‘अमरावती मंडल’ की खबर के बाद विरोध हुआ और मुखर
चांगापुर रेलवे अंडरपास के खिलाफ अब आवाज हुई तेज

* परिसरवासियों ने अंडरपास को ‘टेक्नीकली’ गलत
* सुविधा की बजाय अंडरपास को बताया सिरदर्द
* हनुमान जन्मोत्सव पर जबर्दस्त दिक्कत होने की बात कहीं
* अंडरपास में किसी भी समय कोई बडा हादसा घटित होने की जताई आशंका
अमरावती / दि.25- समीपस्थ श्री क्षेत्र चांगापुर से होकर गुजरनेवाली बडनेरा चांदुर बाजार नरखेड रेल लाइन पर स्थित क्रॉसिंग वाले स्थान पर मध्य रेलवे द्बारा ‘क्रॉसिंग मुक्त अभियान’ के तहत रेलवे अंडरपास का निर्माण किया गया. जो तकनीकी रूप से इतना अधिक गलत बनाया गया है. जिसके चलते यह रेलवे अंडरपास इस परिसर से आने जानेवाले लोगों के लिए असुविधा व दिक्कत सहित जबर्दस्त सिरदर्द साबित होनेवाला है. जिसे लेकर दैनिक ‘अमरावती मंडल’ ने गत रोज ही पूरी प्रमुखता के साथ विस्तृत समाचार प्रकाशित किया था. जिसने मानो चांगापुर परिसरवासियों की दबी हुई आवाज और भावनाओं को धार दे दी. जिसके चलते अब चांगापुर परिसरवासी द्बारा इस रेलवे अंडरपास के निर्माण का जबर्दस्त विरोध करने के साथ ही जरूरत पडने पर इसके खिलाफ आंदोलन खडा करने की भी तैयारी की जा रही है. साथ ही साथ चाांगापुर परिसरवासियों द्बारा मध्य रेल प्रशासन से यह मांग भी की जा रही है कि इस रेलवे अंडरपास को पूरी तरह से बंद करते हुए यहां पर या तो पहले की तरह रेलवे क्रॉसिंग की व्यवस्था ही रखी जाए या फिर रेलवे क्रॉसिंग के ठीक नीचे से सीधा अंडरपास बनाया जाए.
बता दें कि चांगापुर फाटे से चाांगापुर नरेश हनुमान मंदिर की ओर जानेवाले रास्ते के बीच से होकर अमरावती-नरखेड रेलवे लाइन गुजरती है. जिसके चलते इस सडक पर रेलवे क्रॉसिंग बनी हुई है. जहां पर रेलवे गेट क्रमांक एलसी-8 बना हुआ है. जिसे क्रॉसिंग मुक्त अभियान के तहत बंद करने हेतु मध्य रेलवे द्बारा इस रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे अंडरपास का निर्माण कराया गया और इस रेलवे अंडरपास को अभी हाल ही में आम लोगों की आवाजाही के लिए खुला किया गया. जिसके बाद जब परिसर में रहनेवाले लोगों सहित चांगापुर नरेश के दर्शनों हेतु पहुंचे लोगबाग इस रेलवे अंडरपास से होकर गुजरे तो वे सभी लोग हैरत में पडने के साथ ही औचक भी रह गये. क्योंकि रेलवे क्रॉसिंग की एक ओर से दूसरी ओर आने जाने हेतु 50 मीटर की दूरी को तय करने के