शक्ति कानून संशोधन विधेयक मंजूर

दो बडे प्रावधान किये गये शामिल

* विपक्ष ने कहा कई बार पुरुषों के खिलाफ होता बेजा इस्तेमाल
मुंबई /दि.25- विधानमंडल के बजट सत्र के आखिरी दिन शक्ति कानून संशोधन विधेयक पारित हो गया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधेयक के माध्यम से भारतीय न्याय संहिता में शक्ति कानून की दो धाराओं को शामिल करने का प्रस्ताव दोनों सदनों में रखा. सीएम ने कहा कि, कानून में जो परिवर्तन किया गया है, उसे स्वीकृति के लिए केंद्र को भेजा जाएगा.
सीएम ने यह भी कहा कि, अब तक रेप और ऐसे अपराधों में पीडिता का नाम घोषित नहीं किया जाता था. अब एसिड पीडिता का भी नाम जारी नहीं किया जा सकेगा. दूसरा संशोधन डिजिटल मीडिया पर भी महिला की बदनामी की तो उसे यौन अपराध की अलग-अलग श्रेणी में रखा जा सकेगा. इस संशोधन से टेलिफोन, ईमेल या सोशल मीडिया अथवा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल माध्यम पर कोई भद्दा संवाद करना, महिला के शरीर का कोई वास्तविक भाग अथवा बनावटी चित्रण आदि सभी बातें अपराध की श्रेणी में मानी जाएगी.
विपक्ष के भास्कर जाधव ने अजीब मांग रखी. उन्होंने कहा कि, पुुरुषों के हित में भी कानून लाया जाना चाहिए. वहीं शिवसेना के अनिल परब ने कहा कि, कई बार देखा गया कि, कानून का दुरुपयोग कर अपराध दर्ज करवाया गया. मारपीट के प्रकरण में भी विनयभंग का गुना दाखिल किया जाता है. कई राजनेताओं पर भी विनयभंग के अपराध दर्ज किये जाते है. कम से कम सदन के लोगों को इस प्रकार के मामलात से छुटकारा मिलना चाहिए.

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