आरएसएस में अब 46 प्रांतों की जगह अब 86 संभाग होंगे

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दिए बडे बदलाव के संकेत

नागपुर /दि.19- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने संगठन में बड़े बदलाव का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि संघ के तेजी से बढ़ते काम के कारण अब उसकी संरचना में व्यापक पुनर्गठन किया जाएगा. जिसके तहत देशभर में अभी तक मौजूद 46 प्रांतों की जगह अब 86 संभाग बनाए जाएंगे. संगठन की संरचना को विकेंद्रीकृत किया जाएगा. प्रांत शब्द को हटाकर संभाग आधारित व्यवस्था लागू होगी.
संघ प्रमुख भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ का कार्य बहुत बढ़ गया है, इसलिए छोटे-छोटे स्तर पर जिम्मेदारियां बांटना जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि संघ की मूल कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं होगा. संगठन की शैली वही रहेगी, जिसके तहत व्यक्तिगत संपर्क, उदाहरण से परिवर्तन और सामाजिक कार्य किए जाएंगे. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, समय की जरूरत के अनुसार केवल संरचनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं. इसमें कुछ नई व्यवस्थाएं भी लागू होंगी. जिसके तहत सरकार और प्रशासन से समन्वय के लिए प्रदेश नाम की अलग संरचना बनाई जाएगी. प्रतिनिधि सभा की बैठकों में भी बदलाव कर अलग-अलग स्तरों पर बैठकें आयोजित होंगी और स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियां और बढ़ेंगी
* शताब्दी वर्ष के संदर्भ में अहम फैसला
उल्लेखनीय है कि, यह बदलाव संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के दौरान किया जा रहा है, जब संगठन अपने विस्तार और प्रभाव को नए स्तर पर ले जाने की योजना बना रहा है. संघ प्रमुख के इस बयान से स्पष्ट है कि आरएसएस अब तेजी से बढ़ते नेटवर्क को संभालने के लिए बड़े स्तर पर पुनर्गठन की ओर बढ़ रहा है. हालांकि, इसकी विचारधारा और कार्यपद्धति पहले की तरह ही कायम रहेगी, लेकिन संचालन प्रणाली अधिक विकेंद्रीकृत और व्यापक होगी.

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