लिए करीब 300 मीटर की लंबाईवाला रेलवे अंडरपास बनाया गया है. इसमें भी सीधी ढलान व सीधी चढाई वाले दो रास्तों के साथ- साथ बेहद संकरा जोड रास्ता बनाया गया है. जहां से होकर एक समय पर विपरित दिशा से आनेवाले दो वाहन नहीं गुजर सकते. इसके अलावा दोनों ओर से मुख्य मार्गो से लेकर इस रेलवे अंडरपास के कुल चार मोड को बेहद अंधे मोड कहा जा सकता है. जहां पर विपरित दिशा से आनेवाले वाहनों के बीच कभी भी कोई टक्कर हो सकती है. जिसे लेकर परिसर में रहनेवाले कुछ नागरिकाेंं से मिली शिकायतों को ध्यान में रखते हुए दैनिक अमरावती मंडल की टीम ने गत रोज चांगापुर रेलवे अंडरपास का प्रत्यक्ष मुआयना करते हुए विस्तृत खबर प्रकाशित की थी. जिसका सटिक और सकारात्मक असर यह हुआ कि उस खबर के प्रकाशित होते ही चांगापुर परिसर में रहनेवाले कई लोगों ने दैनिक अमरावती मंडल की रिपोर्टिंग की सराहना की. साथ ही अमरावती मंडल को अपनी भावनाओं से भी अवगत कराया.
इस बात को ध्यान में रखते हुए दैनिक अमरावती मंडल की टीम ने आज एक बार फिर चांगापुर क्षेत्र का दौरा करते हुए परिसर में रहनेवाले कई लोगों से इस बारे में बातचीत करते हुए उनके विचार जानने चाहे, तो लगभग सभी लोगों ने इस रेलवे अंडरपास को तकनीकी तौर पर गलत बना हुआ बताया और कहा कि इस रेलवे अंडरपास की वजह से परिसर में रहनेवाले लोगोें को कभी कोई सुविधा या आसानी नहीं होगी. बल्कि यह रेलवे अंडरपास भविष्य में हमेशा के लिए सिरदर्द और दिक्कत बना रहेगा. परिसरवासियों के मुताबिक चांगापुर में प्रत्येक शनिवार व रविवार को भाविक श्रध्दालुओं की अच्छी खासी भीड उमडती है और विगत शनिवार को इस रेलवे अंडरपास में ट्रॉफिक जाम वाली स्थिति बन गई थी. साथ ही कुछ छिटपुट हादसे भी घटित हुए. वहीं अब आगामी 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के निमित्त चांगापुर नरेश मंदिर में लाखों लोगों की भीड उमडनेवाली है. ऐसे समय इस रेलवे अंडरपास से होनेवाली दिक्कतों की महज कल्पना ही की जा सकती है. जिसके चलते कहा जा सकता है कि मध्य रेलवे प्रशासन इस क्षेत्र की जरूरतों एवं जमीनी स्थिति का आकलन करने में नाकाम साबित हुआ है और परिसरवासियों को होनेवाली समस्याओं व दिक्कतों की अनदेखी करते हुए यहां पर मनमाने ढंग से रेलवे अंडरपास का निर्माण किया गया. जिसका खामियाजा अब परिसरवासियों को ही आनेवाले लंबे समय तक भुगतना होगा.

