरीज को नया जीवन
सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल की एक और बडी उपलब्धि

अमरावती /दि.18- विभागीय संदर्भ सेवा रुग्णालय (सुपर स्पेशालिटी हॉस्पिटल) में प्लाज़्मा फेरेसिस उपचार के माध्यम से 40 वर्षीय मरीज को नया जीवन मिला है. चांदूर बाजार निवासी यह मरीज अस्पताल में भर्ती होने के समय गंभीर अवस्था में था, उसके हाथ-पैरों में अत्यधिक कमजोरी थी और वह चलने-फिरने में असमर्थ था. डॉक्टरों द्वारा मरीज की जांच के लिए एनसीवी और सीएसएफ स्टडी कराई गई, जिसमें उसे गिलियन-बेरी सिंड्रोम होने की पुष्टि हुई.
इसके बाद न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम मालानी के मार्गदर्शन में प्लाज़्मा फेरेसिस उपचार शुरू किया गया. मरीज पर कुल पांच बार प्लाज़्मा फेरेसिस प्रक्रिया की गई, जिसके बाद उसकी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला. अब मरीज स्वयं चलने में सक्षम हो गया है. विशेष बात यह रही कि पूरा उपचार महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क किया गया.
इस सफल उपचार में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमोल नरोटे, विशेष कार्य अधिकारी डॉ. मंगेश मेंढे, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हितेश गुल्हाने, नोडल ऑफिसर डॉ. उज्ज्वला मोहोड सहित डॉ. सोनपरोते, डॉ. वर्धिनी और डॉ. विक्रांत कुलमेथे का मार्गदर्शन रहा. साथ ही डायलिसिस तकनीशियन अनिल सूर्यवंशी, शैलेश राऊत, मीनल तायडे, निखिल काले, सोनू ढेंबरे, समाजसेवा अधीक्षक शीतल बोंडे, ऋषिकेश धस, डॉ. दिव्यानी मुंदाणे और डॉ. पायल रोकड़े सहित पूरी टीम के सहयोग से यह उपचार सफल हो सका.
अस्पताल प्रशासन की इस उपलब्धि से मरीजों में विश्वास बढ़ा है और क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता का उदाहरण सामने आया है.





