आखिर महिलाओं को शोषण से मुक्ति और न्याय की प्राप्ती कब?

भोंदू बाबा प्रकरण पर भड़कीं पार्षद डॉ. अर्चना आत्राम

* सरकार और सिस्टम पर उठाए सवाल
अमरावती /दि.23 – महाराष्ट्र में चर्चित भोंदू बाबा प्रकरण ने सत्ता, समाज और व्यवस्था-तीनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है. इस गंभीर मामले को लेकर नगरसेविका डॉ. अर्चना आत्राम ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही आरोपों के घेरे में हों, तो यह पूरे तंत्र के लिए शर्मनाक स्थिति है. इस प्रकरण में तथाकथित भोंदू बाबा अशोक खरात के साथ-साथ राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा रूपाली चाकणकर का नाम सामने आने से मामला और भी गंभीर हो गया है. डॉ. आत्राम ने सवाल उठाया कि जब महिलाओं के हक की लड़ाई लड़ने वाले ही संदेह के घेरे में हों, तो आम महिला आखिर किस पर भरोसा करे?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, ऑडियो और अन्य तथ्यों का जिक्र करते हुए पार्षद डॉ. अर्चना आत्राम ने कहा कि ये केवल आरोप नहीं, बल्कि व्यवस्था के सामने खड़ा आईना हैं. यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि महिलाओं के विश्वास के साथ सीधा विश्वासघात है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की शिकायत करीब दो महीने पहले ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंप दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पार्षद डॉ. अर्चना आत्राम ने कहा कि इस मामले में कितनी महिलाएं शोषण का शिकार हुई होंगी और कितनी डर के कारण सामने नहीं आ पा रही होंगी, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है. यह केवल एक केस नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा है. पार्षद डॉ. आत्राम ने सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि, दोषियों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच हो और सभी संभावित पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाया जाए.
इसके साथ ही पार्षद डॉ. अर्चना आत्राम ने यह भी कहा कि, यह मामला केवल एक व्यक्ति या एक पद का नहीं है, बल्कि उस भरोसे का है जिस पर समाज टिका होता है. जब रक्षक ही सवालों के घेरे में आ जाएं, तो व्यवस्था पर से विश्वास डगमगाना स्वाभाविक है. यदि अब भी सख्त और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संदेश जाएगा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल भाषणों तक सीमित है.

 

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