* कभी भी हो सकता है कोई हादसा
चांगापुर परिसर में रेलवे अंडरपास के ठीक बगल में डेली नीड्स व जनरल स्टोर चलानेवाले रामकृष्ण मगर्दे ने दैनिक अमरावती मंडल के साथ बातचीत करते हुए बताया कि इस रेलवे अंडरपास को इतना अधिक गलत तरीके से बनाया गया है कि, यहां पर कभी भी किसी भी तरह का हादसा घटित हो सकता है. रामकृष्ण मगर्दे ने कहा कि चांगापुर परिसर में प्रत्येक शनिवार व मंगलवार को चांगापुर नरेश के दर्शन हेतु भाविक श्रध्दालुओं की अच्छी खासी भीडभाड उमडती है और उस समय इस रास्ते पर वाहनों की जमकर आवाजाही रहती है. ऐसे समय महज 5 से 6 मीटर की चौडाई वाले इस रेलवे अंडरपास में वाहनों की फंसने और सडक हादसे घटित होने की पूरी संभावना है. जिसके चलते इस रेलवे अंडरपास को बंद करते हुए कोई नई व्यवस्था की जानी चाहिए.

परिसरवासियों की लेनी चाहिए थी राय
चांगापुर परिसर स्थित पुलिस लाइन के निवासी व सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी मारोतराव कलाने का इस बारे में कहना रहा कि रेलवे प्रशासन द्बारा पूरी तरह से बोगस निर्माण कार्य किया गया है और यह निर्माण शुरू करने से पहले परिसरवासियों को बिल्कुल भरोसे में नही लिया गया. यदि इस परिसर में रहनेवाले लोगों से राय लेते हुए रेलवे द्बारा परिसर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सर्वेक्षण कराया गया होता, तो शायद कोई ढंग के सामाधान पर काम हुआ होता. मारोतराव कलाने के मुताबिक रेलवे प्रशासन द्बारा बनाए गये अंडरपास में कभी भी किसी भी तरह का सडक हादसा घटित होने की पूरी संभावना हैं. जिसे ध्यान में रखते हुए इस रेलवे अंडरपास को तुरंत बंद कर यहां पर रेलवे ओवरब्रिज या सीधा अंडरपास बनाया जाना चाहिए.

महिलाओं के लिए बेहद असुरक्षित व तकलीफदेह
चांगापुर परिसर में डेली नीडस की दुकान चलानेवाली संगीता घोरमडे ने दैनिक अमरावती मंडल के साथ बातचीत में कहा कि चांगापुर रेलवे क्रॉसिंग में बनाया गया रेलवे अंडरपास महिलाओं एवं बुजुर्गो के लिहाज से बेहद असुविधापूर्ण व तकलीफदेह साबित होनेवाला है. क्योंकि इस अंडरपास में बेहद सीधी चढाई व ढलान है और परिसर में रहनेवाले कई बुजुर्ग व महिलाएं पैदल ही रेलवे क्रॉसिंग पर एक ओर से दूसरी ओर आना -जाना करते हैं. जिन्हें अब 50 मीटर का रास्ता पार करने के लिए करीब आधा किमी की दूरी को नापना होगा. वहीं इस रेलवे अंडरपास में पैदल राहगीरों के लिए फुटपाथ की कोई व्यवस्था भी नहीं है. जिसके चलते इस रेलवे अंडरपास से होकर आने जाने में पैदल राहगीरों को काफी समस्या और दिक्कतों का सामना करना पडेगा.

चांगापुर नरेश के दर्शन हेतु हमेशा ही इस परिसर में आना -जाना करनेवाले अक्षय भोंगरे ने बताया कि वे विगत कई वर्षो से अपने दुपहिया वाहन पर सवार होकर चांगापुर नरेश के दर्शन हेतु चांगापुर परिसर में आना जाना करते है. इससे पहले जब रेलवे क्रॉसिंग वाला रास्ता था तो उन्हें कभी भी मंदिर की ओर आने जाने में किसी भी तरह की कोई तकलीफ नहीं हुई. हालांकि इक्का -दुक्का बार ट्रेन के गुजरते समय उन्हें रेलवे क्रॉसिंग पर रूकना जरूर पडा. लेकिन अब उन्हें जैसे ही बेहद गलत तरीके से बनाए गये घुमावदार रेलवे अंडरपास से गुजरना पडा तो उन्हें तुरंत यह बात समझ में आयी कि, इस रेलवे अंडरपास की वजह से यहां पर भविष्य में काफी समस्याए व दिक्ततें पैदा होनेवाली है.

* भाविको को आने जाने में होगी काफी परेशानी और दिक्कत
चांगापुर नरेश हनुमान मंदिर प्रबंधन कमेटी के श्यामलाल लढ्ढा ने दैनिक अमरावती मंडल के साथ बातचीत में कहा कि श्री क्षेत्र चांगापुर में चांगापुर नरेश श्री हनुमानजी महाराज की बेहद जागृत प्रतिमा एवं पुरातन मंदिर है. जिसके चलते यहां पर हमेशा ही भाविक श्रध्दालुओं का आना जाना लगा रहता है. विशेष तौर पर शनिवार मंगलवार को श्रध्दालुओं की अच्छी खासी भीड रहती है. वहीं अब आगामी 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर मंदिर में लाखों श्रध्दालु उपस्थित रहेंगे. जिसके चलते चांगापुर फाटे से चांगापुर मंदिर की ओर आनेवाले रास्ते पर भाविक श्रध्दालुओं एवं उनके वाहनों की अच्छी खासी आवाजाही रहेगी. उस समय इस बेहद संकरे से रेलवे अंडरपास के चलते इस परिसर में ट्रॉफीक जाम और सडक हादसे होने की पूरी संभावना है. इस बात की रेल प्रशासन द्बारा अनदेखी की गई है.

