वडाली में दो गुटों के बीच जबरदस्त ‘राडा’

दोनों ओर से जमकर चले पत्थर और लाथ-घूंसे

* क्षेत्र में जबरदस्त तनाव, पुलिस का लगा बंदोबस्त
अमरावती /दि.23 – स्थानीय वडाली परिसर के मुख्य चौराहे पर रविवार की रात 11 से 12 बजे के बीच किसी मामूली सी बात को लेकर दो गुटों के बीच जमकर विवाद हुआ और देखते ही देखते दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हुए लाथ-घूसों का भी जमकर प्रयोग किया. जिसके चलते पूरे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई. जिसकी जानकारी मिलते ही फ्रेजरपुरा पुलिस सहित शहर पुलिस आयुक्तालय के दल ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया. पश्चात दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ दी गई शिकायतों के आधार पर पुलिस ने परस्पर विरोधी मामले दर्ज करते हुए जांच करनी शुरु की.
इस घटना को लेकर वडाली के सुदर्शन नगर परिसर में रहनेवाली महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक वह अपने पोते को लेकर वडाली बस स्टॉप की ओर घुमने-फिरने के लिए गई थी, जहां पर हंसी-मजाक करते हुए खडे कार्तिक भारद्वाज, धर्मा भारद्वाज, मनीष भारद्वाज, आर्यन नाईकवाड व अर्जुन अंधारे सहित परिहारपुरा में रहनेवाले अन्य 4 से 5 युवकों ने उसकी ओर पत्थर फेंककर मारा और इस बारे में पूछताछ करने पर गाली-गलौज करनी शुरु की. जिसके चलते उक्त महिला का बेटा हरप्रितसिंह टाक व पूनमसिंह टाक भी वहां पहुंचे, जिनके साथ सभी आरोपियों ने लाथ-घूसों से मारपीट करते हुए उन्हें घायल कर दिया और सभी आरोपी मौके से भाग निकले. इस शिकायत के आधार पर फ्रेजरपुरा पुलिस ने बीएनएस की धारा 189 (2), 192, 125 (अ), 115 (2) व 352 के तहत अपराधिक मामला दर्ज करते हुए जांच करनी शुरु की.
वहीं दूसरी ओर इसी घटना को लेकर मनीष भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि, उसके छोटे भाई कार्तिक भारद्वाज के साथ वडाली चौक परिसर में पूनमसिंह उर्फ टकलू टाक, बंटीसिंह टाक, गुरुमित सतनाम टाक, चिंटू भजनसिंह टाक व गोपीसिंह टाक द्वारा मारपीट किए जाने की सूचना उसे मोबाइल फोन के जरिए मिली, तो वह अपने भाई धर्मा भारद्वाज को साथ लेकर मौके पर पहुंचा और आरोपियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया. उस समय पूनमसिंह टाक ने उसके साथ लोहे की रॉड से मारपीट करते हुए गाली-गलौज की और जब वे लोग अपनी जान बचाने के लिए भागे, तो उन पर पत्थरबाजी करते हुए जान से मार देने की धमकी दी. इस शिकायत के आधार पर फ्रेजरपुरा पुलिस ने बीएनएस की धारा 189 (2), 192, 118 (1), 115 (2), 351 (2) व 352 के तहत अपराधिक मामला दर्ज करते हुए जांच करनी शुरु की.

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