आखिर बडनेरा के फ्लाईओवर का कार्य अधूरा क्यों?
हाईकोर्ट का सरकार को नोटिस, 6 सप्ताह में मांगा जवाब

नागपुर /दि.19 – अमरावती जिले के बडनेरा में पिछले 6 वर्षों से पुराने बायपास मार्ग पर रेल्वे क्रासिंग के उपर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जारी है. यह निर्माण इतनी धीमी गति से क्यों हो रहा है? यह सवाल बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने पूछा है. अदालत ने मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सहित केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए 6 सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिये है. फ्लाईओवर के निर्माण के कार्य की गति अत्यंत धीमी होने के कारण इसका सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पडा है और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है.
इस गंभीर स्थिति पर प्रकाशित खबर का स्वयं संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दायर करने के आदेश दिये थे. मामले पर बुधवार को न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति राज वाकोडे के पीठ के समक्ष सुनवाई हुई. खबर के अनुसार पुरानी बस्ती के पास बायपास मार्ग पर स्थित रेल्वे क्रॉसिंग पर वर्ष 2020 में नये फ्लाईओवर के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी. वर्ष 2021 में निर्माण कार्य शुरु हुआ. 650 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर के लिए 36 करोड का बजट स्वीकृत किया गया था. कई अडचनों के बीच बन रहे इस फ्लाईओवर को अब वित्तीय संकट का सामना करना पड रहा है.
अत्यंत सीमित निधि मिलने के कारण पिछले एक वर्ष से अंतिम चरण का काम धीमी गति से चल रहा है. इस रेल्वे फ्लाईओवर के निर्माण की मुख्य जिम्मेदारी महारेल की है. नागरिकों मेें काम की ढिलाई को लेकर असंतोष है. दो सांसदों के कार्यकाल में भी अधूरे फ्लाईओवर का काम शीघ्र पूरा करने की मांग की जा रही है. दूसरी ओर भूमि हंस्तातरण की प्रक्रिया, वास्तविक निर्माण शुरु होने के बाद भी 4 वर्षों तक चलती रही सडक किनारे की जमीन के लिए बहुत कम मुआवजा मिलने से भूमिदातााओं में अब भी नाराजगी है. इस गंभीर स्थिति पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया था. बुधवार को न्यायालय मित्र एड. सुमित गंधे द्वारा विस्तृत याचिका दायर करने के बाद अदालत ने आदेश जारी किये. केंद्र सरकार की ओर से डिप्टी स्वालिसीटर जनरल एड. कार्तिक शुकुल ने पैरवी की.





