जाली नोट बनानेवाले दो को सजा

7-7 वर्ष की जेल, 50 हजार रूपए जुर्माना भी

नागपुर/ दि.28 – जिला व सत्र न्यायाधीश नितिन जाधव ने जाली नोट प्रकरण में दो आरोपियों जमरूल उर्फ मनीरूल हसन और अजीम शेख को 7-7 वर्ष कडी कैद की सजा सुनाई. दोनों आरोपियों को 50-50 हजार रूपए जुर्माना भी किया गया. दोनों ही आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के गांधी चौक निवासी है. कोर्ट ने सभी सबूत, गवाहों के बारीकी से सुनवाई व जांच पश्चात विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों को दोषी पाकर सजा सुनाई. नाशिक की टकसाल के विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी नकली नोट के इस प्रकरण में कोर्ट में प्रस्तुत की गई थी.
पुलिस के अनुसार 6 अगस्त 2025 की है. तहसील पुलिस की एक टीम गश्त पर थी. उन्हें गार्ड लाइन एरिया मेयो अस्पताल के पास दो संदिग्ध के पास जाली नोट होने की भनक लगी. पुलिस ने तुरंत मौके पर दौडकर आरोपी जमरूल हुसैन और अजीम शेख को दबोचा. उनकी तलाशी लेने पर 500 रूपए के 243 जाली नोट मिले. यह नकली करंसी हूबहू भारतीय मुद्रा के समान दिखाई दे रहे थे. विशेषज्ञों ने ही करंसी के नकली होने की पुष्टि की. पंचनामा पश्चात केस दर्ज किया गया.
निरीक्षक रसूल शेख ने पूर्ण तहकीकात की और अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया. सुनवाई दौरान 9 गवाह कोर्ट में जांचे गये. नाशिक टकसाल की रिपोर्ट भी रखी गई. सरकारी वकील अभय जिकार ने अभियोजन पक्ष की तरफ से पक्की दलीलें रखी. जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को कसूरवार पाया और सजा सुनाई.

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