रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने या एक और अंडरपास के निर्माण का पर्याय
पार्षद अनिल अग्रवाल की चेतावनी के बाद हडबडाकर जागा रेल प्रशासन

* चांगापुर रेलवे अंडरपास का दुबारा मुआयना करने पहुंचे रेलवे के इंजिनियर
* सांसद डॉ. बोंडे व महापौर तेजवानी ने भी किया रेलवे अंडरपास का मुआयना
* जनप्रतिनिधियों व रेलवे अधिकारियों के सामने जमकर फूटा चांगापुर परिसरवासियों का गुस्सा
* हनुमान जन्मोत्सव के लिए रेलवे क्रॉसिंग को दुबारा खोले जाने की उठी मांग
* रेल अधिकारियों को पार्षद अग्रवाल ने जमकर लिया आडे हाथ
* अंडरपास का नक्शा व निर्माण ही गलत रहने को लेकर सुनाए खडे बोल
अमरावती/दि.27 – समीपस्थ चांगापुर फाटे से चांगापुर नरेश हनुमान मंदिर की ओर जानेवाले मार्ग से होकर गुजरनेवाली रेलवे क्रॉसिंग पर मध्य रेलवे द्वारा बनाए गए अजिबोगरीब तथा तकनीकी तौर पर पूरी तरह से गलत रेलवे अंडरपास को लेकर गत रोज ही अमरावती मनपा के स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल ने कडी चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि, यदि आगामी 2 अप्रैल को पड रहे हनुमान जन्मोत्सव से पहले चांगापुरवासियों की इस समस्या का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकाला गया, तो इसके परिणाम ेबेहद गंभीर होंगे. पार्षद अनिल अग्रवाल द्वारा दी गई इस चेतावनी के चलते मध्य रेलवे के अभियंताओं व अधिकारियों में अच्छा-खासा हडकंप मच गया. साथ ही साथ दैनिक ‘अमरावती मंडल’ द्वारा विगत 4 दिनों से इसी मुद्दे को लेकर लगातार प्रकाशित की जा रही खबरों को राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने भी बेहद गंभीरता से लिया. जिसके बाद आज सांसद डॉ. अनिल बोंडे व महापौर श्रीचंद तेजवानी सहित रेलवे के अभियंता राणे एवं वासेकर आनन-फानन में चांगापुर रेलवे क्रॉसिंग स्थित रेलवे अंडरपास का मुआयना करने हेतु पहुंचे. जिन्हें मौके पर चांगापुरवासियों के साथ उपस्थित मनपा पार्षद अनिल अग्रवाल ने तकनीकी रुप से पूरी तरह गलत रहनेवाले रेलवे अंडरपास की तमाम त्रुटियों व खामियों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ इस रेलवे अंडरपास की वजह से परिसरवासियों को हो रही दिक्कतों के बारे में बताया. साथ ही आगामी 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव पर चांगापुर नरेश हनुमान मंदिर में उमडने वाली लाखों भाविक श्रद्धालुओं की भीड और हजारों वाहनों की आवाजाही के मद्देनजर चांगापुर रेलवे क्रॉसिंग को पहले की तरह खोलने की मांग उठाई. साथ ही साथ चांगापुर रेलवे क्रॉसिंग के उपर रेलवे ओवरब्रिज बनाने या फिर मौजूदा रेलवे अंडरपास को वनवे करते हुए रेलवे क्रॉसिंग के दूसरी ओर दूसरा वनवे बनाने का सुझाव दिया. साथ ही साथ मौजूदा रेलवे अंडरपास में तुरंत ही प्रकाश व्यवस्था करने एवं अंडरपास में पडी रेती-गिट्टी को हटाकर साफ-सफाई करते हुए सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाने का सुझाव भी दिया. इस समय पार्षद अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में चांगापुर परिसरवासियों ने सांसद डॉ. अनिल बोंडे को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया. साथ ही साथ इस समय सांसद डॉ. अनिल बोंडे व पार्षद अनिल अग्रवाल ने रेलवे उपमहाप्रबंधक स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी से मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए उन्हें चांगापुर रेलवे अंडरपास की जमीनी हकीकत से अवगत कराया. खास बात यह रही कि, इस समय रेलवे के उपमहाप्रबंधक को भी चांगापुर परिसरवासियों की ओर से चेतावनी दी गई कि, यदि 31 मार्च तक चांगापुर रेलवे क्रॉसिंग को एक बार फिर पहले की तरह खोला नहीं गया, तो रेलवे क्रॉसिंग के दोनों ओर बनाई गई सुरक्षा दीवार को चांगापुर परिसरवासियों द्वारा आंदोलन करते हुए खुद होकर तोड दिया जाएगा और रेलवे क्रॉसिंग पर समतल रास्ता बनाया जाएगा, ताकि हनुमान जन्मोत्सव निमित्त्य चांगापुर मंदिर में दर्शन हेतु आनेवाले भाविक श्रद्धालुओं को रेलवे अंडरपास से होकर न गुजरना पडे और यहां पर ट्रैफिक जाम व सडक हादसे जैसी कोई स्थिति पैदा न हो.
