नगरपंचायत क्षेत्रों में लागू किए जाएं जॉब कार्ड
विधायक राजेश वानखड़े ने बजट सत्र में उठाया मुद्दा

मुंबई/दि.18 – राज्य में नवगठित नगरपंचायत क्षेत्रों में रोजगार हमी योजना (मनरेगा) के तहत जॉब कार्ड उपलब्ध कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है, जिसे ध्यान में रखते हुए तिवसा विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश वानखड़े ने विधानसभा में औचित्य के मुद्दे के तहत यह महत्वपूर्ण मांग उठाई और राज्य सरकार से इस पर तत्काल नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया।
विधायक राजेश वानखड़े ने सदन में कहा कि वर्ष 2016 में राज्य सरकार द्वारा तहसील मुख्यालय की कई ग्राम पंचायतों को नगरपंचायत में परिवर्तित किया गया था. अमरावती जिले की तिवसा, भातकुली, धारणी और नांदगांव खंडेश्वर सहित राज्य की अनेक नगरपंचायतें इसी प्रक्रिया में बनीं. हालांकि प्रशासनिक रूप से शहरी दर्जा मिलने के बावजूद इन क्षेत्रों की अधिकांश आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है. उन्होंने बताया कि नगरपंचायत बनने के बाद इन क्षेत्रों में रोजगार हमी योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड जारी नहीं किए जाते, जिससे किसानों को सिंचाई कुएं, खेत तालाब, पांदन सड़क, फलोद्यान जैसी कृषि एवं पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसके चलते बड़ी संख्या में किसान शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित रह रहे हैं.
विधायक राजेश वानखडे ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि इन नगरपंचायत क्षेत्रों का वास्तविक स्वरूप अब भी ग्रामीण है, इसलिए यहां रोजगार हमी योजना को लागू करना और जॉब कार्ड उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है. यदि सरकार इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेती है, तो राज्यभर के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस राज्यस्तरीय समस्या को सबसे पहले खुद उन्होंने ही विधानसभा में उठाया है और भविष्य में भी इस मुद्दे का लगातार पीछा करते हुए किसानों के हित में निर्णय करवाने का प्रयास जारी रखेंगे.
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मांग को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अब सभी की नजरें राज्य सरकार के आगामी निर्णय पर टिकी हैं, जो किसानों के लिए राहत का कारण बन सकता है.





