आज शहर में केवल 2 व जिले में 8 टैंकर पहुंचे

पेट्रोल व डीजल की चल रही जबरदस्त किल्लत

* 200 में से 100 पेट्रोल पंपों पर लटके ताले
* प्रशासन के दावे साबित हो रहे ‘हवाहवाई’
* आम नागरिक हैरान-परेशान व हलाकान
* सभी पेट्रोल पंपों पर वाहनधारकों की लगी लंबी-लंबी कतारे
अमरावती/दि.26 – अमरावती शहर सहित जिले में लगभग 200 के आसपास पेट्रोल पंप है. जिनके जरिए इससे पहले रोजाना 11 लाख लीटर इंधन की खपत हुआ करती थी और अकोला के गायगांव स्थित डिपो से रोजाना 500 टैंकरों के जरिए पेट्रोल पंपों को पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति हुआ करती थी. लेकिन आज स्थिति यह है कि, पिछले 48 घंटों के दौरान जिले के 200 में से लगभग 100 पेट्रोल पंप पूरी तरह से खाली होकर बंद पडे है और आज दिनभर के दौरान अमरावती शहर में केवल 2 तथा जिले में केवल 8 टैंकर ही पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति हो पाई. जिसका सीधा मतलब है कि, पेट्रोल व डीजल की जबरदस्त किल्लत है. ऐसे में प्रशासन द्वारा ‘ऑल इज वेल’ को लेकर किए जा रहे सभी दावे पूरी तरह से ‘हवाहवाई’ कहे जा सकते है.
बता दें कि, अमरावती से करीब 113 किमी की दूरी पर अकोला जिले के गायगांव में स्थित पेट्रोलियम डिपो से अमरावती सहित अकोला, यवतमाल, वाशिम, बुलढाणा, जलगांव, नांदेड व हिंगोली ऐसे 8 जिलो के डेढ हजार के आसपास पेट्रोल पंपों को पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति होती है. गायगांव में भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्थान पेट्रोलियम व इंडियन ऑईल जैसी तीन प्रमुख कंपनियों के सप्लाय डिपो है. जिनके द्वारा अपने-अपने पेट्रोल पंपों को पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति करने हेतु 15 दिन पहले तक रोजाना लगभग 500 टैंकर रवाना किए जाते थे. जिसके तहत अकेले अमरावती जिले में ही रोजाना 80 से 90 टैंकरों के जरिए पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति हुआ करती थी. लेकिन आज यह स्थिति है कि, आज दिनभर के दौरान अमरावती जिले में केवल 8 टैंकर ही पहुंच पाए. जिसमें से अमरावती शहर के हिस्से में केवल 2 टैंकर ही रहे. जिसमें से एक टैंकर बडनेरा रोड स्थित जयका पेट्रोल पंप तथा दूसरा टैंकर विद्यापीठ परिसर में मार्डी रोड स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचा. इन आंकडों को देखते हुए साफ तौर पर समझा जा सकता है कि, पेट्रोल व डीजल को लेकर जबरदस्त किल्लत बनी हुई है और प्रशासन द्वारा इंधन की उपलब्धता को लेकर किए जा रहे दावों का हकीकत में कोई तुक नहीं है.
इस संदर्भ में दैनिक ‘अमरावती मंडल’ द्वारा की गई पडताल में पता चला कि, पहले जहां पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा

पेट्रोल व डीजल की मांग के साथ पेमेंट का चालान भेजे जाने के तुरंत बाद डिपो से पेट्रोल व डीजल का टैंकर रवाना हो जाता था. वहीं इस समय पूरा पेमेंट एडवांस में भेजने के बावजूद पेट्रोल पंप संचालकों के टैंकर डिपो में तीन-तीन या चार-चार दिन माल लोड होने की प्रतीक्षा करते हुए खडे रह रहे है. जिसके चलते संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों को माल मिलने में काफी देरी हो रही है और इस बीच पेट्रोल पंप के भूमिगत टैंकों में पेट्रोल व डीजल का स्टॉक खत्म होते ही पेट्रोल पंप को ‘स्टॉक आऊट’ का बोर्ड लगाकर बंद रखना पड रहा है.

* जानबुझकर सताया जा रहा पेट्रोल पंप संचालकों को
इस संदर्भ में जानकारी व प्रतिक्रिया हेतु संपर्क किए जाने पर अमरावती पेट्रोल पंप डिलर्स एसो. के अध्यक्ष भारत मोरे ने साफ शब्दों में कहा कि, अमरावती जिले में पेट्रोल व डीजल की स्पष्ट तौर पर किल्लत है. यही वजह है कि, आज जिले में 100 से अधिक पेट्रोल पंप बंद पडे है. भारत मोरे ने यह भी कहा कि, इस समय पेट्रोल पंप संचालक दोहरी-तिहरी मार सहन कर रहे है. एक ओर तो प्रशासन द्वारा कोई किल्लत नहीं रहने का दावा किया जा रहा है. जिस पर भरोसा करते हुए लोगबाग पेट्रोल व डीजल लेने हेतु पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे है. जहां पर पेट्रोल व डीजल नहीं मिलने पर पेट्रोल पंप के कर्मचारियों व मालिकों के साथ झगडा कर रहे है. वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालकों को डिपो द्वारा माल की पर्याप्त आपूर्ति ही नहीं दी जा रही है. बल्कि एडवांस पेमेटे देने के बावजूद टैंकरो को 2 से 3 तक डिपो में खडा रखा जा रहा है. जिसके चलते पेट्रोल पंपों पर डिपो से माल ही नहीं आ रहा है. ऐसे में पेट्रोल पंप संचालक भी आखिर क्या करे. इसके आलावा भारत मोरे का यह भी कहना रहा कि, आज राम नवमी पर सर्वजनिक अवकाश रहने के चलते सभी बैंक कार्यालय बंद थे, जो कल केवल एक दिन के लिए खुलेंगे और फिर शनिवार और रविवार को भी बैंकों में अवकाश रहेगा. ऐसे में पेट्रोल पंप संचालकों को पेट्रोलियम डिपो के नाम ऑनलाइन चालान भरकर ऑनलाइन पेमेंट भेजने में भी काफी समस्याओं और दिक्कतों का सामना करना पडेगा. वहीं दूसरी एडवांस पेमेंट देने के बावजूद भी तुरंत माल मिलने की कोई गारंटी नहीं है. जिसके चलते आनेवाले दिनों में स्थिति और भी बिकट हो सकती है.

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