बता दें कि, चांगापुर परिसर में रेलवे क्रॉसिंग गेट क्र. एलसी-8 पर बनाए गए रेलवे अंडरपास की वजह से परिसरवासियों को हो रही दिक्कतों तथा आगे चलकर पैदा होनेवाली समस्याओं को लेकर दैनिक ‘अमरावती मंडल’ ने सबसे पहले आवाज उठाते हुए खबरे प्रकाशित करनी शुरु की थी और विगत तीन दिनों के दौरान चांगापुर रेलवे अंडरपास को लेकर लगातार विस्तृत समाचार भी प्रकाशित की है. जिनमें परिसरवासियों से की गई बातचीत के ब्यौरे सहित रेलवे अंडरपास की जमीनी हकीकत को लेकर जानकारी प्रकाशित करने के साथ-साथ इस रेलवे अंडरपास के निर्माण में रहनेवाली कमियों, खामियों व त्रुटियों को पूरे विस्तार के साथ प्रकाशित किया गया था. जिसमें बाकायदा नक्शे के साथ बताया गया था कि, चांगापुर फाटे से चांगापुर मंदिर की ओर जानेवाली सडक पर बेहद अंधे मोड के साथ इस रेलवे अंडरपास का निर्माण किया गया है. साथ ही इस रेलवे क्रॉसिंग के एक ओर से दूसरी ओर के बीच रहनेवाली महज 50 फीट की दूरी को तय करने के लिए करीब 500 मीटर लंबा और बेहद ढलान व घुमावदार रेलवे अंडरपास बनाया गया है. जिसके दोनों ओर के पल्लों की चौडाई मात्र 6 मीटर तथा दोनों पल्लों को जोडनेवाले जोड रास्ते की चौडाई केवल 5 मीटर रखी गई है. जहां से एक समय पर दो वाहन आमने-सामने से होकर नहीं गुजर सकते, बल्कि दो वाहनों के अकस्मात आमने-सामने आ जाने पर भीषण सडक हादसा घटित होने की संभावना भी बनी रहेगी. साथ ही साथ बारिश के मौसम दौरान जब इस रेलवे अंडरपास में पानी भर जाएगा, तब चांगापुर परिसरवासियों की आवाजाही के लिए उपलब्ध रहनेवाला यह एकमात्र रास्ता भी पूरी तरह से बंद हो जाएगा. ऐसे में स्थिति की गंभीरता एवं भविष्य में पैदा होनेवाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए दैनिक ‘अमरावती मंडल’ द्वारा विगत चार दिनों से लगातार इस मुद्दे को लेकर अपने प्रिंट व डिजिटल एडिशन में खबरे प्रकाशित एवं प्रसारित की जा रही थी.
