अमरावती में विज्ञान उद्यान बने

एड. किशोर देशपांडे का मानस

अमरावती /दि.19 हमें एक-दूसरे से संघर्ष न करते हुए शांति से सहजीवन व्यतित करना चाहिए, इस उद्देश्य से धर्मों ने सदाचार के कुछ मूल्यों को प्रस्तुत किया है. जिसके कारण विश्वभर के मानवों के कष्ट और बदहाली की अपेक्षा बडे प्रमाण में इनका निराकरण होने में बहुमूल्य सहायता मिली है. विशेष रुप से गृहकार्य करनेवाली गृहिणियां बाहर निकलने के लिए विद्युत, गैस, मिक्सर, फ्रिज, मोबाइल आदि वैज्ञानिक उपकरणों का आधार उन्हें मिला. जिसकी सहायता से बाहर के विश्व से हम अपना कर्तृत्व सिद्ध कर पा रहे है. यदि हमें आत्मनिर्भर बनना होगा, तो ऐसे चिकित्सक वैज्ञानिक वृत्ति का माहौल समाज में होना आवश्यक है. इसके लिए हमारे दैनंदिन जीवन में शारीरिक कष्ट विगत 100 से अधिक वर्षों में इन वैज्ञानिकों के संशोधनों के कारण कम हुए है. उनका परिचय सामान्य लोगों से करवाने के लिए स्थानीय निकाय संस्था जैसे महापालिका, विद्यापीठ व शैक्षणिक संस्थाओं को पहल करना आवश्यक है. इसलिए अमरावती मनपा, अमरावती विद्यापीठ, श्री शिवाजी शिक्षा संस्था जैसी अनेक संस्थाओं ने एकजुट होकर अमरावती शहर में एक विज्ञान उद्यान निर्माण करना चाहिए, ऐसा एड. किशोर देशपांडे ने सभी संस्थाओं से विनम्र निवेदन किया है.

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