‘श्री पिंगला देवी’ के दर्शन के लिए उमडी भाविकों की भीड

चैत्र नवरात्रि निमित्त विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन

नांदूरा पिंगलाई/दि.26 – लाखों भाविकों की आराध्य दैवत व श्रद्धा स्थान स्थानीय श्री क्षेत्र पिंगलादेवी गढ पर चैत्र नवरात्र की शुरुआत गुढी पाडवा से हुई. जिसमें सत्यशक्ति पाठ व महायज्ञ से वातावरण में चैतन्य निर्माण हुआ है. मां पिंगलादेवी के दर्शन के लिए बडी संख्या में भाविकों की भीड गढ पर उमडी.
जिले के प्राचीन पिंगलादेवी के मंदिर में देवी का आकर्षक श्रृंगार किया गया. माहुर गढ की रेणुका माता व पिंगलादेवी दोनों ही बहन है, ऐसा कहा जाता है. भक्तिमय तथा धार्मिक वातावरण में गुढी पाडवा से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हुई. जिसमें पिंगलादेवी की महापूजा की गई. उसके पश्चात रोजाना श्रृंगार, महाआरती, भजन, सप्तशति पाठ, महायज्ञ ऐसे विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन यहां किया गया है. माता के जयघोष, ताल, मृदंग के निनाद में घटस्थापना की गई थी. शरद नवरात्र हो या चैत्र नवरात्र यहां पिंगलादेवी के दर्शन लेने के लिए भाविकों की भीड उमडती है. फिलहाल मंदिर के जिर्णोद्धार का कार्य शुरु है.
मंदिर के जिर्णोद्धार का काम शुरु रहते हुए भी यहां देवी की पूजा, धार्मिक विधि, अखंड रुप से जारी है. मंदिर के पुजारी संदीप मारुडकर यह स्वयं धार्मिक विधि संपन्न करवाते है. नवरात्र के पहले दिन ध्वजारोहण व गुढी साकार की गई और पहली माला अर्पित करने के पश्चात मंदिर में पिंगलादेवी की महिमा वाले सप्तशति के पाठ का सामुहिक पठन शुरु हुआ.
पवित्र सप्तशति के पाठ से वातावरण भक्तिमय हुआ. रोजाना दोपहर 12.30 बजे महाआरती व महापूजा की जाती है. सप्तमी व अष्ठमी के मुहूर्त पर बुधवार 25 मार्च को हुआ सप्तशति का महायज्ञ यह उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा. प्रियादेवी गढ पर आने वाले भाविकों को देवी के सहज दर्शन, शुद्ध पेयजल व आदि आवश्यक सुविधाएं विश्वस्त मंडल के पदाधिकारियों द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है. विश्वस्त मंडल के पदाधिकारी दिन-रात अथक प्रयास कर रहे है. आज 26 मार्च रामनवमी के दिन नवरात्र महोत्सव का समापन हुआ.

* सभी मनोकामना पूरी करती है पिंगलादेवी
नांदूरा पिंगलाई स्थित पिंगलादेवी देवी मंदिर संस्थान प्राचीन और जागृत है. यहां माता की स्वयंभू तेजस्वी मूर्ति को देखते ही भाविकों के मन का अज्ञान व अंधकार दूर हो जाता है और ज्ञान के प्रकाश की ज्योत तीव्र हो जाती है. माता सभी की मनोकामना पूर्ण करती है. ऐसी भाविकों की धारणा है. यहां आने वाले भाविकों के लिए सभी सुविधाएं संस्था अध्यक्ष विनित पाखोडे, सचिव आशीष मारुडकर द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है. चैत्र और शरदीय नवरात्र में यहां भाविकों की भीड दर्शन के लिए उमडती है.

* हजारों की संख्या में आते है भाविक
अमरावती से 35 किमी की दूरी पर स्थित पिंगलादेवी गढ पर संपूर्ण जिले व आसपास के क्षेत्र से चैत्र नवरात्रि महोत्सव के दौरान भाविक दर्शन करने के लिए आते हैं. मोटरसाइकिल, कार व कुछ भाविक एसटी बस और ऑटो से भी दर्शन के लिए आते है. मंदिर तक पहुंचने के लिए महाद्वार तैयार किया गया है. नवरात्र के दौरान गढ पर जाने के लिए रास्ते की दुरुस्ती भी की गई है. यहां मंदिर के जिर्णोद्धार का भी कार्य शुरु है. गढ पर नवरात्र के दौरान प्रसन्नता का वातावरण दिखाई देता है.

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