चांगापुर नरेश हनुमान मंदिर संस्थान की प्रबंधन समिति से जुडे बंकटलाल लढ्ढा ने दैनिक अमरावती मंडल के साथ बातचीत में चांगापुर रेलवे अंडरपास के निर्माण पर कडा असंतोष व तीव्र विरोध जताते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन द्बारा जमीनी स्तर पर कोई सर्वे नहीं किया गया. बल्कि करोडों रूपयों का खर्च करते हुए मनमाने तरीके से इस रेलवे अंडरपास का निर्माण कराया गया. जो परिसर में रहनेवाले लोगों के लिहाज से किसी भी काम का नहीं. अत: इस रेलवे अंडरपास को तुरंत बंद कराते हुए यहां पर कोई अन्य व्यवस्था की जानी चाहिए.

चांगापुर मंदिर परिसर में दैनिक अमरावती मंडल की टीम के साथ बातचीत करते हुए जयनारायण जयस्वाल ने कहा कि वे हमेशा ही चांगापुर नरेश के दर्शन हेतु आते हैं. परंतु उन्हें पिछले कुछ दिनों से रेलवे अंडरपास से होकर आना जाना करने में काफी समस्याओं व दिक्कतों का सामना करना पड रहा है. यह रेलवे अंडरपास आवाजाही के लिहाज से बिल्कुल भी योग्य और उपयोगी नहीं है. बल्कि इस रेलवे अंडरपास में कभी भी कोई बडा सडक हादसा घटित होने की संभावना बनी रहेगी. जिसके चलते रेलवे प्रशासन के अधिकारियों ने तुरंत ही किसी अन्य पर्याय पर विचार करना चाहिए.

चांगापुर के पुजारी दीपक शर्मा ने रेलवे अंडरपास को घटिया और निकृष्ट निर्माण का उदाहरण बताते हुए कहा कि इस रेलवे अंडरपास की वजह से चांगापुर परिसरवासियों सहित चांगापुर मंदिर में आने जानेवाले लोगों को काफी समस्याओं व दिक्कतों का सामना करना पडेगा. यह रेलवे अंडरपास पूरी तरह से निरूपयोगी व असुरक्षित है. जिसे रेलवे प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए खुला करने की बजाय बंद कर देना चाहिए और किसी अन्य पर्याय पर अमल करना चाहिए.

किसी काम का भी नहीं अंडरपास
चांगापुर मंदिर के ही एक अन्य पुजारी जयंत पाण्डेय ने दैनिक अमरावती मंडल की टीम के साथ बातचीत में कहा कि चाांगापुर मार्ग की रेलवे क्रॉसिंग पर बनाया गया रेलवे अंडरपास किसी भी लिहाज से किसी काम का नहीं है. अत: इसे तुरंत बंद करवा दिया जाना चाहिए. अन्यथा इस रेलवे अंडरपास में कई लोगों की जाने जा सकती है. इस बात को ध्यान में रखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस रेलवे अंडरपास के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और रेल प्रशासन ने किसी अन्य पर्याय पर विचार करना चाहिए.

लोगों की सुविधा का तो ध्यान रखना चाहिए था
चांगापुर नरेश हनुमान के परम भक्त एवं नियमित सेवादार गोवर्धन पुरसवानी ने इस बारे में दैनिक अमरावती मंडल के साथ चर्चा करते हुए बताया कि सरकार एवं प्रशाासन द्बारा आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान मे ंरखते हुए पुल अथवा अंडरपास का निर्माण करना अपेक्षित होता है. लेकिन चांगापुर रेलवे अंडरपास के मामले में इससे ठीक उलट काम हुआ है. जहां पर इस परिसर में रहनेवाले लोगों के साथ- साथ इस परिसर में आने जानेवाले लोगों की सुविधाओं का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया. बल्कि उन्हें होनेवाली असुविधाओं और दिक्कतों की साफ तौर पर अनदेखी की गई है. यही वजह रही कि चांगापुर रेलवे क्रॉसिंग पर मनमाने ढंग से बिल्कुल ही आडा-टेढा रेलवे अंडरपास बनाकर रख दिया गया है जो किसी भी काम का नहीं है, बल्कि पूरी तरह से निरूपयोगी और असुरक्षित है.्





