चिखलदरा में गेबियन बांध के निर्माण पर सवाल, जांच की मांग
बा्रध का निर्माण कमजोर दर्जे का रहने का आरोप

चिखलदरा /दि.28 – चिखलदरा तहसील में लघु सिंचन विभाग द्वारा बनाए जा रहे गेबियन बांध के कार्य पर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर आपत्ति जताई है. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य निकृष्ट दर्जे का हो रहा है, जिससे बांध की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं.
स्थानीय लोगों के अनुसार, बांध निर्माण में उपयोग किए जा रहे गेबियन बॉक्स (लोहे की जाली) और पत्थरों की गुणवत्ता बेहद खराब है. साथ ही कार्य के दौरान आवश्यक तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. इससे भविष्य में बांध के टिकाऊ रहने को लेकर शंका व्यक्त की जा रही है. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कार्य की उचित निगरानी नहीं हो रही है और संबंधित अधिकारियों की अनदेखी साफ दिखाई दे रही है. कुछ स्थानों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे शासन के धन के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया जा रहा है. ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए.
* क्या होता है गेबियन बांध?
गेबियन बांध लोहे की जाली में पत्थर भरकर बनाया जाने वाला एक अस्थायी बांध होता है, जिसका उपयोग पानी के प्रवाह को धीमा कर जलसंचय बढ़ाने के लिए किया जाता है. यदि निर्माण में गुणवत्ता नहीं रखी जाए, तो इसके जल्दी क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है.





