झूलेलाल जयंती महोत्सव- 2026
कल नेहरू मैदान में महाआरती के बाद निकलेगी भव्य शोभायात्रा

* समस्त सिंधी समुदाय का आयोजन
अमरावती/दि.19- हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सिंधी समाज के इष्ट देवता झूलेलाल साईं का जन्म उत्सव सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर मनाया जा रहा है. झूलेलाल साईजी की उपलब्धि जल से हुई थी. इसलिए उन्हें वरुण देवता का अवतार भी माना जाता है. इसलिए झूलेलाल जयंती के दिन सिंधी समाज के सभी घरों में जल का पूजन किया जाता है. 20 मार्च को भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है.
शोभायात्रा 20 मार्च दोपहर 4 नेहरू मैदान से प्रारंभ होगी इस वर्ष इस शोभायात्रा का 11 वर्ष है. इस उपलक्ष में इस वर्ष 4.30 बजे राजकमल चौक पर साईं झूलेलाल जी की महाआरती का आयोजन किया गया है. इस महाआरती में सिंधी समाज की सभी पूज्य पंचायते समस्त सिंधी समाज उपस्थित रहेगा. शोभायात्रा का मार्ग नेहरू मैदान से प्रारंभ होकर राजकमल चौक, श्याम चौक , नाइक मार्केट, प्रभात टॉकीज, जवाहर रोड, जयस्तंभ चौक, आदर्श होटल से राम लक्ष्मण संकुल वहां से रामपुरी कैम्प, नानक नगर, कृष्णा नगर, सहकार नगर में शोभायात्रा का समापन होगा. शोभायात्रा में जगह-जगह पर शरबत व प्रसाद की व्यवस्था समाज बंधुओ व धार्मिक संस्थाओं द्वारा की गई है. शोभायात्रा में मुख्य झांकी झूलेलाल साईं का बहराणा साहेब रहेगा. इसमें अखंड ज्योत प्रचलित की जाती है, ऐसी मान्यता है कि इस अखंड ज्योत में प्रत्यक्ष झूलेलाल साईं विराजमान रहते हैं. ट्रैक्टर पर सांस्कृतिक एवं धार्मिक झांकियां रहेगी.
इसमें खाटू श्याम बाबा की झांकी, सजीव बालाजी भगवान की झांकी रहेगी. शोभायात्रा में वारकरी दिंडी, महाकाल झांज पथक, संदल, ढोल-ताशे, बग्गी साउंड इत्यादि का समावेश रहेगा. शोभायात्रा के समापन के बाद बहराना साहेब अखंड ज्योत की पूजा अर्चना पल्ला पढ़कर ( झोली फैलाकर प्रार्थना करना ) जल में विसर्जित किया जाता है. 20 मार्च की भव्य शोभायात्रा व राजकमल चौक पर होने वाली महाआरती में सभी हिंदू संगठन, धार्मिक संस्था व संपूर्ण शहरवासियों को शामिल होने का आवाहन समस्त सिंधी समुदाय की तरफ से किया गया हैं.