निर्माण हेतु एनए की शर्त रद्द, नक्शा मंजूर करने का शुल्क 4 गुना

सरकार ने एक हाथ से दिया, दूसरे से वसूला

* लोगों का बजट गडबडाने का दावा
नागपुर /दि.25  – अकृषक की अनुमति नागरिकों हेतु बडी परेशानी बन रही थी. जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने पडते थे. जिसमें रिश्वतखोरी भी पनपने की आशंका बतायी जाती. ऐसे में प्रदेश की महायुति सरकार ने एनए अनुमति की शर्त रद्द कर दी. जिससे निर्माण नक्शा मंजूर करने के बाद अनुमति की आवश्यकता नहीं है. परंतु नक्शा स्वीकृति के लिए 4 गुना रकम एकसाथ भुगतान करना पड रहा है. फलस्वरुप लोग कह रहे हैं कि, एक हाथ से दिया, तो दूसरे हाथ से वसूल भी कर लिया, इस प्रकार का परिदृश्य है.
पहले निर्माण के लिए नक्शा मंजूर करने जिलाधिकारी कार्यालय से अकृषक की अनुमति लानी पडती थी. जिसके लिए कई शर्तों को पूर्ण करना होता था. अनुमति के लिए काफी समय लगता. जिससे अस्थायी अनुमति के आधार पर भूमि के सौपे होते अस्थायी अनुमति के आधार पर हुए व्यवहार दिक्कत में आये है. अकृषक की स्थायी अनुमति के बगैर खरीदी-विक्री का पंजीयन नहीं होता.
लोगों को बडी दिक्कतों का सामना करना पडता था. ऐसे में सरकार ने एनए की अनुमति की शर्त हटा दी. सक्षम प्राधिकरण से मैप अर्थात नक्शा मंजूर करवाना महत्वपूर्ण है. तब संबंधित को जमीन के मार्केट रेट के प्रचलित दर की आधा प्रतिशत रकम एकमुश्त भरनी पडती है. पहले की तुलना में यह रकम चार गुना हो जाने का दावा किया जा रहा है.
पहले ढाई लाख रुपए और बाद के वर्ष में 20 हजार रुपए एनए राशि का भुगतान करना होता. अब इसके लिए 11 लाख 40 हजार रुपए का भुगतान करना होगा. प्रशासनिक सूत्रों ने ही यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि, प्रत्येक वर्ष एनए की राशि का भुगतान आवश्यक नहीं तो एकमुश्त भुगतान करना पड रहा है. एकसाथ राशि के भुगतान का भार नागरिकों को सहन करना पड रहा. कहा जा रहा है कि, यह निर्णय लोगों की बजाय सरकार के लिए ही फायदेमंद हुआ है.

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