प्री-स्कूल पर सरकार की सख्ती

बिना पंजीकरण चल रही संस्थाओं पर लगेगी लगाम

अमरावती/दि.26 – शहर और जिले में तेजी से बढ़ रहे प्री-स्कूल, प्ले-स्कूल और किंडरगार्टन पर अब सरकार सख्ती करने की तैयारी में है. बिना किसी पंजीकरण और नियंत्रण के संचालित हो रही इन पूर्व-प्राथमिक शालाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही विशेष कानून लाने जा रही है.
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में गलियों और मोहल्लों में बड़ी संख्या में निजी प्री-स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां सरकारी नियंत्रण के अभाव में मनमानी फीस वसूली जा रही है. अभिभावकों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है, जबकि कई जगहों पर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है. कई प्री-स्कूल इमारतों के पार्किंग या आवासीय फ्लैट में चल रहे हैं. सीमित जगह, खेलने के मैदान का अभाव और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था जैसी गंभीर कमियां सामने आई हैं. इसके बावजूद अभिभावकों से ऊंची फीस वसूली जा रही है.
सरकार के प्रस्तावित नियमों के तहत सभी प्री-स्कूल के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा. संस्थाओं को अपनी जानकारी-जैसे कक्षाएं, प्रबंधन, छात्र संख्या, भौतिक सुविधाएं, शिक्षक व अन्य कर्मचारियों का विवरण-सरकारी पोर्टल पर दर्ज करना होगा. नए नियमों के तहत शिक्षकों की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता, प्रमाणपत्र, इमारत का पूर्णता प्रमाणपत्र और स्वच्छता प्रमाणपत्र की जांच की जाएगी. साथ ही 20 बच्चों पर एक शिक्षक का अनुपात और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा.
जानकारी के मुताबिक अमरावती शहर और जिले में 250 से अधिक प्री-स्कूल संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से बहुत कम ने औपचारिक पंजीकरण कराया है, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं. सरकार इस क्षेत्र में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला से लेकर राज्य स्तर तक एक सक्षम प्राधिकरण नियुक्त करेगी, जो इन संस्थाओं की निगरानी करेगा. शिक्षा विभाग के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना तथा अभिभावकों को अनियमितताओं से राहत दिलाना है.

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