अमरावती धर्म क्षेत्र का तपो भास्कर अस्त

वेदमूर्ति केलकर शास्त्री का स्वर्गवास

अमरावती/ दि.20 – अंबा नगरी के वंदनीय वेदमूर्ति बलराम शास्त्री केलकर (97) का गुरूवार देर रात्रि स्वर्गवास हो गया. उनके निधन के समाचार से आज नगर के वेद जगत में, पुरोहितों में शोक की लहर व्याप्त हो गई. वेदमूर्ति शास्त्री केलकर अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्र , पुत्र वधू, नाती- पोतो से भरापूरा परिवार छोड गये हैं.
तपस्वी ऋषि जैसा जीवन जिया
वेदमूर्ति शास्त्री केलकर का अमरावती के शास्त्र जगत में बडा सम्मान था. आपने वेदोक्त आचरण से संपूर्ण जीवन तपस्वी ऋषि सदृश्य व्यतीत किया. उनके पुण्यप्रभाव से संपूर्ण भाव परिसर निश्चिंत जीवन व्यतीत कर सकता था. इतना अदृश्य पुण्य आपका रहा.
सतत नवग्रंथ वाचन, चिंतन
वंदनीय शास्त्री जी न केवल शास्त्र पारंगत थे. अपितु भारतवर्ष में आपकी ख्याति तपस्वी, पुण्य आत्मा की रही. आज भक्त वत्सल श्री मुरलीधर में विलीन माना जा रहा है. स्वयं के लिए कडक आचरणों का पालन करनेवाले , एक ऋषि तुल्य जीवन जीनेवाले केलकर शास्त्री जी सदैव नवनवीन ग्रंथ का वाचन कर चिंतन और मनन करते थे. अन्य को मार्गदर्शन करने तत्पर रहते थे. गोकर्ण के जोगलेकर शास्त्री सदैव केलकर शास्त्री का उललेख संत के रूप में करते. आज अमरावती क्षेत्र का तेजो भास्कर अस्त हो जाने की भावना व्यक्त हो रही है. उनकी अंतिम यात्रा दोपहर पश्चात गणेश कॉलोनी स्थित निवास से दोपहर 2 बजे निकाली गई. अनेकानेक गणमान्य ने वेदमूर्ति केलकर शास्त्री के देवलोक गमन पर दु:ख व्यक्त किया है. अंतिम यात्रा में भी बडी संख्या में अंबा नगरी के पुरोहितजन और गणमान्य सहभागी हुए.

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