राजकमल रेलवे ब्रिज को तोडने का काम चल रहा काफी धीमी गति से

अब तक 20 दिनों में 35 फुट तक सडक को उखाडा

* क्रेन और जेसीबी की सहायता से चल रहा काम
* अधिकारियों की चुप्पी, शहर के नागरिक परेशान
अमरावती/दि.25- अमरावती शहर की लाईफलाई माने जानेवाले राजकूमूल से रेलवे स्टेशन चौक की तरफ आनेवाला रेलवे ब्रिज जर्जर हो जाने के कारण पिछले सात माह से बंद पडा हैं. इस रेलवे ब्रिज को तोडकर उसका निर्माण करने के लिए उसे अब तोडा जा रहा हैं. यह कार्य मुंबई के मत्ते एसोसिएट्स नामक कंपनी को दिया गया हैं. केवल रेलवे परिसर के उपरी हिस्से को तोडने के लिए 2 करोड रुपए में यह ठेका दिया गया हैं. लेकिन पिछले 20 दिनों से यह काम जारी रहने के बावजूद काफी धीमी गति से चल रहा हैं. अब तक क्रेन और जेसीबी की सहायता से केवल 35 फुट तक सडक उखाडी गई हैं. यदि इसी तरह की गति रही तो यह कार्य लंबे समय तक चलने की संभावना है. ऐसे में शहर के नागरिक परेशानी का सामना कर रहे हैं. इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की चुप्पी रहने से अनेक सवाल खडे हो गए हैं.
अमरावती शहर के मुख्य बाजार पेठ में आने के लिए शहर की लाईफलाईन माने जानेवाला राजकमल से रेलवे स्टेशन चौक की तरफ आनेवाला रेलवे ब्रिज जर्जर हो जाने केे कारण प्रशासन द्बारा गत वर्ष 24 अगस्त की मध्यरात्रि को बंद कर दिया गया था. छह माह बाद इस ब्रिज का निर्माण करने के लिए उसे तोडने का काम रेलवे विभाग द्बारा निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर शुरू किया गया हैं. इस ब्रिज के रेलवे परिसर के उपरी हिस्से को तोडने का ठेका मुंबई के मत्ते एसोसिएटस नामक कंपनी को दिया गया हैं. इस कंपनी के सुपरवाईजर हिरालाल चव्हाण की देखरेख में उसे तोडा जा रहा हैं. शुरूआत में लोकनिर्माण विभाग की एनओसी न मिलने से कुछ दिनों तक काम रूका रहा. लेकिन अब आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 20 दिनों से ब्रीज के रेलवे परिसर के उपरी हिस्से को तोडने का काम शुरू किया गया हैं. रेलवे सेवा अबाधित रख बडी सावधानी पूर्वक उसे तोडा जा रहा हैं. जेसीबी की सहायता से सडक को उखाडकर मलबा बाहर फेंका जा रहा हैं. अब क्रेन की सहायता से कंपनी के कामगारों द्बारा अत्याधुनिक कटर से ब्रिज की सुरक्षा दिवारों को काटकर एक-एक हिस्से को अलग किया जा रहा हैं. लेकिन यह काम काफी धीमी गति से शुरू हैं. कंपनी द्बारा 30 बाय 100 मीटर के इस उपरी हिस्से के ब्रिज को एक माह के भीतर जमींदोज करने की बात कहीं गई थी. लेकिन पिछले 20 दिनों में 35 से 40 फुट तक सडक उखाडी गई हैं. यदि इसी तरह की रफ्तार रही तो इस ब्रिज को तोडने में लंबा समय लग सकता हैं. इसके बावजूद अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हुए हैं. ऐसे में शहरवासियों को बाजापेठ में आने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड रहा हैं. नागरिकों की मांग है कि काम की रफ्तार तेज होनी चाहिए. ताकि मानसून के आगमन के पूर्व ब्रिज का निर्माण कार्य प्रारंभ हो सके.

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