दो दिन पूर्व भुगतान,फिर तीसरे दिन मिलेगा ईंधन
अब पेट्रोल पंप संचालकों पर भी भारी आफत

* एक सप्ताह पूर्व ही युध्द के कारण शासन ने जारी किया फरमान
अमरावती/दि.19 – एलपीजी की कतारों में खडी आम जनता पहले ही परेशान है. अब पेट्रोल – डीजल के लिए भी लोगों की मुश्किलें बढने की संभावना व्यक्त की जा रही है. ईरान-ईराराईल अमेरिका युध्द के कारण देश तमाम तेल कंपनियों ने एक सप्ताह पूर्व एलपीजीके बाद अब इंधन यानि पेट्रोल ,डीजल को लेकर भी एक आदेश जारी किया है. जिसे शासन के माध्यम से पेट्रोल पंप संचालकों को मानने के लिए विवश किया है.
जिसके अनुसार जब तक संचालकों व्दारा टैंकर की राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की जाती ,तब तक टैंकर न तो बुक होगा और ना ही उसकी डिलीवरी की जाएगी. यानि पहले पैसा फिर डिलीवरी की नीति को अपनाया गया है.
पेट्रोल पंप संचालकों पर युध्द के कारण लादे गए इस आदेश के चलते अब उनकी मुश्किले बढने लगी है. पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से कहा गया है कि पेट्रोल पंपों को पहले भुगतान करना अनिवार्य होगा. पहले यह नीति नहीं थी. उन्हें पेट्रोलियम कंपनी व्दारा क्रेडिट पर भी इंधन दिया जाता था.लेकिन मौजुद संकट को देखते हुए क्रेडिट पर पेट्रोल-डीजल देने की व्यवस्था बंद कर दी है.इरान के होर्मुज जलडमरू मध्य के बंद होने के बाद सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही है और इसे देखते हुए तेल कंपनियों ने यह फैसला किया है.
हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने पिछले सप्ताह से ही एडवांस पेमेंट सिस्टम लागू की है. जबकि इंडियन ऑयल ने सोमवार 16 मार्च से 5 दिन की क्रे डिट पॉलिसी को भी निलंबित कर दिया है.कंपनियों के नए फैसले से पेट्रोल पंप संचालकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड सकता है. यदि डीलर की ओर से भुगतान नहीं किया गया और कंपनी ने ईंधन आपूर्ति नही की तो कई पेट्रोल पंप के ड्राय होने की संभावना है.
जगताप पेट्रोल पंप के संवालक सौरभ जगताप ने प्रतिदिन अखबार से बातचीत में बताया कि जिले में सभी पेट्रोलियम कंपनी ने यह फैसला लिया है. जिसके कारण हर पेट्रोलपंप संचालकों को तीन दिन का इंतलार करना पडेंगा.उनके पास पहले स्टॉक रहता था. नया करीब 18 से 20 हजार किलो लीटर का टैंकर आने तक पेट्रोल पंप संचालकों को पास स्टँक उपलब्ध रहता था. जिसके कारण ग्राहकों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होती थी. साथ ही पेट्रोल पंप में अगर चार पंप है तो वह सभी शुरू रखे जा सकते थे. लेकिन अब ऐसा नही होगा हर पेट्रोल पंप संचालकों को कम से कम दो दिन बात डिलीवरी होगी. वह भी अगर उसने पहले भुगतान किया तो ही उसे डिलीवरी की जाएगी.अन्यथा उसे पैसों का इंतजाम होने तक रूकना पड सकता है.
कंपनियोंं ने एलपीजी की तरह पेट्रोल- डीजल की खपत में किसी भी प्रकार की किल्लत न हो इसके चलते यह फैसला लिया है. इस कारण आम जनता को इसका कोई नुकसान नही होगा.सभी टे्रडिंग सामान्य रहेगा.ग्राहकों को पेट्रोल डीजल उपलब्ध होता रहेगा. लेकिन उन्हें कतार में खडा रहना पड सकता है.आम जनता के लिए शॉर्टेज न हो किंतू कैश ऑन बिफोर डिलीवरी पेट्रोलपंप से संचालकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है.
यातायात साधनों पर होगा असर
तेल कंपनियों व्दारा एकाएक नया आदेश लगू कर दिए जाने से पेट्रोल पंप संचालकों के साथ अब ट्रॉसपोर्टर ,बस ऑपरेटर जैसे बडे ग्राहकों की भी दिक्कते बढी है. अब उन्हें भी मंथली नहीं हर दिन पैसे जमा करने के बाद ही पंप संचालक व्दारा इर्ंधन उपलब्ध करवाया जाएगा.पहले उनके साथ वह व्यवहार क्रेडीट बेस रही रहता था. लेकिन अब नीजि बस चालक , ट्रान्सपोर्ट व्यवसायिओं के व्यवसाय पर भी इसका असर पड सकता है. उनकी ओर से पहले पेमेंट का एक साथ भुगतान नही होता. थोडा-थोडा भुगतान होता है. इस फैसले से अब उन्हें भी एकसाथ भुगतान करना पडेगा.कई बार यह क्रेडीट 50-50 लाख रूपए का होता है.