दैनिक ‘अमरावती मंडल’ द्वारा प्रकाशित की जा रही खबरों का पहला असर यह हुआ कि, चांगापुर परिसरवासियों को अपनी आवाज उठाने के लिए एक सशक्त मंच व माध्यम मिल गया और वे जबरदस्त तरीके से लामबंद भी होने लगे. वहीं ‘अमरावती मंडल’ में प्रकाशित खबरों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए मनपा के स्वीकृत पार्षद अनिल अग्रवाल ने इस मामले को लेकर पूरी जानकारी दी तथा रेलवे प्रशासन को साफ तौर पर चेतावनी दी कि, यदि हनुमान जन्मोत्सव से पहले इस समस्या का सटीक तरीके से समाधान नहीं किया गया, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे तथा कानून व व्यवस्था के लिहाज से भी स्थिति खतरनाक हो सकती है. पार्षद अनिल अग्रवाल द्वारा दी गई इस धीर-गंभीर चेतावनी का असर यह हुआ कि, आज सुबह रेलवे ने अपने कुछ अधिकारियों को एक बार फिर चांगापुर रेलवे अंडरपास का मुआयना करने हेतु भिजवाया तथा इस बारे में पार्षद अनिल अग्रवाल को भी सूचित किया. जिसके चलते पार्षद अनिल अग्रवाल भी रेलवे अधिकारियों के साथ चांगापुर रेलवे अंडरपास का मुआयना करने हेतु पहुंचे. वहीं इस पूरे मामले की जानकारी से अवगत होते ही राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे व अमरावती महानगर पालिका के महापौर श्रीचंद तेजवानी भी चांगापुर रेलवे अंडरपास व चांगापुर नरेश हनुमान मंदिर पहुंचे थे. इन सभी गणमान्यों ने चांगापुर नरेश हनुमान मंदिर में पहले से मौजूद चांगापुर परिसरवासियों के साथ बातचीत करते हुए रेलवे अंडरपास का भी मुआयना किया.
इस समय पार्षद अनिल अग्रवाल ने रेलवे अधिकारियों के सामने रेलवे अंडरपास का बाकायदा नक्शा रखते हुए उन्हें सडक एवं अंडरपास के निर्माण संदर्भ में सरकार की ओर से तय गाइड लाइन की जानकारी दी और बताया कि, इस रेलवे अंडरपास के निर्माण में तय मापदंडों व सरकारी गाइड लाइन का खुले तौर पर उल्लंघन हुआ है तथा रेलवे के अधिकारियों व निर्माण ठेकेदार ने साफ तौर पर मनमाने ढंग से इस रेलवे अंडरपास का निर्माण किया है. जिसके चलते मौजूदा समय के साथ-साथ भविष्य में भी काफी समस्याएं पैदा होंगी. जिनसे निपटने हेतु या तो मौजूदा रेलवे अंडरपास को कायम रखते हुए रेलवे क्रॉसिंग के दूसरी तरफ एक और रेलवे अंडरपास का निर्माण किया जाए तथा दोनों रेलवे अंडरपास को वाहनों की आवाजाही के लिए वनवे रखा जाए या फिर सीधे-सीधे रेलवे क्रॉसिंग के उपर से होकर गुजरनेवाले ओवरब्रिज का निर्माण किया जाए, ताकि सडक हादसों की संभावना व भविष्य में होनेवाली समस्याओं को खत्म किया जा सके. साथ ही साथ पार्षद अनिल अग्रवाल ने रेलवे अधिकारियों के समक्ष यह प्रस्ताव भी रखा कि, आगामी 2 अप्रैल को पड रहे हनुमान जन्मोत्सव को ध्यान में रखते हुए चांगापुर रेलवे क्रॉसिंग को एक बार फिर पहले की तरह खोला जाए व सडक को समतल किया जाए, ताकि हनुमान जन्मोत्सव पर चांगापुर नरेश हनुमान मंदिर में आनेवाले 5 से 7 लाख भाविक श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई दिक्कत का सामना न करना पडे. साथ ही पार्षद अनिल अग्रवाल एवं चांगापुर परिसरवासियों ने यह चेतावनी भी दी कि, यदि 31 मार्च तक इस रेलवे क्रॉसिंग को पहले की तरह दुबारा नहीं खोला गया, तो चांगापुर परिसरवासी खुद ही रेलवे क्रॉसिंग के दोनों ओर बनाई गई सुरक्षा दीवारों को तोडते हुए सडक को पहले की तरह समतल कर देंगे. साथ ही साथ जरुरत पडने पर रेल रोको आंदोलन भी किया जाएगा.





