भोंदूबाबा खरात को सहायता करनेवाले सभी लोगों से होगी पूछताछ

अब तक 8 मामले दर्ज, सीएम फडणवीस की विधानसभा में जानकारी

* मोबाईल से डिलिट किया डेटा भी निकाला जाएगा
मुंबई/दि.26 – खुद को भगवान का अवतार कहनेवाले भोंदू बाबा अशोक खरात प्रकरण में जीन व्यक्तियों के खिलाफ सबूत मिलेगा उन सभी से पूछताछ की जाएगी. साथ ही इस प्रकरण में आरोपी को सहायता करनेवाले और उनसे हित संबंध रहनेवाले व्यक्तियों की भी जांच की जाएगी, ऐसी स्पष्ट चेतावनी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी हैं. इस प्रकरण में पुलिस पर दबाव डालनेवाले अथवा हस्तक्षेप करनेवाले किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, ऐसी चेतावनी भी उन्होंने मंगलवार को विधानसभा में दी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भोंदूबाबा खरात बाबत विधानसभा में विस्तृत निवेदन किया. अनेक राजनीतिक नेताओं के खरात के साथ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राजनीति में हैं. किसका फोटो किसके साथ हैं, इस बात पर से वह आरोपी नहीं होता. भोंदूबाबा खरात के मोबाईल की फॉरेन्सिक जांच शुरू हैं. डेटा रिट्रिव करने का काम शुरू हैं. मुंबई के फॉरेन्सिक लैब में उनके मोबाइल का डिलिट किया डेटा निकाला जानेवाला हैं. उसकी सहायता से खरात के साथ किसने संपर्क किया है क्या? किसी ने मैसेज किया हैं क्या? इस बाबत जानकारी सामने आएगी. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खरात के विरोध में दर्ज हुए गंभीर मामलो और उसके नाम पर रही संपत्ति की सूची भी पढकर बताई.

* बेहोशी की दवा देकर महिलाओं पर दुष्कर्म
अशोक खरात ने खुद के पास देवी शक्ति रहने का झूठा दावा करते हुए अनेक महिलाओं का विश्वास हासिल किया. धार्मिक विधि, मंत्र-तंत्र और अंधश्रध्दा का आधार लेते हुए महिलाओं को जाल में फंसाकर, दुराचार, अश्लिल कृत्य करने की बात जांच में सामने आई हैं. कुछ प्रकरणों में महिलाओं को बेहोशी की दवा देकर दुष्कर्म करने की बात भी सामने आई हैं, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा. इस प्रकरण में अब तक कुल आठ मामले दर्ज हुए हैं. 6 पीडित महिलाओं की शिकायत पर कार्रवाई की गई हैं. एसआईटी के जरिए जांच शुरू हैं. जांच के दौरान और कुछ पीडित महिलाओं की तलाश की जा रही हैं. उनका और उनके परिवार का समुपदेशन कर शिकायत दर्ज करने तैयार किए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री फडणवीस ने दी.

* आर्थिक व्यवहार की गहन जांच
– जांच में आरोपी के पास नाशिक, अहमद नगर, शिर्डी, नवी मुंबई आदि स्थानों पर जमीन, प्लॉट, कार्यालय तथा करोडो रुपए की संपत्ति रहने की बात सामने आई हैं. आयकर विभाग से समन्वय किया जा रहा हैं. इसमें शासकीय अधिकारियों ने मिलीभगत की होगी तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
– सोशल मीडिया पर वायरल हुए पीडिताओं के फोटो और वीडियो हटाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं. संबंधित प्लेटफॉर्म को सूचना देकर ऐसी सामग्री पर पाबंदी लाने की कार्रवाई शुरू हैं. पीडित महिला का समुपदेशन, सुरक्षा और न्याय दिलवाने के लिए शासन कटिबध्द हैं. शेष संभावित पीडिताओं को सामने आकर शिकायत दर्ज करने का आवाहन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया हैं.

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