गुड़ी पड़वा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि नवचेतना, विजय प्रतीक

शहर संघचालक उल्हास जी बपोरीकर का प्रतिपादन

* शैक्षिक महासंघ का पाडवा पूर्व संध्या कार्यक्रम उत्साहपूर्वक
अमरावती /दि.21 – अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा), संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय विभाग की ओर से आयोजित पाडवा पर्व संध्या व्याख्यान अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. मीनल भोंडे ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में माननीय श्री उल्हासजी बपोरीकर (नगर संघचालक, अमरावती) ने मार्गदर्शन किया. इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. नंदकिशोर ठाकरे (प्राचार्य संवर्ग प्रमुख) तथा शहर अध्यक्ष प्रा. डॉ. ओमप्रकाश मुंदे की विशेष उपस्थिति रही. नववर्ष के प्रारंभ का प्रतीक गुड़ी पड़वा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने उपस्थितों में भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व और जागरूकता उत्पन्न की.
कार्यक्रम की शुरुआत प्रा. डॉ. पूर्णिमा दिवसे के मधुर स्वर में सरस्वती वंदना से हुई. मुख्य वक्ता श्री उल्हासजी बपोरीकर ने अपने विचारोत्तेजक भाषण में भारतीय कालगणना के वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने बताया कि भारतीय कालगणना केवल परंपरा का हिस्सा नहीं, बल्कि अत्यंत वैज्ञानिक और सटीक है. गुड़ी पड़वा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि नवचेतना, विजय और सकारात्मकता का प्रतीक है, यह उन्होंने स्पष्ट किया. उन्होंने गुड़ी पड़वा के उद्गम के संदर्भ में ऐतिहासिक पहलुओं को प्रस्तुत करते हुए इसे समाज को एकजुट करने वाला पर्व बताया. साथ ही पंचपरिवर्तन में समाहित सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन करते हुए भारतीय संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया.
अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य डॉ. मीनल भोंडे ने महासंघ के स्थायी कार्यक्रमों की परंपरा और उनके उद्देश्यों को स्पष्ट किया. उन्होंने संगठन के ध्येय-नीति का अवलोकन करते हुए शिक्षा क्षेत्र में संगठनात्मक एकता और सामाजिक प्रतिबद्धता के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित न रहकर संस्कारित पीढ़ी निर्माण हेतु भी पहल करनी चाहिए.
कार्यक्रम में महासंघ के विभिन्न पदाधिकारी, प्राध्यापक एवं प्राचार्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे. कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन प्रा. डॉ. पूर्णिमा दिवसे ने किया, जबकि अंत में विभागीय महामंत्री डॉ. मंगेश अडगोकर ने उपस्थित सभी मान्यवरों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का हृदय से आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ. कार्यक्रम की सफल आयोजन में प्रा. डॉ. ओमप्रकाश मुंदे, प्रा. डॉ. अरुण हरणे, प्रा. डॉ. दिनेश खेडकर, प्रा. डॉ. रेखा मग्गिरवार, प्रा. डॉ. अंजू खेडकर, प्रा. डॉ. विद्या शर्मा, प्रा. डॉ. नीता गिरी तथा अन्य पदाधिकारियों का योगदान उल्लेखनीय रहा.

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