आरोपी सुशील अभ्यंकर 17 दिनों बाद निलंबित
अंजनगांव सुर्जी पेपर लीक का मामला

अंजनगांव सुर्जी/दि.19 – संंपूर्ण राज्य में हडकंप मचा देनेवाले 27 फरवरी के शालांत परिक्षा पेपर लीक व चोरी प्रकरण के फरार रहे दूसरे आरोपी सुशील अभ्यंकर को आखिरकार 17 दिनों बाद प्रशासन ने कडे कदम उठाते हुए निलंबित कर दिया हैं.
अंजनगांव सुर्जी में 27 फरवरी 2026 को कस्टडी में यह मामला उजागर हुआ. अंग्रेजी पेपर के दौरान दो विद्यार्थियों की उत्तर पत्रिका में उडन दस्ते को अनियमितता दिखाई दी थी. जांच में यह प्रकरण केवल उत्तर पत्रिका चोरी तक ही सीमित न रहते हुए सांठ-गांठ के साथ हुई अनियमितता की बात स्पष्ट हुई. इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की. इस प्रकरण से संबंधित रहनेवाले सभी लोगों पर विविध धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए. प्राथमिक सबूत के आधार पर जिला परिषद प्रशासन ने निलंबन के आदेश जारी किए. निलंबित शिक्षक सुशील अभ्यंकर को अब चिखलदरा पंचायत समिति शिक्षा विभाग के मुख्यालय में रहने के आदेश दिए गए हैं. अनुमति के बगैर उन्हें कहीं जाते नहीं आ सकेगा. इस प्रकरण के कारण विद्यार्थियों में दहशत का वातावरण निर्माण हो गया हैं. जबकि इस पेपर लीक प्रकरण में पालकों में तीव्र रोष व्याप्त हैं. चिखलदरा पंचायत समिति के गट शिक्षाधिकारी बी.आर. गिरासे यह अंजनगांव सुर्जी पंचायत समिति में कार्यरत थे तब गिरासे को किसी प्रकरण में फंसाने के लिए कुटनीति का इस्तेमाल किया गया था. नए आदेश के मुताबिक निलंबित अभ्यंकर को अब उसी अधिकारी की देखरेख में चिखलदरा पंचायत समिति शिक्षण विभाग में कार्य करना पडेगा. इस कारण अब बी.आर. गिरासे निलंबित विस्तार अधिकारी सुशील अभ्यंकर के साथ कैसा बर्ताव करते हैं इस ओर शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों का ध्यान केंद्रीत हैं.





